शर्मनाक! पुलवामा हमले के बाद सामने आया आतंकी आदिल के पिता का बयान,यह कहा-

पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले से सारा देश सदमे में है। हर कोई इस हमले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ इस हमले को अंजाम देने वाले आत्‍मघाती हमलावर आदिल के पिता गुलाम हसन डार का कहना है कि वह भी कभी इसी दर्द से गुजरे थे जिससे आज जवानों के परिवार वाले गुजर रहे हैं। यह बात उन्‍होंने समाचार एजेंसी रॉयटर से बातचीत के दौरान कही है।

गुरुवार को हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। आपको बता दें कि आदिल आतंकी संगठन जैश ए मुहम्‍मद से जुड़ा था। इसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्‍मेदारी ली है। इस संगठन का मुखिया पाकिस्‍तान में बैठा मसूद अजहर है, जिसको 1999 में इंडियन एयरलाइंस के अपहरण के बाद बंधकों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए भारत को मजबूरन रिहा करना पड़ा था।

आदिल के पिता गुलाम हसन डार ने इस आत्‍मघाती हमले के बाद रॉयटर से कहा कि तीन वर्ष पहले वह भी इस दर्द से गुजरे थे जिससे आज जवानों के परिवार वाले गुजर रहे हैं। उनके मुताबिक वर्ष 2016 में आदिल को स्‍कूल से वापस लौटते समय उसके दोस्‍त के साथ सुरक्षाबलों ने रोक लिया था और उसकी मार लगाई थी। इस बात से आदिल के मन में सुरक्षाबलों को लेकर काफी गुस्‍सा था।

उनके मुताबिक आदिल और उसके साथी को सुरक्षाबलों ने पत्‍थरबाजी के आरोप में रोका था। इस घटना के बाद उसने आतंकवादी संगठन को ज्‍वाइन करने का मन बनाया था।आदिल के मां-बाप का कहना है कि वह सीआरपीएफ के काफिले पर होने वाले हमले के बारे में पहले से नहीं जानते थे। आदिल के पिता का कहना है कि पिछले वर्ष 19 मार्च को आदिल काम से घर नहीं लौटा था। इसके बाद परिजनों ने उसको करीब तीन माह तक तलाश किया था।

काफी मुश्किलों के बाद वह मिला तो वह उसको वापस घर लाने में सफल हो सके थे। आपको बता दें कि जैश ए मोहम्‍मद द्वारा आदिल का एक वीडियो भी रिलीज किया गया है जिसमें वह मिलिट्री की ड्रेस पहने और हाथ में ऑटोमैटिक राइफल लिए दिखाया गया है। इस वीडियो में वह अपने प्‍लान को अंजाम देने के बारे में बता रहा है। यह वीडियो हमले के बाद जारी किया गया है। आपको यहां पर ये भी बता दें कि इस हमले में आदिल के परखच्‍चे उड़ गए थे। घटनास्‍थल पर उसके हाथ के अलावा कुछ और नहीं था।  

आदिल अहम डार के गांव के कुछ लोगों ने चैनलों और स्थानीय मीडिया को बताया है कि आदिल अहमद डार का चचेरा भाई भी आतंकवादी था। वह सुरक्षा बलों संग मुठभेड़ में मारा गया था। इसके बाद ही आदिल ने आतंकवाद की राह पकड़ ली थी। स्थानीय पुलिस के अनुसार आदिल सी कैटेगरी का आतंकवादी था। वह सबसे पहले जाकिर मूसा (Zakir Musa) के गजवत-उल-हिंद (Gazwat-ul-Hind) में शामिल हुआ था।

गांव में छोटी सी दुकान चलाते हैं पिता-

आतंकवादी बनने से पहले वह एक स्थानीय मिल में काम किया करता था। उसके पिता गुलाम हसन डार अपने गांव गुंडीबाग (Gundibagh) में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। बताया जाता है कि जैश-ए-मुहम्मद द्वारा आत्मघाती हमलावर के तौर पर भर्ती किया गया आदिल अहमद डार तीसरा स्थानीय युवक था। उससे पहले भी जैश-ए-मुहम्मद दो स्थानीय युवकों को आत्मघाती हमलावर बना चुका है।

आपको यहां पर ये भी बता दें कि अफगानिस्तान में पहले रूसी और उसके बाद नाटो सेनाओं के खिलाफ लड़ चुके जैश-ए- मुहम्मद के चीफ ट्रेनर अब्दुल रशीद गाजी व उसके दो साथियों मुहम्मद उमर व मुहम्मद इस्माइल ने ही गुंडीपोरा पुलवामा के आदिल अहमद डार को आत्मघाती हमले के लिए तैयार किया था। गाजी जैश सरगना अजहर मसूद के करीबियों में गिना जाता है। वह बीते साल अक्टूबर के अंत में कश्मीर आया था जहां मुहम्मद उमर व मुहम्मद इस्माईल पहले से ही मौजूद थे।

इन्हें जैश सरगना ने कश्मीर में स्थानीय आतंकियों को ट्रेनिंग देने और सनसनीखेज आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए तैयार करने का जिम्मा सौंपा था। रशीद ने ही उमर व इस्माईल की मदद से आदिल अहमद डार को गत दिसंबर के दौरान अफजल गुरु स्क्वायड के लिए चुना था। 

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