अजीत जोगी ने सीपीआई से किया अब गठबंधन

रिपोर्ट छत्तीसगढ़ से

बीएसपी के समझौते के बाद, छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने 14 अक्टूबर को अजीत जोगी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीपीआई के साथ चुनाव से पहले ही गठबंधन की घोषणा कर दी है। गठबंधन की शर्तों के मुताबिक, सीपीआई को दक्षिण बस्तर – दंतेवाड़ा और कोंटा में दो सीटें दी जाएंगी – जहां पार्टी की काफी उपस्थिति है। इन दोनों सीटों पर 12 नबवंर को चुनाव होगा।
कांग्रेस भी कोंटा से मनीष कुंजम जैसे वरिष्ठ सीपीआई नेताओं के संपर्क में रही थी। सीटों को लेकर बात नहीं बनी और कुछ रिजल्ट नहीं निकला। दरअसल सीपीआई ने दो सीटों की मांग की। सीपीआई ने जिन सीटों की मांग की उन पर अभी कांग्रेस के सिटिंग विधायक है। इनमें दंतेवाड़ा से मौजूदा विधायक मूर्ति कर्म हैं, यह छत्तीसगढ़ में मारे गए महेंद्र की पत्नी हैं। जबकि कोंटा विधायक कावासा लखमा विपक्ष के उप नेता भी हैं।

इन दोनों सीटों में अब तीन पार्टियों की लड़ाई है। विशेष रूप से कोंटा सीट पर जहां पूर्व विधायक मनीष कुंजम पहले से ही अभियान चला रहे हैं। 2013 के चुनाव में, यहां कांग्रेस फर्स्ट, बीजेपी सेकंड और सीपीआई दोनों सीटों पर तीसरे नंबर पर थी। लेकिन दोनों सीटों पर वोटिंग फीसदी की बात करें तो दंतेवाड़ा में सीपीआई को 11.96 फीसदी वोट और कोंटा में 26 फीसदी वोट मिले थे। वहीं बीएसपी को दंतेवाड़ा में 2.78 फीसदी वोट और कोंटा में 3.4 फीसदी वोट मिले थे।

 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नया समझौता “कांग्रेस को नुकसान नहीं पहुंचाएगा” और केवल “स्थिति समान” रखेगा। बस्तर के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “सीपीआई की दो सीटों को देना असंभव था। तो यह हमेशा की स्थिति में लौट आया है, जहां सीपीआई एक प्लेयर है। हमें निश्चित रूप से सावधान रहना चाहिए, लेकिन इससे तस्वीर ज्यादा नहीं बदली है।

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