मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं – पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेरा बाबा नानक में कहा कि करतारपुर कॉरिडोर को कम वक्त में तैयार करने के लिए मैं इमरान खान को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा किमैं पाकिस्तान के श्रमिक साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इतनी तेजी से अपनी तरफ के कॉरिडोर को पूरा करने में मदद की।
उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। जैसी अनुभूति आप सभी को ‘कार सेवा’के समय होती है, वही, मुझे इस वक्त हो रही है। मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
गुरु नानक देव हमारे प्रेरणा पुंज हैं-
उन्होंने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि मैं आज देश को करतारपुर साहिब कॉरिडोर समर्पित कर रहा हूं। जैसी अनुभूति आप सभी को ‘कार सेवा’के समय होती है, वही, मुझे इस वक्त हो रही है। मैं आप सभी को, पूरे देश को, दुनिया भर में बसे सिख भाई-बहनों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
गुरु नानक देव जी, सिर्फ सिख पंथ की, भारत की ही धरोहर नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज हैं। गुरु नानक देव एक गुरु होने के साथ-साथ एक विचार हैं, जीवन का आधार हैं। उन्होंने सीख दी कि धर्म तो आता जाता रहता है लेकिन सत्य मूल्य हमेशा रहते हैं। उन्होंने सीख दी है कि अगर हम मूल्यों पर रह कर काम करते हैं तो समृद्धि स्थायी होते हैं। करतारपुर के कण-कण में गुरुनानक देव जी के पसीने की महक मिली है। यहां की वाणी में उनकी वाणी की गूंज मिली हुई है।
कॉरिडाेर के उद्घाटन से पहले डेरा बाबा नानक में अरदास में शामिल हुए-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेरा बाबा नानक में मुख्य पंडाल में अरदास में शामिल हुए।  उनके साथ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल व सांसद सनी देयोल सहित कई नेता आदि भी मौजूद हैं। पीएम  थोड़ी देर में यात्री टर्मिनल और चेकपोस्‍ट का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्‍व में 670 लोगों के जत्‍थे को पाकिस्‍तान में  स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए रवाना करेंगे। इस दल में विभिन्‍न दलों के सांसद, विधायक और राज्‍य के मंत्री शामिल हैं।
जत्‍थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी शामिल होंगी। विभिन्‍न दलों के सांसद व विधायक कॉरिडाेर के पास पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, पहले जत्‍थे में पाकिस्‍तान जाने के लिए श्रद्धालु औपचारिकता पूरी कर रहेे हैं। पहले जत्‍थे के रवाना होने के साथ ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हाे जाएगा।
इससे पहले वह सुल्‍तानपुर लोधी पहुंचे और वहां उन्‍होंने गुरुद्वारा श्री बेर स‍ाहिब में माथा टेका।गुरद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेकने के बाद प्रधानमंत्री मोदी वहां से डेरा बाबा नानक के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री गुरुद्वारा साहिब में करीब 11 मिनट रहे। 
प्रधानमंत्री मोदी गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्‍तक हुए और उन्होंने बाबा के जप स्थान पर शीश झुका कर गुरु श्री नानकदेव का आर्शीवाद लिया।  पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व  मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ नानक की नगरी पहुंचे पीएम मोदी बेहद श्रद्धा व आस्था से लबरेज दिखाई दे रहे थे। 
कड़ी सुरक्षा व शानदार स्वागत के बीच चेहरे पर चिरपरिचत मुस्कराहट लिए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गुरुद्वारा श्री बार साहिब में माथा टेका और फिर बाबा के जप स्थान भौरा साहिब में जाकर अरदास कर आर्शीवाद लिया।
