गोरखपुर में शहीद बलिदान दिवस के मौके पर नमन यात्रा निकाली गयी

गोरखपुर यूपी ।

स्थान : गुरूद्वारा श्री सिंह सभा जटासंकर, धर्मशाला बाजार 

परम श्रद्धेय श्री गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों व माता गुजर (गुजरी) कौर की शहादत दिवस को नमन करने के लिए रविवार को धराधाम इंटरनेशनल के प्रणेता परमआदरणीय सौहार्दशिरोमणि गुरुदेव महामनीषी श्री सौरभ पाण्डेय व सिख समाज ने नमन शोभायात्रा निकाली। जिसमें बड़ी संख्या श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए और जयघोष से वातावरण गूंज रहा था। 

यह है वह महान इतिहास – 

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में सिख धर्म के 10वें गुरु गोबिंद सिंह का पूरा परिवार शहीद हो गया था। 21 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह अपने चारो साहिबजादों व माता गुजर कौर को लेकर आनंदपुर किले से निकल गए थे। 22 दिसंबर को दोनों बड़े साहिबजादे अजीत सिंह और जुझार सिंह चमकौर पहुंच गए। इसी बीच माता गुजर कौर और दोनों छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह व फतेह सिंह गुरु गोबिंद सिंह से बिछड़ गए। उन्हें  मुगल सेना ने कैद कर लिया और भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे रखा। 23 दिसंबर को चमकौर के युद्ध में दोनों बड़े साहिबजादे शहीद हो गए। 24 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह चमकौर के युद्ध में जाना चाहते थे, लेकिन सिखों के अनुरोध पर वह दूसरी जगल चले गए। 25 दिसंबर को गुरु गोबिंद सिंह की बहन समान बीबी हरशरन कौर को चमकौर में मुगलों ने आग के हवाले कर दिया। 26-27 दिसंबर को माता गुजर कौर और दोनों छोटे साहिबजादों को मतांतरण के लिए डराया-धमकाया गया। 28 दिसंबर को वजीर ने दोनों साहिबजादों को दीवार में चिनवा दिया। यह देख माता गुजर कौर ने भी अपना शरीर त्याग दिया।

गुरूद्वारा श्री सिंह सभा जटासंकर, धर्मशाला बाजार गोरखपुर में शहीद बलिदान दिवस के मौके पर नमन यात्रा निकालने उपरांत उक्त अवसर पर गुरूद्वारा प्रबंधन समिति द्वारा धराधाम इंटरनेशनल के प्रणेता परमआदरणीय सौहार्दशिरोमणि गुरुदेव महामनीषी श्री सौरभ पाण्डेय जी को व उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को सिरोपा व शहीद साहिबजीदों का चित्र देकर सम्मानित किया गया जिसके लिये परम आदरणीय सौहार्दशिरोमणि गुरुदेव महामनीषी श्री सौरभ पाण्डेय जी ने जगनैन सिंह नीटू व आदरणीय जसपाल सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हम भारत सरकार से मांग करते हैं कि आज के एतिहासिक दिन को बाल दिवस के रूप में घोषित किया जाये। 

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