पर्यावरण संरक्षण के लिए भागीदारी आवश्यक – डॉ. महेश शर्मा

पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने वन्यजीव तथा पर्यावरण सुरक्षा में बच्चों से अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण के साथ हमारा संबंध सहयोग पर आधारित होना चाहिए।

डॉ. शर्मा आज नई दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में वन्यजीव सप्ताह समारोह के समापन अवसर पर स्कूली बच्चों को संबोधित कर रहे थे। डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों की दृढ़ता का उपयोग वन्यजीव संरक्षण लक्ष्य की प्राप्ति में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीवों के घर यानी वनों में मानव अतिक्रमण हुआ है। डॉ. शर्मा ने कहा कि केवल अपने देश में नदियों, वनों और पशुओं की पूजा की जाती है।

इस अवसर पर वन महानिदेशक डॉ. सिद्धांत दास ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम लोगों की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता।

उऩ्होंने बताया कि विश्व भूमि में भारत का हिस्सा केवल 2.5 प्रतिशत है लेकिन भारत में भारत की वन्यजीव आबादी लगभग 18 प्रतिशत है। बाघ, शेर, गेंडा और घड़ियाल इस देश में फल-फूल रहे हैं।

इससे पहले डॉ. शर्मा ने डीएआरसी तथा पर्यावरण वन औऱ जलवायु मंत्रालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन के अंतर्गत बने बायो मैथने  संयंत्र का उद्घाटन किया।

इस संयंत्र की दैनिक क्षमता 3 मीट्रिक टन होगी। उन्होंने प्राणी उद्यान में पौधारोपण किया और स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया।

वन्यजीव सप्ताह प्रत्येक वर्ष 02 अक्टूबर से मनाया जाता है। इसका प्रारंभ 1952 में हुआ था।

इस अवसर पर अपर महानिदेशक (वन)श्री एम.एस.नेगी , अपर महानिदेशक (वन) श्री सैबाल दासगुप्ता, महानिरीक्षक (वन्यजीव), पर्यावरण वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय श्री सौमित्र दासगुप्ता तथा राष्ट्रीय प्राणी उद्यान नई दिल्ली की निदेशक सुश्री रेणु सिंह तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के अधिकारी उपस्थित थे।

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