इसके उपरांत उन्होंने बाबा नानक के हाथों से लगे बेरी के वृक्ष को नमस्कार करते हुए संगत को हाथ जोड़ कर प्रकासोत्सव की बधाई दी। इस दौरान प्रधानमंत्री को एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लोगोवाल, पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर द्वारा सिरोपा व किरपान भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी मौजूद थे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृतसर के गुरु रामदास अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। मोदी यहां से सुल्‍तानपुर लोधी के लिए रवाना हुए। सुल्‍तानपुर लोधी में गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्‍तक होने के बाद वह श्री करतारपुर साहिब के लिए हुए रवाना। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पंजाब के राज्यपाल बीपी बदनोर ने उनका स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में बनाए गए कॉरिडोर के पैसेंजर टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे, तो यह तमाम सिखों और नानक नाम लेवा के लिए ऐतिहासिक पल होगा। श्रद्धालु पिछले 72 वर्षों से दूरबीन से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर रहे थे, लेकिन अब वे कॉरिडोर के माध्यम से गुरुद्वारा साहिब जाकर वहां नतमस्तक हो सकेंगे।
कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा की गई है। सुल्‍तानपुर लोधी में भी गुरुद्वारा श्री बेरी साहिब के बाहर और आसपास के क्षेत्र में बेहद कड़ी सुरक्षा है। चप्‍पे-चप्‍पे पर पंजाब पुलिस के जवान और सुरक्षा जवान तैनात हैं। सुल्‍लानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक में भारी संख्‍या में संगत का आना जारी है।
पीएम के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा चाक चौबंद है। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पीएम के स्वागत में एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला सहित कई नेता भी मौजूद रहे। यहां काफी श्रद्धालु की सुबह से दर्शन कर रहे हैं। पीएम के आगमन के कारण उनके दर्शन करने पर कोई राेक-टोक नहीं है।
1947 में भारत-पाक बंटवारे के बाद श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब और श्री करतारपुर साहिब जैसे कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे पाकिस्तान में रह जाने के कारण इन पवित्र स्थानों के दीदार सिखों के लिए दुर्लभ हो गए थे। ऐसे में नितनेम के बाद सुबह-शाम की जाती अरदास में सिख पंथ ने इन पंक्तियों को जोड़ा- ‘श्री ननकाना साहिब ते होर गुरुद्वारेयां, गुरुधामां दे, जिनां तों पंथ नूं विछोडय़ा गया है, खुले दर्शन दीदार ते सेवा संभाल दा दान खालसा जी नूं बख्शो।’
इसका मतलब है- श्री ननकाना साहिब और बाकी गुरुद्वारे या गुरुधाम जो बंटवारे के चलते पाकिस्तान में रह गए उनके खुले दर्शन सिख कर सकें, यह प्रार्थना है। हर साल केवल तीन-चार मौकों पर ही दो-चार हजार लोगों को पाकिस्‍तान जाने की इजाजत थी।
वहीं, अरदास से उपरोक्त पंक्तियों को हटाने पर एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर कहती हैं, ‘अरदास में कोई बदलाव नहीं होगा। यह विचार ही गलत है। यह विषय सिंह सहिबान के अधिकार क्षेत्र का है। अभी तो सैकड़ों गुरुद्वारे पाकिस्तान में हैं। यह अरदास लगातार जारी रहेगी।’
एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी के पूर्व सचिव बलविंदर सिंह जौड़ासिंघा व एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास ने कहा कि श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने की अनुमति मिल गई है, लेकिन आज भी बहुत से धार्मिक स्थान हैं, जिनके आम सिख श्रद्धालु दीदार नहीं कर सकते। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बिना बदलाव नहीं हो सकता।
पाकिस्तान की नापाक हरकतों के चलते यह विवादों में घिरा –
पाकिस्‍तान शुरू से ही कॉरिडोर को लेकर पैंतरेबाजी करता रहा है। पाक पीएम इमरान खान ने पहले जत्थे व प्रकाश पर्व पर प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर फीस न लेने की बात कही थी, लेकिन अब पाक फिर से फीस लेने की बात पर अड़ गया है। पाक सेना पासपोर्ट को अनिवार्य बता रही है, जबकि इमरान का कहना है कि यह जरूरी नहीं है।
वहीं, करतारपुर में पाक ने बोर्ड लगाए हैं कि भारत ने 1971 के युद्ध में इस गुरुद्वारे को बम से गिराने की कोशिश की थी। दूसरी ओर पाक की ओर से जारी एक वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो भी दिखाई गई। कॉरिडोर के नींव पत्थर समारोह में खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला को भी शामिल किया गया था।
डेरा बाबा नानक के निकट अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जीरो-प्वॉइंट पर करतारपुर साहिब गलियारा तैयार करने के लिए भारत ने इसी साल 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ समझौता किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में और पूरी दुनिया में श्री गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व को भव्य रूप में मनाने के लिए 22 नवंबर, 2018 को प्रस्ताव पारित किया था।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण और विकास को मंजूरी दी थी, ताकि पूरे वर्ष गुरुद्वारा दरबार साहेब करतारपुर जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं-  
– डेरा बाबा नानक को अमृतसर-गुरदासपुर राजमार्ग से जोड़ने के लिए 120 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन वाला 4.2 किलोमीटर लम्बा राजमार्ग बनाया गया है।
15 एकड़ जमीन पर शानदार यात्री टर्मिनल भवन बनाया गया है, यह भवन पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसका निर्माण हवाइअड्डे की तरह किया गया है। यहां 50 आव्रजन काउंटर हैं, जो प्रतिदिन 5000 श्रद्धालुओं को सेवा प्रदान करेंगे।
-मुख्य इमारत में शौचालय, सहायता केंद्र, बच्चों के लिए सुविधा, प्राथमिक उपचार सुविधा, प्रार्थना कक्ष, अल्पाहार काउंटर आदि मौजूद हैं।
-मजबूत सुरक्षा के लिए सीसीटीवी द्वारा निगरानी की व्यवस्था है तथा जन सूचना प्रणाली लगाई गई है।
– अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 300 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है।
समझौते की मुख्य विशेषताएं –
– सभी धर्मों को मानने वाले भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालु कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं। यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालुओं के पास केवल वैधानिक पासपोर्ट होना चाहिए।
भारतीय मूल के लोगों के लिए अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड रखना आवश्यक होगा। गलियारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा। सुबह जाने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन वापस लौटना होगा। केवल अधिसूचित दिनों को छोड़कर गलियारा पूरे साल खुला रहेगा, जिसकी सूचना अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
पीएम मोदी को सिखों की ओर से कौमी सेवा अवार्ड भेंट किया गया-
समारोह को अभी पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह संबोधित कर रहे हैं। उन्‍होंने इसे ऐतिहासिक अवसर करार दिया। उन्‍होंने कहा कि गुरु श्री नानकदेव के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर सिखों को अनमोल तोहफा मिला है। उन्‍होंने कहा, मेरी इच्छा थी कि करतारपुर जाऊं। हम मोदी जी का शुक्रिया अदा करते हैं। उन्‍होंने सिखों के लिए बड़ा काम किया है। हम पाकिस्तान के साथ बैर नहीं प्यार चाहते हैं। इतिहास ने कुछ ऐसा किया कि आज भारत और पाकिेस्‍तान में खटास है। पाकिस्तान भी प्यार से अपना विकास करे।उन्‍होंने पाक को चेतावनी दी कि न कश्मीर में कोई उनकी चलेगी न ही पंजाब में। पंजाबियों ने चूडियां नहीं पहनी है।
समारोह को पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी संबोधित किया। बादल ने पीएम और सीएम से कहा कि इस ऐतिहासिक स्थान में आने वाली सभी रोड बनवाई जाए, ताकि इसे टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाया जा सके।
कॉरिडोर के उद्घाटन से 72 सालों से की जा रही सिखों की अरदास पूरी हो गई है। श्री गुरु नानक देव जी से जुड़े गुरुधाम के दर्शन कर उनकी आंखें निहाल हो सकेंगी। उनकी यह अरदास 550वें प्रकाश पर्व पर सुन ली गई है। दूसरी ओर, पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्‍तान में वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा उद्घाटन के मौके पर मौजूद रहने के लिए कॉरिडाेर के रास्‍ते रवाना हो गए।
कॉरिडाेर के उद्घाटन से पहले डेरा बाबा नानक में अरदास में शामिल हुए
iप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेरा बाबा नानक में मुख्य पंडाल में अरदास में शामिल हुए।  उनके साथ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल व सांसद सनी देयोल सहित कई नेता आदि भी मौजूद हैं। पीएम  थोड़ी देर में यात्री टर्मिनल और चेकपोस्‍ट का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्‍व में 670 लोगों के जत्‍थे को पाकिस्‍तान में  स्थित श्री करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के लिए रवाना करेंगे। इस दल में विभिन्‍न दलों के सांसद, विधायक और राज्‍य के मंत्री शामिल हैं।
जत्‍थे में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी शामिल होंगी। विभिन्‍न दलों के सांसद व विधायक कॉरिडाेर के पास पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, पहले जत्‍थे में पाकिस्‍तान जाने के लिए श्रद्धालु औपचारिकता पूरी कर रहेे हैं। पहले जत्‍थे के रवाना होने के साथ ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हाे जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेका
इससे पहले वह सुल्‍तानपुर लोधी पहुंचे और वहां उन्‍होंने गुरुद्वारा श्री बेर स‍ाहिब में माथा टेका।गुरद्वारा श्री बेर साहिब में माथा टेकने के बाद प्रधानमंत्री मोदी वहां से डेरा बाबा नानक के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री गुरुद्वारा साहिब में करीब 11 मिनट रहे। 
प्रधान मंत्री नरिंदर मोदी गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्‍तक हुए और उन्होंने बाबा के जप स्थान पर शीश झुका कर गुरु श्री नानकदेव का आर्शीवाद लिया।  पंजाब के मौजूदा मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व  मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के साथ नानक की नगरी पहुंचे पीएम मोदी बेहद श्रद्धा व आस्था से लबरेज दिखाई दे रहे थे। कड़ी सुरक्षा व शानदार स्वागत के बीच चेहरे पर चिरपरिचत मुस्कराहट लिए प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गुरुद्वारा श्री बार साहिब में माथा टेका और फिर बाबा के जप स्थान भौरा साहिब में जाकर अरदास कर आर्शीवाद लिया।
करतारपुर कॉरिडोर के पास पहुंचे विभिन्‍न दलों के सांसद व नेता।
इसके उपरांत उन्होंने बाबा नानक के हाथों से लगे बेरी के वृक्ष को नमस्कार करते हुए संगत को हाथ जोड़ कर प्रकासोत्सव की बधाई दी। इस दौरान प्रधानमंत्री को एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लोगोवाल, पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर द्वारा सिरोपा व किरपान भेंट कर सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी मौजूद थे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमृतसर के गुरु रामदास अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। मोदी यहां से सुल्‍तानपुर लोधी के लिए रवाना हुए। सुल्‍तानपुर लोधी में गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्‍तक होने के बाद वह श्री करतारपुर साहिब के लिए हुए रवाना। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पंजाब के राज्यपाल बीपी बदनोर ने उनका स्वागत किया।
