फादर ऑफ मॉर्डन मार्शल आर्ट्स डॉ जसबीर सिंह की पेंटिग बना रहे दुबई के कलाकार

कहते हैं ना कि जब किसी महान व्यक्तित्व की मेहनत अपनी मंजिल पर चढ़कर मुस्कुरा रही होती है तब वह व्यक्ति सफल व्यक्तित्व माना जाता है और उसकी तपस्या और सफलता से सारी दुनिया प्रेरणा लेती है। ऐसी ही ग्लोबल सेलेब्रिटी है ग्रैंड मास्टर डॉ जसबीर सिंह जो वर्तमान में मेम्बर ऑफ प्रैसीडेंटल एडवाइजरी बोर्ड यूएसए और धरा गवर्नर तथा बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं।

दुनिया का शायद ही कोई प्रतिष्ठित सम्मान होगा जो आदरणीय जसबीर जी के पास न हो फिर चाहे वह फादर ऑफ मार्डन मार्शल आर्ट हों, या गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड, या लाईफ टाईम अवार्ड, या एकेडमिक अवार्ड, जसबीर जी किसी पहचान के मोहताज नहीं है। उन्होंने देश विदेश में हो रहे बच्चियों के दुष्कर्म से द्रवित होकर संकल्प लिया कि ज्यादा से ज्यादा बच्चियों को आत्मसुरक्षा के दांव पेंच सिखलायेगें और इतना ही नहीं उन्हें ब्लैक बेल्ट दे उन्हें ग्रैंड मास्टर बनवाकर कोमनवेल्थ गेम तक ले जायेगें बता दें कि श्री जसबीर जी कोमनवेल्थ गेम मिनिस्टर भी हैं।उनके बेटियों के प्रति इस महान सोच के कारण अनेकों महान सम्मानों से नवाजा जा चुका है और हाल ही में सच की दस्तक द्वारा श्री जसबीर सिंह जी को 15 अगस्त के मौके पर फादर ऑफ मार्डन मार्शल आर्ट्स उपाधि से सम्मानित किया जायेगा। श्री जसबीर जी के सुकर्मों से प्रभावित होकर राजस्थान के फेमस आर्टिस्ट हीरालाल जोकि भारत से लेकर दुबई व अनेकों देशों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, ने श्री जसबीर सिंह की पेंटिंग बनाने की घोषणा कर दी है और वह पेंटिंग बनाने में लगे हुए हैं। 

 

बता दें कि आर्टिस्ट हीरालाल भी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रताप नगर जोधपुर के हीरालाल चित्रकार ने वर्ल्ड मे सबसे छोटे राई के दाने पर कोरोना का चित्र बनाके ओ एम जी बुक ऑफ रिकॉर्ड मे अपना नाम दर्ज कराके जोधपुर व भारत और सुथार समाज का पूरे विश्व में नाम ऊँचा किया है। और इन्हे़ं राज्य स्तरीय एव नेशनल इन्टरनेशनल पुरस्कार अवार्ड्स सर्टिफिकेट, भी मिल चुके हैं जैसे कि, श्री विश्वकर्मा समाज संस्थान चोहटन, स्वदेश गौरव सम्मान, स्वदेश रत्न सम्मान, स्वदेश के अनमोल रत्न, और चित्रकार को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन से भी नवाजा गया है। चित्रकार को ऐसे तो अनेक अवार्ड्स मिल चुके हैं !अखिल भारत हिन्दू क्रान्ति सेना, सफर अवार्ड श्री विश्वकर्मा सुथार एकता फोर्स, राजस्थान सरकार द्वारा ऑनलाइन प्रमाण पत्र, ऑन कोवीड 19 , आदि ऐसे बहुत संस्थाओं से भी सम्मानित हो चुके हैं कुल मिलाकर दिनांक 31/7/2020 तक 300+ सर्टिफिकेट और अवार्ड्स मिल चुके है। 

 

 

