नागरिकों की सूचना की गोपनीयता के लिए व्यक्तिगत डाटा सुरक्षा कानून जल्द-

सरकार नागरिकों की सूचना की गोपनीयता बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत डाटा सुरक्षा कानून (पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट) लाने की तैयारी में है। संबंधित बिल का मसौदा तैयार है और इसी संसद सत्र में इसे पास कराने की कोशिश है।

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में कहा कि व्यक्तिगत डाटा की सुरक्षा के लिए कानून जल्द ही लाया जाएगा। संबंधित बिल संविधान की निजता के अधिकार के सिद्धांत पर बनाया गया है।

कानून के तहत किसी व्यक्क्ति के निजी डाटा की चोरी, स्थानांतरण, व्यापार करने वालों पर पुलिस किसी शिकायत के बगैर कार्रवाई कर सकती है। इस अपराध को सीआरपीसी के गैर जमानती अपराध के तहत रखा गया है। बच्चों और देश की सामरिक सुरक्षा संबंधी डाटा पर और सख्ती का प्रावधान किया गया है।

इस कानून के तहत पांच सदस्यीय डाटा संरक्षण प्राधिकरकण (डीपीए) का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण व्यक्तिगत डाटा संरक्षण से सभी पहलूओं पर काम करेगा। पूर्व चीफ जस्टिस इसके अध्यक्ष होंगे जिसका चुनाव मौजूदा चीफ जस्टिस, कैबिनेट सचिव और साइबर विशेषज्ञ की कमेटी करेगी। इस संबंध में प्राधिकरण के किसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

मसौदे में दोषी व्यक्ति या कंपनी के खिलाफ 20 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। 18 साल के कम उम्र के बच्चों की सूचनाओं को संरक्षित करने के लिए कई सख्त प्रावधान किए गए हैं। साथ ही देश की सामरिक, आंतरिक और बाह्य सुरक्षा संबंधित सूचनाओं के संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया है। मीडिया द्वारा किसी डाटा के इस्तेमाल पर गाइडलाइन तैयार किया गया है।

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