भाजपा जनभावनाओं को भड़काने की फ़िराक में-कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा बोले-हार सामने देख कुछ भी कर सकती है सरकार

शिमला। जब जब भाजपा को चुनावों में हार दिखाई देती है तो धर्म,जाति,क्षेत्रवाद,छद्म राष्ट्रवाद आदि विषयों करो भड़का कर वोट हासिल करने की भाजपा कोशिश करती है।हिमाचल में भी चारों उपचुनावों में जनाक्रोश को देखते हुए भाजपा साम्प्रदायिक हथकंडे अपनाने की फिराक में है।

यह आरोप प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने आज भाजपा पर लगाए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चुनावी जनसभाओं में जनता को भृमित कर रहे हैं।सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए करोना संकटकाल का हवाला देकर बहानेबाजी कर रहे हैं।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पूरा प्रदेश जानता है कि करोनाकाल में सरकार पूरी तरह असफल रही।जनता को अपने हाल पर छोड़ कर भाजपा सरकार पीपीई किट,सेनेटाइजर, मास्क,वेंटिलेटर आदि के नाम पर घोटाले करती रही।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि करोनकाल में  जो घोटाले हुए थे और स्वास्थ्य निर्देशक को जेल जाना पड़ा था,भाजपा के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा था,उस मामले का क्या बना।क्यों आज दिन तक उस मामले की फाइल को दबाया गया है और अधिकारियों की अभियोजन स्वीकृति न देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाला हुआ है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि अगर सरकार समय रहते उचित कदम उठाती तो प्रदेश के 3600 लोगों को जान से हाथ नहीं धोने पड़ते।दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि करोना काल में सरकार ने मेडिकल माफिया से मिल कर प्रदेश के लाखों लोगों की मजबूरी का फायदा उठा कर लूटा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को चुनावी रैलियों में इन सब मामलों पर जबाब देना चाहिए।उन्हें यह भी बताना चाहिए कि करोना फंड में कितना धन इकट्ठा हुआ और उसको कहां कहां खर्च किया गया।यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा प्रदेश के ज्वलन्त मुद्दों से भाग कर निरर्थक बयानबाज़ी करके जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को विकास की नीतियों, कार्यक्रमों पर बहस करनी चाहिए, जनता को बताना चाहिए कि जो चार सालों में सरकार ने 30 हज़ार करोड़ के करीब कर्ज़ लिया है उसे कहां खर्च किया गया और हिमाचल को कर्जमुक्त बनाने एवम बेरोजगारी दूर करने में सरकार ने क्या कदम उठाए।

दीपक शर्मा ने कहा कि जिस तरह से निरर्थक, गैरजरूरी बातें करके भाजपा जनता के बीच वोट मांग रही है यह भाजपा की मानसिक दिवालियापन की स्थिति को दर्शाता है।इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा के पास कोई नीति,कार्यक्रम, विकासात्मक दृष्टिकोण नहीं है।जनता में जुमलेवाज़ी करके वोट ठगने की राजनीति ही भाजपा का धर्म है।

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