सीआरपीएफ जवान का शव पहुचते ही मचा कोहराम

सच की दस्तक डेस्क  चन्दौली

उत्तर प्रदेश के जनपद चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र के जमुनी  गांव में सीआरपी जवान का शव पहुचते ही पूरे गाव सहित क्षेत्र मे कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार राजीव कुमार सिंह 37वर्ष का गोली लगने से मौत हो गयी। उनका शव छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ के विशेष वाहन द्वारा मंगलवार को शांम को गांव लाया गया। शव को देख पूरा गांव में मातम पसर गया। वहीं शव के लिपटकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल होता रहा। शव के साथ आये अधिकारियों से परिजनों ने अपने पुत्र का हत्या किये जाने का अंदेशा जताते हुए शव लेने से साफ इंकार कर दिया। परिजनों ने साफ कहा कि शव का पुनः पोस्टमार्टम कराया जाय और इस घटना की एफआईआर दर्ज जांच किया जाय और शहीद का दर्जा की मांग किया। शव लेने से इंकार पर सीआरपीएफ अधिकारियों और जिला प्रशासन में हड़कम्प मच गया। सभी अधिकारीयों ने कारूणिक रूदन कर रहे परिजनों को हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन देकर मान-मानौवल में जुटे रहे। इस दौरान मृत जवान के घर पर काफी भीड़ जुटी रही। वहीं काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।

हत्या का परिजनों ने अधिकरियों पर लगाया अरोप
राजीव कुमार िंसह अभी हाल में ही छुट्टी काटकर अपनी कम्पनी में उपस्थिति दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि मृतक राजीव कुमार सिंह का विभागीय विवाद अपने सीनियर अधिकारी धीरज सिंह से रहा है। जिसके कारण उनकी हत्या की गयी है। इस घटना का एफआईआर दर्ज कर जांच किया जाय। जिससे सत्य का पता चल जायेगा। शव का पुनः पीएम कराने व जवान को शहीद का दर्जा दिये जाने की मांग की
प्रतिनिधियों ने भी परिजन की मांग को ठहराया जायज
सपा के पूर्व सैयदराजा विधायक मनोज सिंह डब्लू ने भी परिजनों की मांग को जायज ठहराते हुए सीआरपीएफ अधिकारीयों और जिला प्रशासन से अपील किया। देर शांम तक परिजनों को सीआरपीएफ और जिले के तमाम अधिकारी शव लेने के लिए समझाते रहे। लेकिन परिजनों के आगे उनकी एक नहीं चल पा रही थी। खबर लिखे जाने तक शव वाहन पर ही पड़ा रहा। इस मौके पर एसडीएम आशीष कुमार, सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल, कोतवाल आशुतोष ओझा सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौजूद रही।

परिजनों ने शव लेने सेे किया इंकार
सकलडीहा मां शकुंतला देवी और पिता रामअवध सिंह के साथ बडे़ भाई संजय सिंह सहित अपने आंखों में कारूणिक आंशु लिये अपने आंख के तारे मृत जवान राजीव कुमार सिंह की हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से साफ इंकार कर दिया। वहीं वाहन पर रखे शव को देख विलाफ करते रहे। उपस्थित लोगों के बीच एक ऐसा समय रहा कि मृतक जवान सैकड़ों किमी दूर रहने पर उसकी गोली से मौत हो गयी।

पत्नी के करूण विलाप से सबकी आखे हुयी नम
सकलडीहा अपने पति के मौत की खबर और शव आने पर दो माह की दुधमुहीं बेटी को गोदी में लेकर रूदन कर रही पत्नी रिंकी सिंह के आंशु उपस्थित लोगों को रोने के लिए विकल कर दिया। सीआरपीएफ के अधिकारी और जिला प्रशासन के अलावा उपस्थित ग्रामीणों की सिसकियां साफ सुनाई दे रही थी।
मेरा लाल कभी आत्महत्या नहीं कर सकता
रामअवध सिंह ने साफ कहा कि मेरा लाल बहुत बहादुर था। मेरे द्वारा अन्य विभाग में नौकरी करने की सलाह पर वह साफ कहा कि मैं सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करूगां। यह बात सबके सामने कहते हुए फुट-फुट रोने लगे। बताया कि मेरे पुत्र को जान बुझकर मारा गया है। मामले पर पर्दा डालने के लिए आत्महत्या का रंग दिया जा रहा है। यही हाल बहनोई पंकज सिंह का भी रहा वह बार-बार शव को देखकर विलख रहे थे और उस मनहुस घड़ी को कोस रहे थे जब उनका साला सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था।
शव लेकर आए सेना  के अधिकारी का कहना
शव के साथ आये सीआरपीएफ अधिकारी सुरेन्द्र कुमार का कहना था कि छत्तीसगढ़ के कबीर नगर थाना भवन के उपर बने कमरा में मृतक जवान अपनी सरकारी एके 47गन के साथ रहे। अचानक गोली चलने की आवाज पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान पहुंच कर देखे तो सन्न रह गये। तब तक उनकी मौत हे चुकी थी ।

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x