PM मोदी के बंगाल विजय का बिग्रेड प्लान, जोर से छाप, टीएमसी साफ

पश्चिम बंगाल की सियासत में ये कहावत मशहूर है कि जिसका बिग्रेड परेड उसका बंगाल। करीब 1 हजार एकड़ का दायरा और तीन किलोमीटर की लंबाई। कोलकाता का दिल माने जाने वाला ब्रिगेड परेड ग्राउंड जिसे यहां के लोग मैदान कहकर पुकारते हैं। चाहे वो पूर्व पीएम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी हो या इंदिरा गांधी सभी ने कोलकाता के इस बिग्रेड परेड मैदान से हुंकार भरी है।ममता बनर्जी चाहती हैं कि बंगाल के चुनाव में महंगाई मुद्दा बने। इसीलिए एलपीजी सिलेंडर की महंगाई को थीम बनाकर उन्होंने सिलीगुड़ी में रोड शो किया। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक जीवन में सैकड़ों रैलियों को संबोधित करने का सौभाग्य मिला है, लेकिन इतने लंबे कार्यकाल में मैंने कभी इतने बड़े विशाल जन समूह का हमें आशीर्वाद मिला हो ऐसा दृश्य मुझे आज देखने को मिला है। बंगाल की इस धरती ने हमारे संस्कारों को ऊर्जा दी है। बंगाल की इस धरती ने भारत की आज़ादी के आंदोलन में नए प्राण फूंके। बंगाल की इस धरती ने ज्ञान-विज्ञान में भारत का गौरव बढ़ाया। आज ब्रिगेड ग्राउंड में आप लोगों की हुंकार सुनने के बाद अब किसी को कोई संदेह नहीं रह जाएगा। कुछ लोगों को तो लगता होगा कि शायद आज 2 मई आ गई है।

चुनाव ही नहीं लोगों का दिल भी जीतेंगे 

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की माटी में सबकुछ है। टी लेकर टूरिज्म तक, माछ से लेकर भात तक बहुत संभावनाएं हैं। कोलकाता सिटी ऑफ जॉय है, इसमें विरासत भी है और संभावनाएं भी। ये कहते हुए पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को  पूरे कमिटमेंट के साथ काम करने का आश्वासन दिया। प्रगति, शांति और उन्नति के बंगाल को सोनार बांग्ला बनाने का संकल्प पूरा करने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काम, सेवा, परिश्रम, सम्पर्ण से केवल चुनाव ही नहीं बल्कि लोगों का दिल भी जीतेंगे।

एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के लिए बलिदान देने वाला सपूत इस धरती से मिला

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल से निकले महान व्यक्तित्वों ने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को सशक्त किया। बंगाल की इस धरती ने एक विधान, एक निशान, एक प्रधान के लिए बलिदान देने वाला सपूत हमें दिया। ऐसी पावन मिट्टी को मैं नमन करता हूं। ब्रिगेड ग्राउंड के आसपास, एक तरफ स्वामी विवेकानंद जी का जन्मस्थान है, दूसरी तरफ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का निवास स्थान है, एक तरफ महर्षि श्री ऑरोबिन्दों का जन्मस्थान है, तो दूसरी तरफ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मस्थान है। ये कोलकाता, बंगाल पूरे भारत की बहुत बड़ी प्रेरणा स्थली है। बीते दशकों में ब्रिगेड ग्राउंड में अनेकों बार ये नारा गूंजा है- ब्रिगेड चलो। इस ग्राउंड ने अनेक देशभक्तों को देखा है।

पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल ने परिवर्तन के लिए ही ममता दीदी पर भरोसा किया था। लेकिन दीदी और उनके काडर ने ये भरोसा तोड़ दिया। इन लोगों ने बंगाल का विश्वास तोड़ा। इन लोगों ने बंगाल को अपमानित किया। यहां की बहन-बेटियों पर अत्याचार किया। इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ TMC है, लेफ्ट-कांग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है, और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर खड़ी हो गई है। आज भाजपा को आशीर्वाद देने के लिए लाखों लोगों का यहां आना, लाखों लोगों का प्रदेश भर में निरंतर आशीर्वाद बनाये रखना। सामान्य मानवी हो, बंगाल के बौद्धिक जन हो, कला जगत के लोग हों, सभी अपना प्रेम और आशीर्वाद बरसा रहे हैं। हम सिर्फ चुनाव में नहीं, हम हर पल आपका दिल जीतते रहेंगे- अपने काम के द्वारा, सेवा के द्वारा, समर्पण के द्वारा, परिश्रम के द्वारा। वामपंथियों के विरुद्ध ममता दीदी ने पोरिवर्तन का नारा दिया था। पश्चिम बंगाल से मां, माटी, मानुष के लिए काम करने का वादा किया था। पिछले 10 साल से यहां TMC की सरकार है, क्या सामान्य बंगाली परिवार के जीवन में वो परिवर्तन आया जिसकी उसे अपेक्षा थी?

