पी. चिदंबरम और कार्ति को लेकर इंद्राणी मुखर्जी का बड़ा बयान-

आइएनएक्स मीडिया में अनुमति से अधिक विदेशी निवेश को विदेशी निवेश संव‌र्द्धन बोर्ड (एफआइपीबी) की मंजूरी दिलाने के बदले तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने अपने बेटे कार्ति के कारोबार में मदद करने और विदेश में पैसा भेजने के लिए कहा था।

मनी लांड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले की जांच के दौरान इंद्राणी मुखर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जांचकर्ताओं को यह जानकारी दी थी। वहीं, पीटर का कहना था कि उन्होंने दो या तीन बार सीनियर चिदंबरम से मुलाकात की थी। पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ही आइएनएक्स मीडिया ग्रुप के प्रमोटर थे।

 

चिदंबरम ने बेटे की मदद व विदेश में पैसा भेजने को कहा-

प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत दर्ज बयान में इंद्राणी मुखर्जी ने कहा था कि उसने अपने पति पीटर मुखर्जी के साथ पी. चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में मुलाकात की थी। पीटर ने आइएनएक्स मीडिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) लाने के लिए आवेदन का जिक्र करते हुए पी. चिदंबरम से बातचीत शुरू की थी और आवेदन की एक प्रति उन्हें सौंपी थी। इंद्राणी के मुताबिक, ‘मामले को समझने के बाद एफआइपीबी मंजूरी के बदले चिदंबरम ने पीटर से अपने बेटे कार्ति की उसके कारोबार में मदद करने और विदेश में पैसा भेजने को कहा था।’

कार्ति ने 10 लाख अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए कहा-

2008 में अपने बयान में इंद्राणी ने कहा था, जब उन्हें पता चला कि एफआइपीबी मंजूरी आवेदन में कथित रूप से अनियमितताएं थीं तो पीटर ने इस मसले का समाधान करने के लिए चिदंबरम से मिलने का फैसला किया। इंद्राणी के मुताबिक, ‘पीटर का कहना था कि कथित उल्लंघनों को कार्ति और पी. चिदंबरम की मदद से कानूनी बनाया जा सकता है। इसके बाद दोनों ने दिल्ली के एक होटल में कार्ति से मुलाकात की थी।

कार्ति इस मसले के बारे में जानता था और उसने मामले के समाधान के लिए उसके या उसके सहयोगियों के विदेशी खातों में 10 लाख अमेरिकी डॉलर ट्रांसफर करने के लिए कहा। जब पीटर ने कहा कि विदेशी खातों में रकम ट्रांसफर करना संभव नहीं हो पाएगा तो कार्ति ने विकल्प के तौर पर दो कंपनियों चेस मैनेजमेंट और एडवांटेज स्ट्रैटेजिक के नाम सुझाए और उनके खातों में रकम जमा करने को कहा। साथ ही उसने कहा कि दोनों कंपनियां आइएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की कंसल्टेंट के रूप में दर्शायी जाएंगी।’

 

कार्ति से जुड़ी कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक को किया गया भुगतान-

इंद्राणी का आगे कहना था, ‘भुगतान के मामले पीटर देखते थे और उसे नहीं पता कि सीनियर चिदंबरम के बेटे के हित के लिए कितनी रकम का भुगतान किया गया। आइएनएक्स ग्रुप के निदेशक (लीगल एंड रेगुलेटरी अफेयर्स) ने एफआइपीबी से जुड़े मामले में कार्ति की कंपनी चेस मैनेजमेंट से बात की थी और उसकी जानकारी के मुताबिक कार्ति से जुड़ी दूसरी कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक ने आइएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को कभी सेवाएं नहीं दीं।’ ईडी को जांच के दौरान पता चला था कि आइएनएक्स मीडिया ने 2008 में एडवांटेज स्ट्रैटेजिक को चेक के जरिये 9.96 लाख रुपये का भुगतान किया था। पीटर मुखर्जी ने अपने बयान में ईडी जांचकर्ताओं को बताया था कि एडवांटेज स्ट्रैटेजिक को किया गया यह भुगतान कार्ति द्वारा 10 लाख अमेरिकी डॉलर की मांग का हिस्सा था।

 

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