अमृतसर हवाई अड्डे पर पीएम नरेंद्र मोदी का स्‍वागत करते वीपी बदनौर और कैप्‍टन अमरिंदर सिंह।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में बनाए गए कॉरिडोर के पैसेंजर टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे, तो यह तमाम सिखों और नानक नाम लेवा के लिए ऐतिहासिक पल होगा। श्रद्धालु पिछले 72 वर्षों से दूरबीन से गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर रहे थे, लेकिन अब वे कॉरिडोर के माध्यम से गुरुद्वारा साहिब जाकर वहां नतमस्तक हो सकेंगे।
कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा की गई है। सुल्‍तानपुर लोधी में भी गुरुद्वारा श्री बेरी साहिब के बाहर और आसपास के क्षेत्र में बेहद कड़ी सुरक्षा है। चप्‍पे-चप्‍पे पर पंजाब पुलिस के जवान और सुरक्षा जवान तैनात हैं। सुल्‍लानपुर लोधी और डेरा बाबा नानक में भारी संख्‍या में संगत का आना जारी है।
पीएम के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा चाक चौबंद है। गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में पीएम के स्वागत में एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला सहित कई नेता भी मौजूद रहे। यहां काफी श्रद्धालु की सुबह से दर्शन कर रहे हैं। पीएम के आगमन के कारण उनके दर्शन करने पर कोई राेक-टोक नहीं है।
प्रधानमंत्री डेरा बाबा नानक में करेंगे करतारपुर कॉरिडोर के पैसेंजर टर्मिनल का उद्घाटन
1947 में भारत-पाक बंटवारे के बाद श्री ननकाना साहिब, श्री पंजा साहिब और श्री करतारपुर साहिब जैसे कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे पाकिस्तान में रह जाने के कारण इन पवित्र स्थानों के दीदार सिखों के लिए दुर्लभ हो गए थे। ऐसे में नितनेम के बाद सुबह-शाम की जाती अरदास में सिख पंथ ने इन पंक्तियों को जोड़ा- ‘श्री ननकाना साहिब ते होर गुरुद्वारेयां, गुरुधामां दे, जिनां तों पंथ नूं विछोडय़ा गया है, खुले दर्शन दीदार ते सेवा संभाल दा दान खालसा जी नूं बख्शो।’ इसका मतलब है- श्री ननकाना साहिब और बाकी गुरुद्वारे या गुरुधाम जो बंटवारे के चलते पाकिस्तान में रह गए उनके खुले दर्शन सिख कर सकें, यह प्रार्थना है। हर साल केवल तीन-चार मौकों पर ही दो-चार हजार लोगों को पाकिस्‍तान जाने की इजाजत थी।
वहीं, अरदास से उपरोक्त पंक्तियों को हटाने पर एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जगीर कौर कहती हैं, ‘अरदास में कोई बदलाव नहीं होगा। यह विचार ही गलत है। यह विषय सिंह सहिबान के अधिकार क्षेत्र का है। अभी तो सैकड़ों गुरुद्वारे पाकिस्तान में हैं। यह अरदास लगातार जारी रहेगी।’
एसजीपीसी की धर्म प्रचार कमेटी के पूर्व सचिव बलविंदर सिंह जौड़ासिंघा व एसजीपीसी के प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास ने कहा कि श्री करतारपुर साहिब के दर्शन करने की अनुमति मिल गई है, लेकिन आज भी बहुत से धार्मिक स्थान हैं, जिनके आम सिख श्रद्धालु दीदार नहीं कर सकते। श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बिना बदलाव नहीं हो सकता।
पाकिस्‍तान शुरू से ही कॉरिडोर को लेकर नापाकी करता रहा है। पाक पीएम इमरान खान ने पहले जत्थे व प्रकाश पर्व पर प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर फीस न लेने की बात कही थी, लेकिन अब पाक फिर से फीस लेने की बात पर अड़ गया है। पाक सेना पासपोर्ट को अनिवार्य बता रही है, जबकि इमरान का कहना है कि यह जरूरी नहीं है।
