जीआरपी प्रभारी द्वारा की गई मानव सेवा

सच की दस्तक  डेस्क चन्दौली

मानव का कोई धर्म नहीं होता और इसमें न तो कोई बड़ा होता है न कोई छोटा होता है। यह शब्द को कार्य रूप में अमलीजामा पहनाया गया जीआरपी प्रभारी आर के सिंह द्वारा ।जिन्होंने प्लेटफॉर्म पर घूमने वाले घुमंतु बच्चों को ना केवल गर्म कपड़े बांटे बल की मिठाइयां देखकर उन्हें यह समझाने का प्रयास किया कि नशे की लत से बाहर आए ।स्कूल जाएं और जो बन सकेगा वह उनके लिए करेंगे। जानकारी हो कि घुमंतु बच्चे बुरी तरह नशे की लत में है ।चाहे वह सर्कुलेटिंग एरिया हो, चाहे  प्लेटफार्म, चाहे रेलवे ओवर ब्रिज सभी जगहों पर यह घुमंतु बच्चे बड़े आसानी से नशा की खुराक के रूप में सुलेशन हीरोइन लेते मिल जाएंगे । अक्सर यह आरोप लगता रहा है कि जीआरपी के आंखों के सामने यह कार्य होता है। लगातार लग रहे आरोपों की परवाह न करते हुए जीआरपी प्रभारी द्वारा घुमंतु बच्चों के स्वर्णिम भविष्य के लिए एक प्रयास किया है ।जिसके तहत ठंड से बचने के लिए घुमंतु बच्चों को बुधवार की दोपहर में कपड़ों का वितरण किया बल्कि उनको बैठाकर एक बार प्रयास किया कि वह समझा सके की नशा बहुत खराब चीज होती है। आप स्कूल जाओ फीस की चिंता मत करो। आप पढ़ो हम पढ़ाने के लिए तत्पर हैं ।जीआरपी की पहल आगे क्या गुल खिलाती हैं यह तो बात की बात है लेकिन जो पहल की गई है वह सराहनीय है ।

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