कोरेना वायरस आयौ✍️डॉ. रामावतार रबारी मकवाना ” आज़ाद पंछी “

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मनै पल-पल याद सतावै रै म्हारां अलीजा भरतार।
कोरेना वायरस आयौ रै इणरो मच रहो हाहाकार।
गोरी म्हारी चिन्ता छोड़ो रै सुणलै तू म्हारी घरनार।
घरहाळा नै समझाओ रै मत निकाळो घर सूं बहार।

कैसों वायरस दिखै रै मनै खुलकर बोलो थे समचार।
या कौन देश सूं आयौ रै पिया इणरो कांई है उपचार।
गोरी चीन देश सूं आयौ रै इणरो नही है कोई उपचार।थाकी संग सहेल्यां नै बोलों रै थोड़ो राखै दूर व्यवहार।

मैं सरवरिये पाणी जाती रै उठै बातां करती नार।
या कोरेना वायरस आवै रै जद आवै है बुखआर।
जद आतो गोरी दीखै रै थानै सर्दी खाँसी जुखाम।
डॉक्टर नै तुरन्त दिखाओ रै थे हो जाओ होशियार।

साबुन सूं हाथ धोओ रै या रोज़ बोल रही सरकार।
रामावतार रबारी समझावें रै पार लगावै लो करतार।
गोरी साफ सफाई राखों रै या अपणो है अधिकार।
मुंडा पर मॉस्क लगाओ रै जद निकळो घर सूं बहार।

✍️डॉ. रामावतार रबारी मकवाना ” आज़ाद पंछी “
राष्ट्रीय वरिष्ठ साहित्यकार/राजस्थानी गीत लेखक
नावली बयाना भरतपुर राजस्थान 

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