राष्ट्रीय मानव अधिकार अयोग ने पीड़िता को तीन लाख रुपये देने का दिया आदेश-

पंडित दीनदयाल नगर/ चन्दौली। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने एक अपहरण के मामले में पीड़िता को तीन लाख रुपये देने का आदेश दिया है। वही आयोग ने डीजीपी से FIR (प्राथमिकी) दर्ज न करने वाले लापरवाह पुलिस अधिकारी के विरुद्ध उठाये गए कदमो कि रिपोर्ट भी तलब किया है।

पूरा मामला मुगलसराय के सुभाष नगर( तड़वाबीर बाबा) मुहल्ले का है। 2017 में एक अपहरण के मामले को Human Right C W A के चेयरमैन योगेन्द्र कुमार सिंह योगी, ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली में शिकायत भेजकर न्याय की मांग की थी। आयोग ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए केस दर्ज कर लिया।

आयोग मामले की सुनवाई करते हुए 28/10/2020 को आदेश जारी किया। आयोग ने अपने आदेश में प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किया है कि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में तीन लाख रुपये उपलब्ध कराकर चार सप्ताह में कमीशन को रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वही आयोग ने डीजीपी से पुलिस अधिकारी द्वरा FIR प्राथमिकी दर्ज न करने और पुलिस की निष्क्रियता के के लिए इन क्या कार्यवाई की गई चार सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि सरकारी अस्पताल कर्मियों द्वरा पीड़िता के मानव अधिकारों का अतिक्रमण किया गया है। पीड़िता के मानव हनन के लिए राज्य सरकार भी परोक्ष रूप से उत्तरदायी है।

इस परिस्थितियो में प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश सरकार पीडिता को तीन लाख क्षतिपूर्ति के संबंध में अनुपालन पत्र सामिल करे। तथा डीजीपी उत्तर प्रदेश लापरवाह और निष्क्रिय पुलिस कर्मियों के प्रति उठाये गए कदम की रिपोरी चार सप्ताह में प्रस्तुत करें। आरोपी को धारा 363/366/376 व धारा 3/4 पास्को एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया था।

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