 

पीएम ने शोभा मजमूदार का मुद्दा उठाया

पीएम मोदी ने शोभा मजमूदार पर हमले का मुद्दा भी उठाया। बंगाल की 80 साल की बूढ़ी मां के साथ निर्ममता हुई। बंगाल में मां, माटी और मानुष की क्या स्थिति है बंगाल ये अच्छी तरह जानता है।

आशोल पोरिबोरतोन का विश्वास दिलाने आया  
पीएम मोदी ने कहा कि मैं ब्रिगेड ग्राउंड से आपको इस आशोल पोरिबोरतोन का विश्वास दिलाने आया हूं। विश्वास, बंगाल के विकास का। विश्वास, बंगाल में स्थितियों के बदलने का। विश्वास, बंगाल में निवेश बढ़ने का। विश्वास, बंगाल के पुनर्निर्माण का। विश्वास, बंगाल की संस्कृति की रक्षा का।

पीएम मोदी ने कहा कि आज कल तो हमारे विरोधी भी कहते हैं कि मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं। हम सभी जानते हैं कि बचपन में हम जहां पले-बढ़े होते हैं, बचपन में जहां खेले-कूदे होते हैं, जिनके साथ पढ़े होते हैं, वो हमारे जीवन भर के पक्के दोस्त होते हैं। मैं भी गरीबी में पला-बढ़ा और इसलिए उनका दुख-दर्द क्या है, चाहे वो हिंदुस्तान के किसी भी कोने में क्यों न हो, क्योंकि वो हमारे दोस्त हैं, उनको मैं भली-भांति अनुभव का सकता हूं। इसलिए मैं दोस्तों के लिए काम करता हूं और मैं दोस्तों के लिए ही काम करता रहूंगा। बंगाल के चायवाले, यहां के टी गार्डन्स में काम करने वाले हमारे भाई-बहन तो मेरे विशेष दोस्त हैं। मेरे ऐसे कामों से उनकी भी अनेक परेशानियां कम हो रही हैं। हमारी सरकार के प्रयासों से मेरे इन चायवाले दोस्तों को सोशल सेक्योरिटी स्कीम्स का भी लाभ मिलना तय हुआ है। कोरोना ने पूरी दुनिया में सबको परेशान किया लेकिन मेरे ये गरीब दोस्त ही थे, जो बहुत परेशान हुए। जब कोरोना आया तो मैंने अपने हर दोस्त को मुफ्त में राशन दिया, मुफ्त गैस सिलेंडर दिया और करोड़ों रुपए बैंक खाते में जमा करवाए। दुनिया में कोरोना वैक्सीन इतनी महंगी है। लेकिन मैंने अपने दोस्तों के लिए सरकारी अस्पताल में मुफ्त में टीका लगाने का प्रबंध किया। मेरे आप सभी दोस्त बताइए, दोस्ती चलेगी या तोलाबाजी?बहनों और भाइयों, आपके इसी जोश से दीदी और उनके साथियों की नींद उड़ी हुई है। तभी तो ये लोग कह रहे हैं कि इस बार – खेला होबे।

खुद पर होते हमलों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा मेरे लिए क्या क्या कहा गया है। कभी रावण कहा गया, कभी दानव, कभी दैत्य तो कभी गुंडा कहा गया। दीदी, इतना गुस्सा क्यों? इसके बाद उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में आपने- चुप-चाप कॉमल छाप से कमाल किया। आपके एक वोट की ताकत आपने कश्मीर से लेकर अयोध्या तक देखी है। इस बार आपको जोर से कमल छाप, TMC साफ के इरादे से आगे बढ़ना है।
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