महावीर जयंती पर्व : वर्धमान  से महावीर  ✍ गोपाल कौशल

महावीर जयंती पर विशेष रचनाएं-

वर्धमान  से महावीर

त्रिशला – सिध्दार्थ के
घर जन्में थे महावीर ।
तेजस्वी ज्ञान-कौशल
से मिला जग सम्मान ।।
बलशाली थे इसलिए
पड़ा   महावीर   नाम ।
तप,अहिंसा,संयम से
हुए महावीर भगवान ।।
पार्श्वनाथ  कहलाया
गिरिडीह  का स्थान ।
महावीर की तपोभूमि
बना जैन तीर्थ महान ।।
अहिंसा  परमों धर्म :
नवकार मंत्र दें ज्ञान ।
जीयो और जीने दो
रखों  सबका  ध्यान ।।

       स्तुति :  जय महावीर

जय-जय भगवान महावीर
दुखियों की बदली तकदीर ।
अहिंसा परमों धर्म का मंत्र
देकर जग की बदली तस्वीर ।।
जय- जय भगवान महावीर
भूखों को दिया भोजन-नीर ।
जीओं और जीने दो का नारा
देकर दूर किया फैला तिमिर ।।
जय – जय भगवान  महावीर
जैनियों ने पाया रत्न धर्मवीर ।
दुनिया को दिखलाया सत्मार्ग
देकर समभाव के विचार सुधीर ।।
✍ गोपाल कौशल
 नागदा जिला धार मध्यप्रदेश

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