दिव्यांगता से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करें : उपराष्ट्रपति

हैदराबाद, सच की दस्तक न्यूज़।


पराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने दिव्यांगों के पास मौजूद मूल्यवान मानव संपत्ति को पहचानने का आह्वान किया और दिव्यांगता से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि एक समाज के रूप में हम ऐसे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर रहें और दिव्यांगजनों के लिए सुखद वातावरण तैयार करें।

दिव्यांगों को सशक्त बनाने की दिशा में भेदभावपूर्ण प्रवृत्तियों को समाप्त करने को पहला कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि यह दिव्यांगजन का सहयोग करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने में समाज, लोगों और संस्थानों की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

श्री नायडू ने कहा कि ‘समावेश’ और दिव्यांगों सहित सभी लोगों में छिपी हुई क्षमता का दोहन किए बगैर देश की विकास गाथा अधूरी होगी।

उपराष्ट्रपति शनिवार 19 जनवरी को हैदराबाद में भगवान महावीर विक्लांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए और दिव्यांगों को किफायती मूल्य पर जयपुर फुट (कृत्रिम पैर) प्रदान करने के लिए संगठन के प्रयासों की सराहना की।

श्री नायडू ने कहा कि दिव्यांगजनों का जीवन और बेहतर बनाने में उनके व्यावसायिक प्रशिक्षण में सुधार करना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण कारक है।

उन्होंने प्रधानमंत्री की “कौशल भारत” पहल के तहत कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने के सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।

उन्होंने सरकार, निजी क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों से एकजुट होकर 2022 तक 2.5 मिलियन दिव्यांगजनों को (70% रोजगार के लक्ष्य साथ) कौशल समर्थ बनाने के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

दिव्यांगजनों को रोजगार देने को उनके सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण कारक बताते हुए श्री नायडू ने कहा कि सरकार द्वारा केंद्र सरकार की नौकरियों में दिव्यांगजनों को प्रदान किया गया 4% आरक्षण सही दिशा में एक कदम है। 

कदम –

         उन्होंने निजी क्षेत्र और कॉरपोरेट कंपनियों से भी इस कदम से प्रेरणा लेकर ऐसे लोगों के लिए अधिक रोजगार के अवसर उपलब्धं कराने का आह्वान किया। श्री नायडू ने उनसे अपने सीएसआर कार्यों में दिव्यांगजनों के लिए सुलभ बुनियादी ढांचे विकसित करने को शामिल करने का भी आग्रह किया।

उपराष्ट्रपति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान भरतनाट्यम नृत्या पेश करने वाली प्रसिद्ध नृत्यांगना सुधाचंद्रन की भी सराहना की।

ये कहा….

उन्होंने कहा कि नृत्य के प्रति उनका समर्पण, कठिन बाधाओं के बावजूद नर्तकी बनने के सपने को साकार करने में उनका असाधारण साहस और दृढ़ता उन्हें लोगों की प्रेरणा स्रोत बनाता है।

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