69000 सहायक शिक्षक भर्ती का एक और मामला आया सामने। धांधली मामले में एक और अभ्यर्थी प्रयागराज में गिरफ्तार

प्रयागराज:-

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में धांधली मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। परीक्षा में बतौर अभ्यर्थी शामिल होने वाले और सरगना केएल पटेल के मददगार बलवंत कुमार को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ अफसरों ने बताया कि वह खुद परीक्षा में बैठने के साथ ही सरगना तक अभ्यर्थियों को लानेे का काम करता था। एसटीएफ स्थानीय इकाई के इंस्पेक्टर केशवचंद्र राय ने आरोपी को फाफामऊ मेें गोहरी रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया। सूचना मिली थी कि वह नैनी जेल में बंद सरगना केएल पटेल से मिलने आने वाला है। एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी बलवंत ने बताया कि वह बस्ती जिले के कनवारी थाना स्थित कनैला खास का रहने वाला है।69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में वह खुद अभ्यर्थी था और मामले में जेल भेजे जा चुके कमल पटेल व शशिकृष्ण सरोज के माध्यम से सरगना केएल पटेल के संपर्क में आया था। पहले उसने खुद परीक्षा पास करने के लिए सेटिंग की और फिर अन्य कई अभ्यर्थियों को भी गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों से मिलवाने का काम करने लगा। बता दें कि मामले में सरगना केएल पटेल समेत 11 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं जिनमें दो अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल व विनोद कुमार शामिल हैं।

पांच लाख में हुई थी डील, दो लाख एडवांस

आरोपी बलवंत ने पूछताछ में बताया कि सरगना केएल पटेल ने उसे पांच लाख में परीक्षा पास कराने की बात तय की थी। जिसमें से दो लाख रुपये उसने एडवांस दिए थे। बाद में कमीशन का लालच मिलने पर वह अपने जानने वाले अन्य अभ्यर्थियों को भी गिरोह के लोगों से मिलवाने लगा।

परीक्षा में मिले 120 अंक

एसटीएफ अफसरों ने बताया कि आरोपी बलवंत न सिर्फ 69 हजार भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ बल्कि परीक्षा पास भी की। उसे 120 अंक मिले। पूछताछ में उसने बताया कि केएल पटेल एंड कंपनी ने अन्य अभ्यर्थियों की तरह उसे भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये नकल कराई।

पिता किसान, इंटर कॉलेज मेें पढ़ाता भी था आरोपी

गिरफ्तार किया गया बलवंत के पिता किसान हैं जबकि वह परीक्षाओं के संबंध में प्रयागराज आता-जाता रहता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कराने वाले गिराह के सदस्यों से हुई जिसके बाद वह सरगना तक पहुंचा। वह बस्ती के इंटर कॉलेज में पढ़ाता भी था। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती के फर्जीवाड़े में वांटेड आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी एसटीएफ ने शनिवार को सिविल लाइंस से बस्ती के बलवंत पटेल को  गिरफ्तार कर लिया। इस मुकदमे में वांटेड मायापति को छोड़ अन्य सभी सात आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी करा लिया है। मायापति को कोर्ट की ओर से 4 हफ्ते का समय सरेंडर करने का मिला है।एसटीएफ प्रभारी नीरज पांडेय ने बताया कि  एसटीएफ को 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में फरार बस्ती के बलवंत के बारे में सूचना मिली थी कि वह नैनी जेल बंद डॉ. केएल पटेल से मिलने जाने वाला है। इसी सूचना पर घेराबंदी करके बलवंत को सिविल लाइंस में गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में बलवंत ने बताया कि वह अरविंद चौधरी के माध्यम से कमल पटेल से मिला। कमल पटेल से परीक्षा पास कराने के लिए पांच लाख में सौदा हुआ था, जिसमें उसने दो लाख रुपया एडवांस दिया था। बाकी तीन लाख परिणाम आने के बाद देना था। इस दौरान कमल पटेल और शशि प्रकाश सरोज आदि लोगों से मिलकर और गैंग के सरगना डॉ. केएल पटेल के लिए काम भी करने लगा। डॉ. पटेल ने उसे पांच लाख कमीशन देने की बात कही थी। बताया कि इस मुकदमे में वांटेड मायापति को छोड़कर अन्य आरोपी स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव, संदीप, दुर्गेश, शिवम और सत्यम समेत अन्य के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी है।

अब तक 12 आरोपियों को जेल

69000 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी राहुल सिंह ने सोरांव थाने में जून 2020 को रूद्रपति दुबे, शशि प्रकाश, कृष्ण सरोज, कमल पटेल, रंजीत, डॉक्टर कृष्ण लाल पटेल, मायापति दुबे, धर्मेंद्र सरोज के खिलाफ पैसा लेकर भर्ती में परीक्षा पास कराने में ठगी करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में सोरांव पुलिस ने अभ्यर्थी धर्मेंद्र पटेल समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अन्य आरोपी विवेचना में प्रकाश में आए थे, जिसमें स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव में शामिल था। बाद में इस प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई। शनिवार को एसटीएफ ने पहली गिरफ्तारी की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *