दुबई : भारतीय राजदूत के साथ हजारों भारतीयों ने अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की आधारशिला रखी-

  • भारतीय पत्थरों के इस्तेमाल से होगा संयुक्त अरब अमीरात में मंदिर का निर्माण

  • 2015 में यूएई के भारतीय समुदाय ने की थी पूजास्थल के लिए जमीन देने की मांग

  • स्वामीनारायण संस्था करेगी मंदिर का निर्माण, वर्ष 2020 तक पूरा होने का लक्ष्य

 

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबू धाबी में पहले हिंदू मंदिर की नींव रखी गई। मंदिर की आधारशिला रखने के लिए शनिवार को हुए धार्मिक आयोजन में हजारों की संख्या में भारतीय मौजूद थे। बोचासंवासी श्री अक्षर-पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के प्रमुख महंत स्वामी महाराज ने इस आयोजन का संचालन किया। मंदिर का निर्माण इसी संस्था द्वारा कराया जा रहा है। पूजा के बाद पवित्र की गई गुलाबी ईंटों से मंदिर की नींव रखी गई। ये ईंट राजस्थान से यहां लाई गई थीं।

आयोजन के दौरान यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सूरी भी मौजूद थे। उन्होंने मंदिर बनाने की पहल के लिए यहां की सरकार को धन्यवाद दिया और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश सुनाया।

मोदी के हवाले से सूरी ने कहा, ‘130 करोड़ भारतीयों की तरफ से मैं अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और मेरे प्रिय मित्र शेख मुहम्मद बिन जायद अल नाहयान का अभिवादन करता हूं। निर्माण पूरा होने के बाद यह मंदिर सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों और अध्यात्म का प्रतीक होगा जो भारत व यूएई की साझा विरासत है। मुझे विश्वास है कि यह यूएई में रह रहे 33 लाख भारतीयों के साथ ही भिन्न संस्कृति के लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा।’

 

उल्लेखनीय है कि 2015 में मोदी की पहली यूएई यात्रा के दौरान यहां की सरकार ने मंदिर बनाने की योजना को मंजूरी दी थी।

 

सात अमीरात का प्रतीक होंगे सात खूबसूरत स्तंभ-

अल रहबा के पास अबू मुरेखा में बनने वाले इस मंदिर में सात स्तंभ बनाए जाएंगे जो यूएई के सात अमीरात का प्रतीक हैं। 14 एकड़ की जमीन पर बन रहे इस मंदिर का निर्माण भारतीय कारीगरों द्वारा गढ़े गए पत्थरों से होगा। इस मंदिर में आर्ट गैलरी, लाइब्रेरी और जिम भी बनाया जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञ प्रीति वैष्णव का कहना है कि बीएपीएस द्वारा निर्मित प्रत्येक मंदिर का वास्तुशिल्प अद्भुत होता है। अबू धाबी में उनके द्वारा बनाया जा रहा मंदिर दुनियाभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।

खास

 मंदिर परिसर में खूबसूसरत बगीचा और वॉटर फ्रंट होगा
– पर्यटक केंद्र, प्रार्थना सभा के लिए स्थान, प्रदर्शनी स्थल
– बच्चों के खेलने की जगह, फूड कोर्ट, गिफ्ट शॉप भी होंगे
– संबंधित विषयों से जुड़े बगीचे भी मंदिर परिसर में बनाए जाएंगे

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