27 जून अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस – ‘प्लेज फॉर लाइफ’ कैंपेन

अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर रैली निकाल कर दिया नशा न करने का संदेश-

हर वर्ष 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस (इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग अब्यूस एंड इलिसिट ट्रैफकिंग) के रुप में दुनियाभर में मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के सहयेाग से इस दिवस की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी और इसी दिन से ही लोगों को नशे से मुक्त कराने और उन्हे जागरुक करने के उद्वेश्य से यह दिवस मनाया जाता है।

हरियाणा पुलिस और संबंध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) की ओर से बुधवार को अतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर सिविल लाइंस में आयेाजित युवाओं के साथ तंबाकू, एल्कोहल और ड्रग्स पर चर्चा में सामने आया कि देशभर में 10 लाख लोग रजिस्टर्ड है जो कि (ओपीएम) ड्रग्स लेने वाले है जबकि 50 लाख लोग इसका सेवन करते है।

इस अवसर पर गुरुग्राम वेस्ट महिला पुलिसथाना की थानाधिकारी कविता देवी ने कहा कि युवा वर्ग में नशों का उपयेाग बढ़ता जा रहा है जोकि चिंता का विषय है और खासतौर पर ड्रग्स की समस्या मुख्य है। जो लेाग इन पदार्थों का उपयेाग करते है या फिर उसका अवैध व्यापार करते है उनको 6 माह से लेकर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है और 2 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान है। यह सजा और जुर्माना दोनेां ही मात्रा के आधार पर तय होता है। उन्होने कहा कि ये नशे धीरे – धीरे युवावर्ग को अपनी गिरफत में लेता है जो कि उन्हे अंधेरे की और धकेल देता है। जो कि चिंता का विषय है। सभी को, बच्चों को, इस बुरी लत से बचाया जा सकता है, बशर्ते मीडिया अपने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए पुलिस-प्रशासन को इसके दुष्प्रभावों को इंगित करे।

उन्होने कहा कि नशीली दवाओं या पदार्थों का सेवन करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ते देख संयुक्त राष्ट्र ने 7 दिसंबर 1987 को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। इस दिवस के माध्यम से लेागों को नशीली दवाओं के दुरुपयेाग और अवैध व्यापार के प्रति जागरुक किया जाता है।

● न्याय के लिए स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के लिए न्याय

इस वर्ष की थीम न्याय के लिए स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के लिए न्याय है। इस बार की थीम भी लोगों से अपनी हैल्थ के साथ न्याय करने की अपील करती है।

संबध हैल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के डा• सोमिल रस्तौगी ने बताया कि जो लेाग ड्रग्स को इंजेक्शन के जरिये लेते है उनमें एड्स की संभावनांए भी बढ़ जाती है। इसके साथ ही ड्रग्स के लिए तंबाकू को एंट्री द्वार माना जाता है। इसी के रास्ते से वह पहले तंबाकू और फिर शराब, गांजा, चरस व हेरोइन का सेवन करना शुरु कर देता है। इसलिए सबसे पहले इसके एंट्री द्वार को बंद करने की महती आवश्यता है।

डा• रस्तौगी ने बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबेका सर्वे (गेट्स) 2016-17 के मुताबिक हरियाणा प्रदेश में 23.6 प्रतिशत (करीब 46.84 लाख, उम्र 15 वर्ष से अधिक ) लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं। इनमें से 39 लाख (19.7 प्रतिशत) लोग धूम्रपान का सेवन करते हैं। प्रदेश में 15.5 प्रतिशत बीड़ी, 7.6 प्रतिशत हुक्का और 2.6 प्रतिशत सिगरेट का सेवन करने वाले शामिल है। प्रदेश में 15 से 17 वर्ष में तंबाकू सेवन करने वाले 4 प्रतिशत उपयोगकर्ता बढ़े है। धूम्रपान की वजह से नोन-स्मोकर पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। गंभीर चिंतन का विषय ये है कि इनमें से 10 फीसदी लोग वे हैं जो धूम्रपान नहीं करते हैं, लेकिन बीड़ी-सिगरेट पीने वाले के संपर्क में रहने के कारण रोगग्रस्त होकर मौत का शिकार हो जाते हैं।

तंबाकू जनित पदार्थों के उपयोग से कैंसर सहित विभिन्न तरह की बीमारियों से ग्रसित होने के कारण प्रदेश में सालाना अनुमानित 28 हजार लोगों की मौत हो जाती है। वहीं, लगभग 116 बच्चे रोजाना तम्बाकू पदार्थों का सेवन शुरु करते हैं। यदि देश व विश्व के संदर्भ में बात करें तो भारत में 13 लाख 50 हजार लोगों की तम्बाकू से होने वाले कैंसर से मौत होती है, जबकि विश्व में सालाना छह मिलियन लोगों की इस बीमारी से मौत हो जाती है।

● युवाअेां व पुलिस अधिकारियों ने ली शपथ

इस दौरान तंबाकू, ड्रग्स व अन्य धूम्रपान उत्पादों को न लेने की शपथ दिलायी गई। शपथ के बाद सभी अधिकारियों व युवाओं ने हमेशा इस संकल्प को याद रखने व युवाओं को इससे बचाने का भी भरोसा दिलाया।

● ‘प्लेज फॉर लाइफ’ कैंपेन

बच्चों व युवाओं को तम्बाकू की लत से बचाने के लिए ‘प्लेज फॉर लाइफ’ कैंपेन के माध्यम से देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्कूली बच्चों, महाविद्यालय स्तर के युवाओं को तम्बाकू के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर उनसे भविष्य में किसी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ दिलाई जाएगी।

● अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर रैली से दिया संदेश

इस अवसर पर टाक शो के बाद युवाओं व पुलिस अधिकारियों ने न्यू रेलवे रोड़ पर रैली निकालकर किसी भी तरह का नशा न करने का संदेश दिया।

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