स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में लॉकडाउन वाली व्यवस्था बहाल करें – सीएम योगी

वाराणसी: तेजी से हो रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू के सभागार में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने जनरल ओपीडी पर रोक की सलाह देते हुए टेली मेडिसिन व्यवस्था शुरू करने के लिए कहा।

उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड बढ़ाए जाने और मरीजों के उपचार में लापरवाही नहीं करने का निर्देश दिया। कांट्रैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग बढ़ाने के साथ ही पिछले साल मार्च में हुए लॉकडाउन की तर्ज पर व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्यकर्मी, कोरोना वारियर्स, पुलिस, प्रशासन खुद को भी बचाएं। पिछले साल अप्रैल एवं मई की व्यवस्थाएं और सुविधाएं बहाल करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा, जनरल ओपीडी को कंट्रोल करें और सीमित मरीज बुलाएं। आॅनलाइन ओपीडी की व्यवस्था की जाए। डॉक्टर निश्चित समय पर बैठें और फोन से मरीजों को दवाएं बताएं। पिछले वर्ष जो निजी अस्पताल कोविड में बदले थे। उन्हें पुन: सक्रिय किया जाए। निजी अस्पतालों में आरटीपीसीआर, एंटीजेन टेस्ट व कोविड चिकित्सा के रेट तय करें, ताकि मरीजों के साथ कोई मनमानी न हो।

गलत रिपोर्ट पर संस्थान सील करने की कार्रवाई होगी – सीएम

 

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने आगाह किया कि कोविड टेस्ट करने वाली पैथोलॉजी की ओर से गलत रिपोर्ट मिलने पर संस्थान सील करने  की कार्रवाई होगी। उन्हें ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा। ऐसी विषम परिस्थितियों में मानवता दिखाने की जरूरत है। कोई मनमानी और मरीजों का दोहन करता है, तो उस पर कार्रवाई होगी। वाराणसी में पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित बिहार के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। मानवता में किसी को मना नहीं करना है।

रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर बढ़ाएं जाँच – सीएम

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र और पंजाब की स्थिति अच्छी नहीं है। लोग वापस घरों को लौटने लगे हैं। रेलवे व बस स्टेशनों पर एंटीजन टेस्ट की सुविधा बहाल की जाए। ग्राम पंचायतों व नगर निकायों में निगरानी समितियां बनाएं। उन्हें थर्मामीटर, सैनिटाइजर, ऑक्सीमीटर आदि दें। बाहर से आने वाले व्यक्ति पर निगाह हो। उसका टेस्ट कराया जाए। पंचायत चुनाव के दौरान गांवों में कहीं भी जमावड़ा नहीं होने दें। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़भाड़ नहीं हो।

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