बैंकों के विलय पर काली पट्टी बांधकर बैंक कर्मियों ने किया रोष व्यक्त

सर्च की दस्तक डेस्क चंदौली 

देश में आर्थिक मंदी को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बैंकों में विलय की योजना के तहत ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ,सिंडिकेट बैंक सहित कई बैंकों का बड़े बैंकों में विलय करने का निर्णय लिया गया लेकिन जिन बैंकों का विलय हो रहा है उनके बैंक कर्मियों ने सरकार की इस कदम को एकतरफा कदम बताया है ।

उन्होंने ने कहा है कि जो बैंक घाटे में चल रहे थे उन्हें एकत्रित करने की जरूरत थी लेकिन जिस बैंक का रिकॉर्ड अच्छा है उसे स्वतंत्र पूर्वक काम करने देना चाहिए था । लेकिन सरकार द्वारा अचानक लिया गया फैसला से हम बैंक हौसले टूटते दिखाई पड़ रहे हैंं। 

बैंक कर्मियों ने बताया सरकार द्वारा इस फैसले का हम लोग काली पट्टी लगाकर काम कर विरोध कर रहे हैं । वहीं बैंकों के एकाकृत करने की प्रक्रिया से उपभोक्ताओं में भी उहापोह की स्थिति व्याप्त है।

उपभोक्ता अपने अपने बैंकों में जाकर यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका अकाउंट जो बैंक में है बैंकों में विलय के बाद उसकी स्थिति क्या होगी ।

इसका जवाब भी बैंक के कर्मचारी अभी तक सही सही तरीके से नहीं दे पा रहे हैं। इतना जरूर बता रहे हैं कि आपका अकाउंट वो रहेगा है। जो लेनदेन की प्रक्रिया है वह सारा 31 मार्च के बाद ही बदलेगा।

जानकारी होगी केंद्र सरकार की वित्त मंत्री सीतारमण ने देश में आर्थिक स्थिति मंदी की कगार पर होने पर उन्होंने 10 सरकारी बैंकों का विलय 4 बैंकों में करने के लिए फरमान दिया है। इसके तहत ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय होगा। उसी प्रकार केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय होगा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्र बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का विलय होना है।

इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय होना है ।केंद्र सरकार की इस प्रक्रिया से क्या फायदा होगा या तो आने वाला समय बताएगा लेकिन निश्चित तौर पर केंद्र सरकार के वित्त मंत्री द्वारा किए गए फरमान पर अभी लोगों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। जिस कारण दिनेश कुमार, रंजीत सिंह,हिमांशु कुमार,राजीव कुमार,निमिषा टिर्की,रणविजय कुमार,महेश पटेल आदि बैंक कर्मी ने काली पट्टी हाथ पर बांध कर प्रदर्शन किया। 

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