पुराने प्रोजेक्ट पर शिलान्यास कर अपना नाम कर रही भाजपा

 

 

खबर चन्दौली से

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं चंदौली के सांसद  महेन्द्र नाथ पांडेय ने चंदौली के मटकुट्टा रेलवे फाटक के पास आयोजित सभा में चंदौली में 400 करोड़ की लागत से बनने वाले आठ रेलवे ओवर ब्रिजों का शिलान्यास किया जबकि ये सभी आर•ओ•बी•2013 से 2015 के बीच ही स्वीकृत हो चुके हैं, आठ ही नहीं बल्कि कुल 11 आर• ओ• बी• पास हुए जिनकी लागत 400 करोड़ नहीं बल्कि सांसद जी की जानकारी के लिए बता दूँ कि 500 करोड़ रुपए हैं। चुनावी साल में माननीय सांसद चंदौली सिर्फ शिलान्यास कर रहे हैं, वह भी ऐसे रेलवे ओवर ब्रिजों का जो कि तीन साल पहले ही स्वीकृत हुआ था, और रेलवे ओवर ब्रिज 76/ए गंजख्वाजा चंदौली को 2013-14व76/सी को 2015-16 में ही स्वीकृति मिल गयी थी, अगर उस समय इनका शिलान्यास हो गया होता तो अब तक चंदौली की विकास यात्रा काफी आगे होती और ये ROB बन कर तैयार हो गए होते— –यह खुलासा वरिष्ठ अधिवक्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्टों की संस्था “रक्त ” के अध्यक्ष एवंं आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता  द्वारा रेलवे विभाग से आरटीआई एक्ट के तहत ली गई जानकारी से हुआ—
एक आर टी आई कार्यकर्त्ता द्वारा ली गयी जानकारी के हिसाब से ये सारे रेलवे ओवर ब्रिज सन2013से 2015 के वर्ष में ही पास हो चुके थे ।मुगलसराय से एक आरटीआई मांगी गई थी जिसमें उन्होने रेलवे विभाग से पूछा था कि जनपद चंदौली के कितने स् थान पर रेलवे विभाग द्वारा रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की स्वीकृति मिली है ? और यह स्वीकृति किन किन स्थानों पर आ•ओ••बी• बनाने के लिए मिली? और कब मिली ? उनकी इस आरटीआई के जवाब में वरीय मंडल इंजीनियर समन्वय सह मंडल जन सूचना अधिकारी पूर्व मध्य रेल मुगलसराय ने दिनांक 3 मई 2016 को यह बताया था कि कर्मनाशा- सैयदराजा के बीच बनने वाले तीन रेलवे ओवर ब्रिजों 70/c,71/c व 72/A आरओबी की स्वीकृति 2015-16 में ही मिल गई थी, 72,/बी सैयदराज-चंदौली इसका लोकेशन 649/5-7 है ,यह 2015-16 में ही स्वीकृत हो चुका है ,आरओबी एलसी नंबर 76/ सी सैयद राजा-चंदौली लोकेशन 656/9-11 यह आरोबी भी 2015 में ही मंजूर हो चुका है, आरओबी lC no-75/सी सैयदराजा-चंदौली के बीच व इन्ही स्टेशनों के बीच बनने वाला 74/ सी रेलवे ओवर ब्रिज भी2015- 16 में स्वीकृत हो चुका था, एलसी नंबर72/बी यह भी आरोबी सैयदराजा चंदौली के बीच में बनने वाला था, यह भी 2015/16 में स्वीकृत हो चुका था, एलसी नंबर 75/सी यह आरोबी भी सैयद राजा चंदौली के बीच में बनने वाला था इसका लोकेशन 653/19-21 है ,यह भी 2015-16 में ही स्वीकृत हो चुका है एलसी नंबर 76 /सी चंदौली के बीच में ही बनने वाला रेलवे ओवरब्रिज है जिसका लोकेशन नंबर 656/9-11है तथा चंदौली- गंज ख्वाजा के बीच में बनने वाला रेलवे ओवर ब्रिज इसका लोकेशन नंबर 661/19-21 है, यह 2015-16 में स्वीकृत हो चुका था, जबकि चंदौली गंज ख्वाजा के बीच में बनने वाला रेलवे ओवरब्रिज 761 इसका लोकेशन नंबर 657 है 2013 14 में ही स्वीकृत हो चुका था। एलसी नंबर 81/सी गंजख्वाजा- मुगलसराय के बीच में बनने वाला रेलवे ओवर ब्रिज जिसका लोकेशन 667 /37-39 है ,यह आरोबी भी सन 2015-2016 में स्वीकृत हो चुका था, गंज ख्वाजा- मुगलसराय के बीच बनने वाला दूसरा आरओबी जिसका एलसी नंबर 83 /बी है , जिसका लोकेशन नंबर 669/19-21हैयहभी 2015-16 में ही स्वीकृत हो चुका था । मेरा माननीय सांसद जी चंदौली डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे जी से यह प्रश्न है यह कौन सा ओवरब्रिज है जिसे आपने अभी स्वीकृत कराया है जिसका इतना भारी भरकम धनराशि खर्च कर ,शिलान्यास का शो अप कर रहे हैं ? अगर यह सारे ओवरब्रिज 2015-16 में यहां तक कि एल सी 76/1 रेलवे ओवरब्रिज 2013-14 स्वीकृत हो चुका था, तो फिर क्या लोकसभा चुनाव का इंतजार किया जा रहा था ?लोकसभा चुनाव के पहले रेलवे ओवर ब्रिजों के शिलान्यास का मतलब क्या है ? क्या सिर्फ सहानुभूति लेने के लिए यह शिलान्यास किया गया ? 2019 की जगह अगर 2015 -16 में ही इन रेलवे ओवर ब्रिजों का शिलान्यास कर दिया जाता तो शायद आज ये सारे रेलवे ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो गए होते और चंदौली की जनता उसका लाभ उठा रही होती और परंतु यह सब चुनावी चक्कर है , काम कम दिखावा ज्यादा है, जनपद चंदौली की जनता भी बखूबी जानती है

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