एटा : महिला APO की निर्मम हत्या, चेहरे पर मारी गई पांच गोलियां

एटा यूपी,   

जिला मुख्यालय के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र स्थित सरकारी आवासीय कॉलोनी में अज्ञात लोगों ने सरकारी अधिवक्ता नूतन यादव की गोली मार कर हत्या कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि हत्या की सूचना उनके यहां घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली महिला ने दी।

 

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नूतन यादव (35) मूल रूप से आगरा की निवासी थी तथा तथा वर्तमान में जलेसर मुंसिफ सीनियर डिवीजन के यहां सरकारी अधिवक्ता के रूप में तैनात थी।

 

एटा के जलेसर कोर्ट में सहायक अभियोजन अधिकारी की उनके सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी। उन्हें पांच गोलियां मारी गईं। परिजनों ने दूर के रिश्ते में लगने वाले चाचा पर हत्या का आरोप लगाया है। एपीओ का शव महिला थाने के पास स्थित उनके क्वार्टर में पाया गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस महकमा सकते में है। हत्यारोपितों की तलाश की जा रही है।

30 वर्षीय सहायक अभियोजन अधिकारी नूतन यादव उर्फ डौली मूल निवासी गांव खुशालपुर थाना क्षेत्र बरहन जनपद आगरा अविवाहित थीं। उनके पिता जगदीश प्रसाद यादव एत्मादपुर तहसील में अधिवक्ता हैं। नूतन एक वर्ष से यहां जलेसर कोर्ट में तैनात थीं। रात में ही उनकी हत्या कर दी गई। एक गोली उनके सीने में तथा चार मुंह में मारी गईं, पूरा चेहरा गोलियों से छलनी हो गया। मंगलवार सुबह नौकरानी संगीता घर पर पहुंची तो शव को चारपाई पर पड़ा देखा।

आगरा जिले के बरहन थाना क्षेत्र के गांव खुशहालपुर निवासी नूतन यादव (35) पुत्री जगदीश प्रसाद यादव सहायक अभियोजन अधिकारी पद पर एटा के जलेसर न्यायालय में कार्यरत थीं। वह वहीं पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में भाई के साथ रहती थीं। बताया जाता है कि सोमवार को भाई घर चला गया। वह अपने आवास पर अकेली थीं। मंगलवार की सुबह काम करने वाली महिला जब वहां पहुंची तो देखा कि कमरे के अंदर महिला अधिकारी का खून से लथपथ शव पड़ा था। कमरे का नजारा देख कर वह चीख पड़ी। महिला के चिल्लाने की आवाज सुन आसपास के लोग निकल आए। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई।

थोड़ी ही देर में एसएसपी स्वप्निल ममगाईं फोर्स के साथ पहुंच गए और मामले की छानबीन शुरू कर दी। बताया गया है कि घर पर नूतन अकेली थीं, वैसे उनका छोटा भाई राघवेंद्र उनके साथ रहता था, लेकिन एक दिन पहले वह गांव चला गया था। सूचना मिलते ही नूतन के परिवारीजन एटा पहुंच गए। उनकी बहन पूनम ने बताया कि रात को उनकी बात नूतन से हुई थी, तब उन्होंने गांव से भाई को एटा भेजने के लिए कहा था।

मृतका सरकारी अधिवक्ता नूतन के पिता जगदीश यादव ने बताया की मेरे दो पुत्र तथा तीन पुत्रियां हैं। नूतन की अभी एक वर्ष पूर्व सरकारी अधिवक्ता के पद पर एटा में नौकरी लगी थी। हमारी किसी से ऐसी कोई दुश्मनी नहीं थी जो कोई उसकी हत्या करता।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वप्निल मंगाई ने घटनास्थल के निरीक्षण के बाद कहा, ऐसा लगता है कि यह किसी जान-पहचान वाले व्यक्ति का काम है। घटना के कारण एवं हत्यारे का शीघ्र ही पता लगा कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

 

अभी तक इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। सरकारी अधिवक्ता नूतन की हत्या की जानकारी पाकर वहां बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंच गए और उन्होंने हत्या पर आक्रोश व्यक्त किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से हत्यारे की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

 

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