हाल ही में हीरालाल चित्रकार , राष्ट्रीय अवार्ड्स से भी नामांकित हो चुके हैं अपनी बनाईं हुईं लकड़ी की मात्र पौना एम एम बाय एक एम एम लङकी की कुर्सी / और बोटल के अन्दर मंदिर का माडल/ को भी रिकॉर्ड मै स्थान मिल चुका है। हीरालाल चित्रकार ने आठ बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुके हैं उसके अलावा पाँच और रिकॉर्ड्स भी एप्रूव हो चुका है जैसे कि 
1, 250 अवार्ड्स / का रिकॉर्ड 
2, राई के दाने पर कोरोना का चित्रण /का दो रिकॉर्ड 
3, राई के दाने पे क्रिकेट वर्ल्ड कप /का रिकॉर्ड 
4, विश्व की सबसे छोटी कुर्सी/ का दो रिकॉर्ड 
5, कोरोना योध्दा/ का तीन रिकॉर्ड 
6, दोनों हाथों से उल्टी पेंटिंग/ का रिकॉर्ड 
7, दोनों हाथों से उल्टी पेंटिंग मात्र 15 सेकंड मे/ का रिकॉर्ड 
8, बोटल के अन्दर मंदिर / का रिकॉर्ड 
9, बाल पे पेंटिंग/ का रिकॉर्ड 
10, लाॅकडाउन की वजह से आ नही पाएं इसी सप्ताह मिल जाएंगे 
तीन चार देशों से भी ऑफर आ चुके हैं रिकॉर्ड के लिए 
बाली अवस्था से कुछ करने का जुनून था, जैसे जैसे उम्र बढती गई वैसे अपनी अलग-अलग कारीगरी मे हाथ आजमाते गए, इन्होने अनगिनत लकड़ी के नमूने अपनी कल्पनाओं से बनाए की सात समुंदर पार भी बेशकीमती श्रेणी मे पहचाने जाने लगे विश्वभर मे हस्तशिल्प कारीगरी के मानचित्र मे जोधपुर का नाम दर्ज करवाने की पारंपरिक कला को बारीकी से उकेरने वाले हीरालाल भदरेचा का नाम सबसे पहले लिया जाता है जैसी भी कला हो उसके पीछे हाथ धोकर पङ जाते, जब तक उस फील्ड मे स्पेस्लिस्ट न हो जाते,आज हीरालाल भदरेचा को (हीरालाल चित्रकार) के नाम से पूरा विश्व जानता है , 
हीरालाल चित्रकार आज तक लकड़ी मे भगवान श्री विश्वकर्मा जी की मूर्ति भगवान श्री गणेश जी की मूर्तियां 
बोटल के अन्दर मंदिर का माॅडल, और लकड़ी की मात्र पौना एम एम बाय एक एम एम की कुर्सी बना चुके हैं, जिसे देखने के लिए लेंस का सहारा लेना पड़ता है, राई के दाने पे वर्ल्डकप का चित्र, घोड़े की पूंछ के बाल पे सीनहरी जेसे कईं चित्र बना चुके हैं, हाल ही मे राई के दाने पर कोरोना वायरस का चित्रण भी बानाया है,इतना ही नहीं ये मिनिएचर्स का काम भी बैखूबी जानते हैं 
जेसे ऑयल पेंटिंग वाटर कलर पेंटिंग, पोर्टेट ग्लास पेंटिंग, गोल्ड एम्बोज पेंटिंग, फेब्रिक पेंटिंग, क्लोथ पेंटिंग,वाॅल पेंटिंग, थ्री डी पेंटिंग, माॅरडन आर्ट, कार्टून आर्ट, पेंसिंल स्केच, इत्यादी हर एक तरह की कारीगरी इनमे ठूस ठूस के भरी है, इतना ही नहीं ये अपने दोनो हाथों से भी चित्र बना सकते हैं भदरेचा ने सन् 1984 मे सिनेमा के पोस्टर बना चुके हैं। हीरालाल चित्रकार का मानना है कि पैसा कमाना आसान है पर नाम कमाना बहुत कठिन है, इसलिए हीरालाल आए दिन कुछ न कुछ नया अद्भुत कार्य करते रहेते है ,इनकी कारीगरी केवल यहाँ तक सिमित नहीं , हीरालाल क्ले आर्ट और पेपरमेशी का भी काम बखूबी जानते हैं इसी कङी मे भदरेचा ने पत्थर की भी मूर्ति बनाने मे शोहरत हासिल की है जैसे राजा महाराजाओ की मूर्तियां बनाना देवी देवताओं की मूर्तियां बनाना हो तो कोई इनसे सीखे इनका मानना है कि हमारे विश्वकर्मा समाज मे एक भी ऐसा इन्सान नहीं है जिनके हाथों में हुनर न हो
सभी जाॅगिङ समाज के लोगों के पास कोई न कोई कला होती ही है ढूंढने निकलोगे तो एक से बढकर एक कलाकार है उनके आगे मैं तो कुछ भी नहीं 
ये तो भगवान श्री विश्वकर्मा जी आ आशीर्वाद है जिनको कुछ सिखाने की जरूरत नहीं है। मछली के बच्चो को तैरना सिखाना नहीं पङता। ऐसे ही विश्वकर्मा समाज के बच्चो को हुनर सिखाना नहीं पङता वो अपने आप सीखने लगते हैं। 

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