69000 शिक्षक भर्ती पर मंडराया काला बादल भर्ती को रद्द कराने की मांग हुई तेज

लखनऊ:
69000  शिक्षक भर्ती एक ऐसी भर्ती जो युवाओं के सपनों को नई दिशा और कुछ करने की चाहत को ध्वस्त कर दिया है।भर्ती प्रारंभ हुई विज्ञापन निकाला गया वही से विवाद प्रारम्भ हो गया।अभ्यर्थियों में उत्साह उमंग का संचार था।परीक्षा की तारीख 6 जनवरी 2019 रखी गई। लेकिन परीक्षा के एक दिन पहले 5 जनवरी 2019 को परीक्षा प्रश्न पत्र वायरल हो गया बाकी का कसर 6 जनवरी को परीक्षा के पहले पूर्ण हो गया, अब एक तरफ वह अभ्यर्थी है जो स्वविवेक से और सत्यता से परीक्षा दे रहे थे एक तरफ वह है जो पहले ही उत्तर कुंजी पाकर बिना प्रश्न पढ़े केवल ओएमआर रंग रहे थे,प्रश्न भी नहीं देख रहे थे क्या पूछा है।आप कौन से योग्यता की बात करते हैं ये भ्रष्टाचार तो चरम पर है जो 69000 शिक्षक भर्ती, लगभग 1.5 वर्ष से भर्ती केवल कोर्ट- कोर्ट खेल रही है, कई अभ्यर्थियों ने ओएमआर खाली छोड़ दिया था, न जाने किसको रंगने के लिए।इधर भ्रष्टाचार को करने वाले मायापती दूबे, चन्द्रमा यादव, केएल पटेल के गुर्गे और अज्ञात लोग बाहर घुम रहे हैं।इसी बीच हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में 9853/2020 नूतन ठाकुर (एडवोकेट) के माध्यम से याचिका अजय ओझा व अन्य के नाम दायर की गई जिसमें अकाट्य एवं दमदार साक्ष्य लगे हैं।बन्टी पाण्डेय के साथ साथ सुनील मौर्य एवम अनिल सिंह के नेतृत्व में 75 जनपद के टीम का गठन और सोशल नेटवर्किंग साईट भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किया जा रहा है।इस याचिका का 2 उद्देश्य है पहला उद्देश्य भर्ती की न्यायिक जांच /सीबीआई जांच के द्वारा हो एवम दूसरा उद्देश्य यह है कि भर्ती प्रक्रिया रद्द किया जाय।इसकी सुनवाई 3 बार हुई लेकिन महाधिवक्ता के हाज़िर न होने की वजह से नई नई तारीख मिलती जा रही है। अब 6 अगस्त 2020 को याचिका की सुुनवाई होनी है।महाााधिवक्ता के आने की उम्मीद है।बन्टी पाण्डेय और अभिषेक पाठक एवम विपुल मिश्रा का कहना है कि हम लोगों के साथ पूरा उत्तर प्रदेश इस भ्रष्टाचार की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ रहा है।कोर्ट में अकाट्य साक्ष्य के साथ लगे हैं।अगर योग्यता की बात सुप्रीम कोर्ट करता है तो योग्यता की विजय होनी चाहिए भ्रष्टाचार की नहीं, जिसको राष्ट्रपति का नाम पता नहीं वह टापर क्या इसकी योग्यता का जिक्र सुप्रीम कोर्ट में भी होना चाहिए था।जो लोग टेट/सीटेट पास होकर भर्ती का इंतजार कर रहे उनके साथ षड्यंत्र हो रहा है।बन्टी पाण्डेय का कहना है कि हमारी टीम का यही ध्येय है कि भ्रष्टाचार बंद हो,भर्ती रद्द करके नयी भर्ती का विज्ञापन जारी करें एवम सभी को मौका देते हुए भर्ती को पूर्ण किया जाये।69000 शिक्षक भर्ती एक भ्रष्टाचार है इसे रद्द किया जाये।

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