माइनर का गेट टूटा किसानों की दुश्वारियां बढ़ी

खबर चंदौली से

शहाबगंज  के पास लेस्ट कर्मनाशा नहर के तियरा गांव से निकली गोरारी व भटरौल माइनर का गेट 3 वर्षों से टूटा होने के कारण किसानों को सिंचाई करने में दुश्वारियो का सामना करना पड़ रहा है बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी गेट का मरम्मत नहीं हो सका जिसको लेकर किसानों में आक्रोश व्याप्त है।

लेफ्ट कर्मनाशा नहर से तियरा गांव से निकली गोरारी व भटरौल माइनर का गेट 3 वर्षों से टूटा गया है गेट की मरम्मत के लिए किसानों ने सिंचाई विभाग सहित तहसील दिवस पर भी प्रार्थना पत्र दिया ।लेकिन गेट का मरम्मत न होने से किसानों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।एक ही स्थान से दो माइनरो पानी निकलता है गेट टूटने के कारण कम पानी की उपलब्धता के कारण किसानों को दुश्वारियों से गुजरना पड़ रहा है। गोरारी माइनर से गजधार कलवारी, राममाडो विशुनपुरा, आदि गांवों के किसानों की सिंचाई होती है। जबकि भटरौल माइनर से तियरा ,किरिहरा , उदयपुरा ,सिधरौल,भटरौलआदि गांव के खेतों की सिंचाई होती है। पानी की पर्याप्त मात्रा न होने से आए दिन किसानों में तू तू मै मै हुआ करता है। पानी के लिए किसान परेशान हैं सिंचाई विभाग में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी गेट का मरम्मत नहीं हो सका। जिसको लेकर किसान परेशान हैं और किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसान जितेंद्र सिंह ,रामचंद्र यादव, बब्बल, रामसूरत, शमशाद, सतीश कुमार ,अनिल कुमार, आदि लोगों ने बताया कि नहर का गेट की मरम्मत के लिए बार-बार अवगत कराया गया लेकिन मरम्मत न होने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है ।इस संदर्भ में जेई अंशुमान तिवारी ने बताया कि गेट टूटा है यह जानकारी है स्टीमेट शासन को भेजा गया है धन आते ही मरम्मत करा दिया जाएगा।

0 0 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x