ममता बनर्जी ने 16 अगस्त को ‘खेला दिवस’ मनाने की घोषणा की

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को 16 अगस्त को ‘खेला दिवस’ मनाने की घोषणा की। वहीं, भाजपा ने इसे मुस्लिम लीग की सीधी कार्रवाई के दिवस से जोड़ा जिसकी शुरुआत 1946 में इसी दिन की गई थी। तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित वार्षिक शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने घोषणा की कि अब से हर साल 16 अगस्त को ‘खेला दिवस’ के तौर पर मनाया जाएगा। इस मौके पर राज्य सरकार के हस्तशिल्प विभाग द्वारा निर्मित फुटबॉल विभिन्न स्पोर्ट क्लब को गरीब बच्चों में वितरण के लिए प्रदान किए जाएंगे। बनर्जी ने कहा, ‘‘ खेला दिवस, जरूरतमंद बच्चों के बीच फुटबॉल वितरित कर मनाया जाएगा।’’ उन्होंने घोषणा की कि ‘‘खेला होगा (खेल होगा)।’’ इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई लड़ाई को नयी धार दे दी है। बनर्जी ने कहा कि यह लड़ाई भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल किए जाने तक जारी रहेगी।

 मोदी सरकार ‘निगरानी वाला राष्ट्र’ बनाना चाहती है

पेगासस जासूसी विवाद के संदर्भ में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर देश को ‘निगरानी वाला राष्ट्र’ बनाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को हटाने के लिए विपक्षी एकता की वकालत की।

बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया कि वह पेगासस स्पाईवेयर का इस्तेमाल करके नेताओं, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों आदि को निशाना बनाने वाले कथित जासूसी प्रकरण का संज्ञान ले। उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए सभी को साथ आना होगा। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष बनर्जी ने कोलकाता में एक रैली को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भाजपा एक लोकतांत्रिक देश को कल्याणकारी राष्ट्र के बजाय निगरानी वाले राष्ट्र में बदलना चाहती है।’’उन्होंने केंद्र पर पेट्रोल-डीजल पर कर से संग्रहित धन का इस्तेमाल कल्याणकारी योजनाओं के लिए करने के बजाय ‘एक खतरनाक सॉफ्टवेयर’ से जासूसी करने के लिए खर्च करने का आरोप लगाया। बनर्जी ने रैली में कहा, ‘‘मुझे पता है कि मेरा फोन टैप किया जा रहा है। विपक्ष के सारे नेता जानते हैं कि उनके फोन टैप किये जा रहे हैं। मैं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता शरद पवार जी या विपक्ष के अन्य नेताओं या मुख्यमंत्रियों से बात नहीं कर सकती क्योंकि केंद्र हमारी जासूसी करा रहा है। लेकिन हमारी जासूसी कराने से वे 2024 के लोकसभा चुनाव में नहीं बच पाएंगे।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने मोबाइल के कैमरे पर टेप लगा लिया है। बनर्जी नेकहा, ‘‘पेगासस खतरनाक है। वे सांसद अभिषेक बनर्जी (उनके भतीजे) और प्रशांत किशोर (चुनाव रणनीतिकार) की जासूसी कर रहे हैं। इसलिए मैंने अपने फोन को प्लास्टर कर दिया है। इसी तरह भाजपा सरकार को प्लास्टर कर देना चाहिए नहीं तो देश बर्बाद हो जाएगा।

भाजपा संघीय ढांचे को नष्ट करने का काम कर रही है।’’ बनर्जी ने उच्चतम न्यायालय से जासूसी मामले में खुद जांच का आदेश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में तीन महत्वपूर्ण चीजें हैं – मीडिया, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग – और पेगासस ने तीनों पर कब्जा कर लिया है। मैं उच्चतम न्यायालय से देश की सहायता के लिए आगे आने की अपील करूंगी। देश बचाओ, हमारे लोकतंत्र को बचाओ।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्या आप (उच्चतम न्यायालय) स्वत: संज्ञान नहीं ले सकते क्योंकि सभी फोन टैप किए गए हैं? कृपया जांच के लिए एक समिति का गठन करें। केवल न्यायपालिका ही देश को बचा सकती है।’’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईंधन की ऊंची कीमतों से अर्जित धन का इस्तेमाल न्यायपालिका, राजनेताओं, पत्रकारों और अन्य की जासूसी करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने ईंधन करों से 3.7 लाख करोड़ रुपये एकत्र किए। पैसा कहां जा रहा है? कोई टीका उपलब्ध नहीं है। वे निगरानी पर पैसा खर्च कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों के फोन टैप किए जा रहे हैं। पेगासस स्पाइवेयर ने न्यायपालिका, राजनेताओं, मीडिया के फोन की निगरानी की है।’’ उन्होंने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘मोदीजी, कृपया बुरा न मानें। मेरे पास व्यक्तिगत रूप से आपके खिलाफ कुछ भी नहीं है। लेकिन आप और आपके गृह मंत्री विपक्षी नेताओं के खिलाफ (केंद्रीय) एजेंसियों को तैनात कर रहे हैं। आप एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।’’

