Mardaani 2 Box Office Collection Day 14: दो हफ़्तों में 40 करोड़ के पार पहुंची रानी की मर्दानी 2

रानी मुखर्जी की फ़िल्म मर्दानी 2 ने तमाम चुनौतियों को पार करते हुए सिनेमाघरों में दो हफ़्तों का सफ़र पूरा कर लिया है। फ़िल्म ने दो हफ़्तों में 40 करोड़ से अधिक जुटा लिये हैं। 

गोपी पुथरन निर्देशित मर्दानी 2 ने गुरुवार को 1.30 करोड़ के कलेक्शन के साथ दो हफ़्ते पूरे किये और इसके साथ इसका नेट कलेक्शन 40.20 करोड़ गया है। दूसरे हफ़्ते में मर्दानी 2 के सामने दबंग 3 की विकट चुनौती थी, जिसके चलते फ़िल्म की स्क्रींस काफ़ी कम हो गयी थीं। वहीं, देश के कई हिस्सों में चले CAA Protest ने भी फ़िल्म के कलेक्शंस को प्रभावित किया, मगर इस सबके बावजूद मर्दानी 2 अपनी रफ़्तार से चलती रही।

दूसरे हफ़्ते में फ़िल्म के कलेक्शंस देखें तो फ़िल्म ने 12.15 करोड़ का कलेक्शन किया है। शुक्रवार को फ़िल्म ने 1.15 करोड़ जमा किये थे, जबकि शनिवार को 1.95 करोड़  और रविवार को 2.55 करोड़ जुटाए थे। दूसरे सोमवार को फ़िल्म को 1.25 करोड़ मिले, जबकि मंगलवार को 1.45 करोड़ का बिज़नेस किया। बुधवार को क्रिसमस की छुट्टी में मर्दानी 2 के कलेक्शंस में उछाल आया और 2.50 करोड़ जमा कर लिये थे।

मर्दानी ने पहले हफ़्ते में 28.05 करोड़ जमा किये थे। 13 अक्टूबर को रिलीज़ हुई फ़िल्म ने 3.80 करोड़ की ओपनिंग ली थी। फ़िल्म ने शनिवार को 6.55 करोड़ और रविवार को 7.80 करोड़ का कलेक्शन किया था और इसके साथ ओपनिंग वीकेंड में 18.15 करोड़ जमा किये थे। 

2018 में आयी रानी की हिचकी ने लगभग 46 करोड़ का कलेक्शन किया था और ट्रेड ने इसे हिट घोषिट किया था। वहीं 2014 में आयी मर्दानी ने 36 करोड़ जमा किये थे और फ़िल्म हिट रही थी। शुक्रवार (27 दिसम्बर) से मर्दानी 2 का तीसरा हफ़्ता शुरू हो चुका है। मगर, इस हफ़्ते में दबंग 3 के साथ फ़िल्म के सामने गुड न्यूज़ की चुनौती बढ़ जाएगी। ऐसे में मर्दानी 2 के कलेक्शंस की रफ़्तार घटने की सम्भावना है।

समीक्षा-

फिल्म ना सिर्फ हमें झकझोरती है बल्कि एक संस्पेंस थ्रिलर का बढ़िया उदाहरण भी है। फिल्म का तकीनीकि पक्ष भी स्ट्रॉन्ग है। फिल्म के गाने और बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म को और रिच बनाते हैं। फर्स्ट हाफ तो कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता। सेकंड हाफ में फिल्म कहीं कहीं कमजोर पड़ने लगी है लेकिन फिर कहानी और रानी की दमदार एक्टिंग और विषय ऐसे छोटे-मोटे फ्लॉज को इग्नोर हो जाते हैं। तारीफ करनी होगी फिल्म के विलन विशाल जेठवा की, इतनी कम उम्र में उन्होंने साइको किलर और रेपिस्ट का रोल बखूबी निभाया है, जिसके सामने रानी मुखर्जी जैसी कलाकार हो फिर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराना वाकई बड़ी बात है। उनकी आंखें उनका लुक और भी ज्यादा भयावह करने में साथ देती हैं।

फिल्म के सेकंड हाफ में रानी मुखर्जी एक न्यूज चैनल में लड़कियों/महिलाओं को होने वाली दिक्कतों के बारे में बात करती हैं। इस फिल्म में इसकी जरूरत नहीं थी लेकिन उनकी बातें बहुत जरूरी थीं और अच्छा है कि ये बातें फिल्म में थीं। यहां उन मर्दों के हर सवालों के जवाब मिलेगा, जहां वो कहते हैं कि महिलाओं को लिए सीट क्यों आरक्षित होती है? जहां पुरुष महिलाओं के देर तक काम करने और बाहर निकलने पर सवाल उठाते हैं। रानी यहां ये भी कहती हैं कि महिलाओं को बराबरी बाद में दीजिएगा पहले हिस्सेदारी तो दे दीजिए।

फिल्म आपको कई जगह गमगीन कर देगी। आपकी आंखें भर आएंगी। हालांकि कई सीन और बेहतर हो सकते थे। फिल्म की एडिटिंग अच्छी है 1 घंटे 44 मिनट में यह फिल्म आपको कई सारे जवाब दे जाती है, और आईना भी दिखाती है उन पुरुषों को जो महिलाओं की सफलता पर सवाल उठाते हैं। निर्देशक गोपी पुथरण इस फिल्म के लिए तारीफ के काबिल हैं। 

फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट मिला है, इसे आप अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं। जाइए और जरूर देखिए ये फिल्म। इंडिया टीवी इस फिल्म को 3.5 स्टार दे रहा है।

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