आजाद हिंद योद्धा की बेटी लोगों के घर, मांज रही बर्तन-

 सच की दस्तक कोलकाता, 28 जनवरी 2019

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में शामिल एक परिवार इन दिनों गरीबी और भूखमरी में दिन गुजार रहा है।

कानूनी अड़चने-

कृष्ण मोहन शील नेताजी के साथ फौज में शामिल थे। लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण उन्हें स्वतंत्रता सेनानी का दर्जा हासिल नहीं हो सका था।

तंगहाली –

भूखमरी में दिन गुजारते हुए उनकी मौत हो गई। जबकि उत्तर चौबीस परगना जिले के देगंगा के बेड़ाचांपा के चाराबगान में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी (87) तंगहाली में जीवन व्यतीत कर रही है।

करना पड़ा नौकरानी का काम-

मालूम हो कि न तो उन्हें किसी तरह की सरकारी सुविधा हासिल है और न ही रहने के लायक जगह ही है। उनके साथ परिवार में 42 साल की अविवाहित बेटी सुधारानी और 45 साल का अविवाहित बेटा शंकर मोहन रहता है। सुधारानी तो दूसरों के घरों में नौकरानी का काम करती है जबकि शंकर ठेका श्रमिक का काम करता है। किसी तरह परिवार को दो वक्त का भोजन मिल जाता है।

मीडिया का मिला साथ –

हाल में एक बांग्ला अखबार में इस तरह की खबर छपी थी कि नेताजी की फौज में शामिल एक व्यक्ति का परिवार भूखमरी में अंतिम दिन बीता रहा है। इस बारे में पता चलने पर कोलकाता नगर निगम के चार नंबर वार्ड के पार्षद गौतम हालदार परिवार के घर गए और कुछ नगद रुपयों के साथ नए कपड़े, गर्म कपड़े, चावल, दाल, मैदा समेत भोजन के कई पैकेट साथ लेकर गए।

उन्होंने महिला से बातचीत करने के बाद बेटे से फोन पर बात करके आश्वासन दिया कि आपकी मां जब तक जिंदा रहेगी, मासिक पेंशन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही रहने के लिए घर भी बना देंगे। इसके साथ ही कोलकाता के एक व्यापारी ने भी परिवार को फोन किया और आश्वासन दिया कि परिवार का खर्च वे उठाएंगे।

बच्चों के बयान-

स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटे शंकर का कहना है कि सालों से हम लोग गरीबी और तंगहाली में जीवन व्यतीत कर रहे थे, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। 

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