उन्होंने अपनी आज की रैली में दिल्ली से डिजिटल तरीके से शामिल होने के लिए कांग्रेस, राकांपा, समाजवादी पार्टी (सपा), शिवसेना और अन्य कई दलों के नेताओं का आभार जताया। बनर्जी ने कहा, ‘‘भाजपा और उसके सत्तावादी शासन का विरोध करने वालों को इसे हराना चाहिए। भाजपा ने देश को अंधेरे में ला दिया है। हम सभी को इसे नई रोशनी में ले जाने के लिए आगे आना होगा।’’ भारतीय लोकतंत्र के लिए भाजपा द्वारा पैदा किये गये ‘‘खतरे’’ पर प्रकाश डालते हुए, बनर्जी ने विपक्षी एकता का आह्वान किया और विपक्षी नेताओं की एक बैठक बुलाने के लिए राकांपा के शरद पवार जैसे नेताओं को सुझाव दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अगले सप्ताह दिल्ली में रहूंगी और मैं संसद के मौजूदा सत्र के दौरान विपक्षी नेताओं से मिलना चाहती हूं। आप 27, 28 या 29 तारीख को विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाएं। कम से कम हम एक साथ बैठ सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास बर्बाद करने का समय नहीं है।

केवल 3-2.5 साल बचे हैं। हमें अपने लोकतंत्र की रक्षा और संरक्षण के लिए एक साथ लड़ना होगा। अगर विपक्षी मोर्चा सत्ता में आता है, तो हम लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराएंगे।’’ बनर्जी ने अपने भाषण को बंगाली, हिंदी और अंग्रेजी के वाक्यों के साथ जोड़ा, जो देश की ज्यादातर जनता तक पहुंचने का एक स्पष्ट प्रयास था। भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर कोविड की दूसरी लहर को संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को हर हाल में हराना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ शासित राज्य बताने के लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘‘हमने देखा है कि कैसे कोविड संक्रमित शवों को गंगा में फेंक दिया गया था। भाजपा स्वयं एक अत्यधिक वायरस भरी पार्टी है जिसे पराजित करने की आवश्यकता है। इसकी राजनीति गोली और गाली के इर्द-गिर्द घूमती है।’’ पंजाब, त्रिपुरा, तमिलनाडु, नई दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश में प्रसारित अपने भाषण में, बनर्जी ने याद किया कि कैसे उन्होंने ‘‘पैसे, बाहुबल और माफिया शक्ति’’ के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

बीजेपी ने कलकत्ता संहार की दिलाई याद

ममता बनर्जी की घोषणा की आलोचना करते हुए भाजपा के राज्यसभा सदस्य स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि मुस्लिम लीग ने 1946 में 16 अगस्त को ही सीधी कार्रवाई की घोषणा की थी जिसके बाद वृहद कलकत्ता संहार की शुरुआत हुई थी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘रोचक है कि ममता बनर्जी ने 16 अगस्त को ‘खेला दिवस’ की घोषणा की है। यह वही दिन है जब मुस्लिम लीग ने 1946 में अपनी सीधी कार्रवाई शुरू की थी और कलकत्ता में वृहद संहार की शुरुआत हुई थी। आज के पश्चिम बंगाल में खेला होबे विपक्षियों पर आतंक के हमले के प्रतीक के रूप में आया है।’’ तृणमूल कांग्रेस ने तुंरत प्रतिक्रिया देते हुए दासगुप्ता की ‘खेल दिवस’ जैसे खेल आयोजन का कथित राजनीतिकरण करने पर आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘‘खेला दिवस बच्चों और युवाओं में खेल को बढ़ावा देने और राष्ट्र निर्माण के लिए अयोजित किया जाएगा। यह निंदनीय है कि भाजपा नेता ऐसे स्तर पर चले गए हैं और यहां तक कि कार्यक्रम का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

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