Haridwar Mahakumbh 2021: 6 साल पहले वाराणसी में हुए साधु-संतों पर लाठीचार्ज के लिए अखिलेश यादव ने मांगी माफी

 

हरिद्वार: समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने 6 साल पहले वाराणसी में साधु-संतों के साथ मारपीट के मामले में माफी मांगी है। महाकुंभ के बीच हरिद्वार पहुंचे पूर्व सीएम ने ज्योतिष और शारदा-द्वारका पीठ के जगदगुरु शंकाराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से मुलाकात करके उनका आशीर्वाद लिया। शंकाराचार्य से मुलाकात से पहले अखिलेश ने उनके शिष्य और उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की और उनका भी आशीर्वाद लिया।

अखिलेश यादव ने मांगी माफी

इस दौरान अखिलेश ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से माफी मांगी। जिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अखिलेश को माफी दे दी।

क्या है पूरा मामला

समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते साल 2015 में वाराणसी में साधु-संतों के साथ मारपीट हुई थी। पुलिस लाठीचार्ज में साधु-संत बुरी तरह से घायल हो गए थे। वही तत्कालीन सरकार के समय में 1000 ये ज्यादा लोगों पर मारपीट और दंगा भड़काने का मुकदमा भी पुलिस ने दर्ज कर लिया था।

गणेश जी के प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ था लाठीचार्ज

गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए लाठीचार्ज में ज्योतिष और शारदा-द्वारका पीठ के शंकराचार्य जगदगुरु शंकाराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती​ के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और बालकदास महाराज को उनके शिष्यों के साथ जमकर मारा पीटा गया था। घटना आधी रात को घटित हुई थी। पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हाथ से गणेश प्रतिमा को छीनकर जबरन दूसरी जगह विसर्जित कर दिया था। तत्कालीन समय में संत समाज ने इस मारपीट का जोरदार विरोध दर्ज किया था। लेकिन इसके बावजूद उस समय मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। अब मारपीट के छह साल बाद अखिलेश यादव ने माफी मांगी है। जिसे संतों ने स्वीकार कर लिया है।

हरिद्वार में नरेंद्र गिरि के आश्रम पहुंचे अखिलेश यादव, लिया आरशीर्वाद

ज्योतिष और शारदा-द्वारका पीठ के जगदगुरु शंकाराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के साथ साथ उनके उत्तराधिकारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव हरिद्वार में नरेंद्र गिरि के आश्रम पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने गिरि का भी आशीर्वाद लिया।

2 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x