मान. मुख्यमंत्री योगी जी की प्रचंड जीत की बधाइयाँ

  • उत्तर प्रदेश में फिर से आ रही योगी सरकार
  • बीजेपी की जीत पर पाकिस्तान से आ रहे रिएक्शन
  • जिन्ना को लोग दे रहे धन्यवाद

Uttar Pradesh Election 2022: यूपी में 37 साल का रिकॉर्ड टूटा,, योगी जी दोबारा बने मुख्यमंत्री 

किसी को ये अनुमान नहीं था कि उत्तर प्रदेश चुनाव में बुलडोजर एक अहम किरदार बन जाएगा. जैसे-जैसे चुनावी रैलियां वर्चुअल से फिजिकल हुईं. बुलडोजर भी रंग दिखाने लगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बुलडोजर बाबा’ कहलाने लगे.

चन्दौली – मुग़लसराय से बीजेपी प्रत्यासी रमेश जायसवाल जीते

सपा के चंद्रशेखर यादव को हराया

चन्दौली – सैयदराजा से बीजेपी प्रत्यासी सुशील सिंह जीते

सपा के मनोज सिंह डब्लू को हराया

गौरतलब है कि योगी सरकार में कई माफियाओं के ठिकानों पर जमकर बुलडोजर चला. बीजेपी लगातार ये जताती रही कि अगली सरकार बनने पर भी बुलडोजर का चलना जारी रहेगा. योगी सरकार के 5 साल के कार्यकाल में सूबे के लोगों में एक धारणा बनी है कि कानून का राज है. सीएम योगी से लेकर तमाम बड़े नेता बयान दे रहे हैं कि 10 मार्च के बाद फिर बुलडोजर चलेगा.

योगी के पहले कार्यकाल में खूब चला बुलडोजर

ऐसे में इस चुनाव में बुलडोज़र की भी अग्निपरीक्षा थी. लेकिन अब बीजेपी की बुलडोजर नीति को जनता का साथ मिल गया है. क्योंकि यूपी में दोबारा CM योगी सत्ता पर काबिज होने जा रहे हैं, और उनके समर्थकों ने बुलडोजर राग छेड़ दिया है. एक समर्थक तो खिलौने वाले बुलडोजर माथे पर रखकर बीजेपी दफ्तर जश्न मनाने पहुंच गए. बीजेपी का कहना है कि उत्तर प्रदेश चुनावों में कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा रहा. पहले की सरकारों में जनता, व्यापारी और अधिकारी गुंडागर्दी से त्रस्त थे. लेकिन योगी राज में माफियाओं और गुंडों की कमर तोड़ दी गई.

बता दें, 2017 में सत्ता पाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर नीति का ऐलान किया था. मुख्तार अंसारी से लेकर अतीक अहमद और विजय मिश्रा की संपत्तियों पर सरकार ने बुलडोजर चलाए, सरकारी जमीन पर किए कब्जों को ढहा दिया गया था.

एक अनुमान के मुताबिक, बीते 5 सालों में उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, विजय मिश्रा, कुंटू सिंह जैसे तमाम माफियाओं की लगभग दो हजार करोड़ की अवैध संपत्ति पर कब्जे हटा दिए गए, बिल्डिंग गिरा दी गई.

 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के नतीजों के अब तक के रुझानों से स्पष्ट हो रहा है कि इस बार भी सत्ताधारी बीजेपी भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है. सीएम योगी आदित्यनाथ एक बार फिर से पांच सालों के लिए यूपी की सत्ता पर काबिज होने वाले हैं. उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों की हलचल देश में तो है ही, पाकिस्तान के लोगों की नजर भी इस चुनाव पर टिकी हुई है.

चुनाव नतीजों के रुझानों में यूपी में योगी आदित्यनाथ की वापसी पर पाकिस्तान से भी खूब प्रतिक्रियाएं आ रही है.

पाकिस्तान के राजनीतिक विश्लेषक मोशरफ जैदी ने यूपी में योगी आदित्यनाथ की वापसी पर कहा है कि योगी की जीत इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की दिशा अब बदलने वाली नहीं है.

उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में लिखा, ‘यूपी में योगी आदित्यनाथ की जीत इस बात की एक और पुष्टि है कि भारत अब (हिंदुत्व की राजनीति से) अपना रास्ता बदलने वाला नहीं है. आने वाले दिनों में स्थिति और खराब होगी. कई लोग इस बारे में पहले से चेतावनी भी दे रहे थे. पाकिस्तान को 2019 के बाद वाले भारत की तुलना में अधिक दुस्साहसी भारत से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए.’

हम नामक पाकिस्तान के एक ट्विटर अकाउंट से लिखा गया, ‘फासीवाद की जिंदगी ज्यादा दिन की नहीं होती.’ शावैज खान नाम के एक यूजर ने लिखा, ‘ये बेहद स्पष्ट हो गया है कि कायदे आजम (मोहम्मद अली जिन्ना) एक दूरदर्शी नेता थे. वो ये सब देख सकते थे. अल्लाह का शुक्रिया जो हमारे पास पाकिस्तान है और हमें ऐसे लोगों के शासन में नहीं रहना पड़ रहा है.’

फिडाटो नाम के पाकिस्तान के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, ‘यूपी चुनाव में बीजेपी की जबरदस्त जीत के बाद मुस्लिम विरोधी योगी आदित्यनाथ ने नरेंद्र मोदी के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है.’

रूबा नाम की एक यूजर ने लिखा, ‘भारतीय मुसलमानों के लिए यह सबसे बुरी खबर है. मैं पाकिस्तान और जिन्ना का जितना शुक्रिया अदा करूं, कम है. और शुक्रिया मेरे परिवार का भी, जो पलायन कर यहां आ गया.’

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