वहीं, करतारपुर में पाक ने बोर्ड लगाए हैं कि भारत ने 1971 के युद्ध में इस गुरुद्वारे को बम से गिराने की कोशिश की थी। दूसरी ओर पाक की ओर से जारी एक वीडियो में जरनैल सिंह भिंडरावाला की फोटो भी दिखाई गई। कॉरिडोर के नींव पत्थर समारोह में खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला को भी शामिल किया गया था।
24 अक्‍टूबर को दोनों देशों के बीच समझौते को दिया गया अंतिम रूप
डेरा बाबा नानक के निकट अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित जीरो-प्वॉइंट पर करतारपुर साहिब गलियारा तैयार करने के लिए भारत ने इसी साल 24 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ समझौता किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश भर में और पूरी दुनिया में श्री गुरु नानक देव जी के ऐतिहासिक 550वें प्रकाश पर्व को भव्य रूप में मनाने के लिए 22 नवंबर, 2018 को प्रस्ताव पारित किया था। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण और विकास को मंजूरी दी थी, ताकि पूरे वर्ष गुरुद्वारा दरबार साहेब करतारपुर जाने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं को सुविधा प्राप्त हो सके।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं-  
– डेरा बाबा नानक को अमृतसर-गुरदासपुर राजमार्ग से जोड़ने के लिए 120 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन वाला 4.2 किलोमीटर लम्बा राजमार्ग बनाया गया है।
-15 एकड़ जमीन पर शानदार यात्री टर्मिनल भवन बनाया गया है, यह भवन पूरी तरह से वातानुकूलित है और इसका निर्माण हवाइअड्डे की तरह किया गया है। यहां 50 आव्रजन काउंटर हैं, जो प्रतिदिन 5000 श्रद्धालुओं को सेवा प्रदान करेंगे।
-मुख्य इमारत में शौचालय, सहायता केंद्र, बच्चों के लिए सुविधा, प्राथमिक उपचार सुविधा, प्रार्थना कक्ष, अल्पाहार काउंटर आदि मौजूद हैं।
-मजबूत सुरक्षा के लिए सीसीटीवी द्वारा निगरानी की व्यवस्था है तथा जन सूचना प्रणाली लगाई गई है।
– अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 300 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया है।
समझौते की मुख्य विशेषताएं –
– सभी धर्मों को मानने वाले भारतीय और भारतीय मूल के श्रद्धालु कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं। यात्रा के लिए वीजा की आवश्यकता नहीं है। श्रद्धालुओं के पास केवल वैधानिक पासपोर्ट होना चाहिए।
– भारतीय मूल के लोगों के लिए अपने देश के पासपोर्ट के साथ ओसीआई कार्ड रखना आवश्यक होगा। गलियारा सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहेगा। सुबह जाने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन वापस लौटना होगा। केवल अधिसूचित दिनों को छोड़कर गलियारा पूरे साल खुला रहेगा, जिसकी सूचना अग्रिम रूप से दे दी जाएगी।
– श्रद्धालुओं को अकेले या समूह में अथवा पैदल जाने की छूट होगी।
– यात्रा तिथि के 10 दिन पहले भारत श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को सौंपेगा। यात्रा तिथि के 4 दिन पहले श्रद्धालुओं को यात्रा की पुष्टि की सूचना प्राप्त हो जाएगी।
पाकिस्तान पक्ष ने भारत को आश्वासन दिया है कि ‘लंगर’ और ‘प्रसाद’ का पर्याप्त प्रबंध किया जाएगा।
पंजीकरण के लिए पोर्टल-
श्रद्धालुओं को अपने यात्रा के विषय में prakashpurb550.mha.gov.in
पर पंजीकरण कराना होगा। यात्रा तिथि से 3 से 4 दिन पहले पंजीकरण की पुष्टि श्रद्धालु को एसएमएस और ई-मेल के जरिये कर दी जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रानिक ट्रेवल ऑथराइजेशन (ईटीए) भी तैयार हो जाएगा। श्रद्धालु को पासपोर्ट के साथ ईटीए ले जाना आवश्यक होगा
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