उत्तर प्रदेश में हुई 69000 शिक्षक भर्ती में धांधली के मिल रहे संकेत,इस भर्ती की CBI जाँच करवाए राज्य सरकार-बंटी पाण्डेय

अभी हाल ही में 69000 शिक्षक भर्ती का रिजल्ट आया है जिसमें धांधली के पूर्ण रूप से साक्ष्य और संकेत देखने को सोशल मीडिया पर मिल रहे हैं बहुत से साक्ष्य मुझे भी लोगों के द्वारा भेजे गए है जिसे देखकर यह निष्कर्ष निकलता है कि इस भर्ती में बड़ा घोटाला हुआ है। यह परीक्षा 6 जनवरी 2019 को हुई थी सोशल मीडिया पर 5 जनवरी को ही उत्तर कुंजी वायरल हो गई थी लोगों का कहना है कि वह यूट्यूब पर उत्तर कुंजी बहुत दिनों तक पढ़ी हुई थी लेकिन हाल ही में यूट्यूब से वह उत्तर कुंजी हटा दी गई लेकिन लोगों के पास वह वीडियो अभी भी सुरक्षित है। जब परीक्षा देकर परीक्षार्थी आए तो कुछ लोगों ने एवं कुछ संगठनों ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई लेकिन उनकी आवाज धीरे धीरे धीमे हो गई। कुछ संगठनों ने भी धांधली के प्रति आवाज उठाई थी लगातार एक महीने धरने पर बैठे थे पीएनपी इलाहाबाद में और न्यायालय में याचिका भी डाली थी लेकिन याचिका अभी भी कोर्ट में लंबवत है उसका परिणाम अभी तक निकल कर नहीं आया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों की मार्कशीट  वायरल हो रही है जिसमें यह दिखाया जा रहा है कि अभ्यर्थी 2018 टेट की परीक्षा में मात्र 83 नंबर के साथ उत्तीर्ण होता है, ठीक उसके 25 दिन बाद सुपर टेट का पेपर होता है उसमें उस अभ्यर्थी के 143 नंबर आते हैं ,और उनके परिवार के सभी सदस्यों के 135 के ऊपर नंबर आते हैं और सोशल मीडिया पर बहुत सारी ऐसी मार्कशीट एवम वायस रिकॉर्डिंग वायरल हो रही हैं जिसे देखने और सुनने के बाद ये अंदाज लगाया जा रहा कि इस भर्ती में महाघोटाला हुआ है।कोई भी अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए तैयार नहीं है आखिर क्यों मेरा उत्तर प्रदेश सरकार से एक विनम्र अनुरोध है कि इस परीक्षा में जो भी अभ्यर्थी 135 के ऊपर नंबर लाए हैं मैं उन सभी अभ्यर्थियों का सम्मान करता हूं लेकिन वहीं अभ्यर्थी टेट 2018 की परीक्षा में 83 नंबर के साथ उत्तीर्ण हुए तब उनका ज्ञान कहा चला गया था जो 83 तक सीमित रह गए आखिर क्यों!तब उनका ज्ञान कहां चला गया।लोगो के द्वारा मिली सूचना के अनुसार प्रयागराज एवम जौनपुर के कुछ ऐसे विद्यालय हैं जहाँ सामूहिक रूप से नकल हुई है।वह सभी अभ्यर्थियों के 135 से 145 नम्बर हैं।लोगों  के द्वारा ट्विटर पर अभियान चलाया जा रहा है 69000 शिक्षक भर्ती की सीबीआई जांच हो एवं 69000 शिक्षक भर्ती रद्द हो है।अभी हाल ही में इसी महीने में बिहार में 34000 शिक्षक भर्ती हुई थी इस परीक्षा में भी स्थिति हुबहू यही थी जो उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती में देखने को मिल रही है लेकिन बिहार में 34000 शिक्षक भर्ती की जांच होती है तो नतीजा यह निकलता है कि भर्ती रद्द कर दी जाती है लेकिन उत्तर प्रदेश में आखिरकार ऐसा क्यों जाँच के आदेश अभी भी नहीं दिए जा रहे हैं ।माननीय मुख्यमंत्री  श्री आदित्य योगी नाथ जी जांच के आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं।अभ्यर्थियों का मानना है कि इस परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई है इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार को इस भर्ती की जांच अवश्य करानी चाहिए।इस भर्ती की चयन प्रक्रिया के पहले  इस भर्ती की जांच आवश्यक हो गयी है क्योंकि इसमें धांधली के बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं।भर्ती प्रक्रिया में अगर जांच सही पाई जाती है एवम नकल के आसार दिखते हैं तो भर्ती रद्द करके पुनः यह भर्ती प्रक्रिया कराई जाए जिससे योग्य अध्यापक उत्तरप्रदेश को मिल सके।एक तरफ योगी आदित्यनाथ जी कहते हैं कि हमें योग्य अध्यापक चाहिए अगर योग्य अध्यापक को ही नियुक्ति करना है तो इस भर्ती की पहले जांच कराइए परिणाम आपके सामने होगा कि कितने लोग योग्य हैं कितने लोग अयोग्य हैं। प्रतियोगी विद्यार्थियों का मानना है कि वह मेहनत करके 100 से 125 तक नंबर ही ला पाए,लेकिन जिन लोगों ने धांधली किया उनके 135 से 144 नंबर है।कुछ लोग तो ये भी दावा कर रहे कि जिनके 144 नम्बर है उनसे साक्षात्कार करवा लीजिये परिणाम स्वतः निकल जायेगा। कुछ ऐसी चीजें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिन्हें देखकर यह स्प्ष्ट होता है कि इस भर्ती में बड़े स्तर पर धांधली हुई है।जहाँ एक तरफ प्रतियोगी छात्र न्याय की मांग कर रहे है वही  कुछ छात्र लखनऊ के पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर जी को मैसेज कर रहे है जो उन विद्यार्थियों की आवाज बनकर सामने आरहे है और दिलाशा दिला रहे हैं कि इस भर्ती की जांच अवश्य करवाई जाएगी।लोगो का मानना है कि अगर इस भर्ती की जांच हुई तो यह भर्ती निश्चित रूप से रद्द होगी।

Bunty Pandey✍️✍️✍️✍️

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