किसान आंदोलन अब आंदोलन नहीं रहा, आंदोलन में लोग तलवारें लेकर नहीं आते: अनिल विज

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को लेकर किसान नेताओं का आंदोलन पिछले 10 महीनों से लगातार जारी है। इन सबके बीच हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश किसान आंदोलन के प्रमुख स्थान बन चुके हैं। हाल में ही हमने देखा किस तरह से हरियाणा के करनाल में किसान आंदोलन उग्र हो गया था और पुलिस तथा किसानों के बीच झड़प की भी खबर देखने को मिली थी। इन सबके बीच हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है।

अनिल विज ने कहा कि ये आंदोलन तो रहा ही नहीं, आंदोलन में लोग तलवारें लेकर नहीं आते, लाठियां नहीं मारते, आने-जाने वालों का रास्ता नहीं रोकते। आंदोलन में लोग धरना देते हैं, भूख हड़ताल करते हैं। इसको आंदोलन नहीं, गदर कहा जा सकता है।

अमरिंदर पर साधा निशाना

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर भी अनिल विज ने निशाना साधा। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक अनिल विज ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कह रहे हैं कि आपको जो गड़बड़ करनी है वो हरियाणा, दिल्ली में जाकर करो। इससे ये सिद्ध होता है कि इस आंदोलन के पीछे अमरिंदर सिंह का ही हाथ है, अमरिंदर सिंह ने अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ये आंदोलन ज़िंदा रखा हुआ है। इससे पहले अनिल विज ने कहा था कि पंजाब के CM अमरिंदर सिंह का किसानों को कहना कि हरियाणा, दिल्ली में जाकर जो मर्जी करो, पंजाब में मत करो, बहुत गैर जिम्मेदाराना है। इसका मतलब है कि तुम पड़ोसी राज्य हरियाणा,दिल्ली की शांति भंग करना चाहते हो।इसका मतलब किसानों को उकसाने का काम उन्होंने ही किया है।

अमरिंदर ने क्या कहा था

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का बयान सामने आया। उन्होंने किसानों से दिल्ली और हरियाणा जाकर आंदोलन करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से पंजाब को भारी नुकसान हो रहा है।

उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली और हरियाणा में आंदोलन करें। उनके पंजाब में धरना देने से प्रदेश की आर्थिकता को नुकसान हो रहा है। वहीं, पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर किसानों की मांगों पर काम करने की मांग की, जिनमें आंदोलन के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज अनुचित प्राथमिकी को रद्द करने की मांग शामिल है।

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