गुजरात में दोषी पुलिसकर्मियों को निष्कासित करने की मांग ✍️ राज अंजुम

गुजरात के अहमदाबाद के शाहपुर में जो पुलिस की बर्बरता हुई उस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सलाहकार एवं बिहार झारखंड प्रभारी श्री एम एस राज अंजुम ने कड़ी निंदा की और अविलंब दोषी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का मांग भी किया घटना यह है कि एक महिला दूध लाने के लिए जा रही थी जिस पर पुलिस ने महिला एवं दूध विक्रेता के साथ पिटाई किया फिर महिला के मोहल्ले में पहुंचा एवं घरों में तोड़फोड़ मचाया। 
बाद में घर की महिलाओं के साथ भी मारपीट किया और पुलिस इतना गिर गई कि गर्भवती लड़की को भी नहीं छोड़ा लड़की ने पुलिस को कहा कि मैं प्रेग्नेंट हूं फिर भी पुलिस ने उस गर्भवती महिला के पेट में चार पांच डंडे मारकर गंदी गंदी गालियां को उपयोग किया एवं घरों को छतिग्रस्त किया मारपीट जिन लोगों के साथ हुई वह सभी अल्पसंख्यक समुदाय के लोग थे जो रोजे की हालत में थे रोजे की हालत में इस तरह का गिरी हुई घटना पुलिस के द्वारा किया जाना इसे कानून को शर्मनाक बताया गया श्री अंजुम ने गुजरात सरकार एवं पुलिस महानिधिक्षक को बताया अहमदाबाद में करोना पॉजिटिव के बहुत सारे मामला है सरकार ने वहां की तमाम जनता के लिए डोर टू डोर होम डिलीवरी राशन वितरण का इंतजाम क्यों नहीं किया जल्द से जल्द हालात को काबू में करते हुए लोगों में राहत कोष का प्रभंध करने की भी मांग की एवं दोषी पुलिसकर्मियों को अभिलंब निष्कासित कर के न्याय का परिचय दें और तमाम पुलिसकर्मियों पर मुकदमा चलाएं। 

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