यस बैंक का पुनर्गठन : जमाकर्ताओं का धन पूरी तरह सुरक्षित: आरबीआई

नई दिल्ली: 

Yes Bank के ग्राहकों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने यस बैंक के ग्राहकों को अच्‍छी खबर देते हुए निकासी Cash Withdrawal Limit पर पाबंदी हटाने की घोषणा की है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक बुधवार यानी 18 मार्च से 50 हजार रुपये की निकासी सीमा हटा ली जाएगी। इसके साथ ही प्रशांत कुमार इस महीने के अंत तक बैंक के नवगठित बोर्ड के सीईओ और एमडी CEO, MD का कार्यभार संभाल लेंगे। सरकार द्वारा जारी Yes Bank यस बैंक के रिकंस्ट्रक्शन प्लान के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) इस निजी बैंक में तीन वर्ष तक के लिए अपनी हिस्सेदारी 26 परसेंट से नीचे नहीं ला सकेगा।

Yes Bank यस बैंक के प्रस्तावित बोर्ड में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के पूर्व गैर-कार्यकारी चेयरमैन सुनील मेहता समेत महेश कृष्णमूर्ति और अतुल भेडा को भी शामिल किया जाएगा। अधिसूचना के मुताबिक बैंक की रिकंस्ट्रक्शन स्कीम 13 मार्च से प्रभाव में मानी जाएगी। इससे पहले केंद्रीय बैंक ने संकटग्रस्त यस बैंक पर 50,000 रुपये से अधिक की निकासी पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा इस पर कई और पाबंदियों का एलान किया गया था। रिकंस्ट्रक्शन प्लान के मुताबिक सरकारी कर्जदाता एसबीआइ इसमें 49 परसेंट की हिस्सेदारी खरीदेगा। जबकि दूसरे वित्तीय संस्थानों को भी हिस्सेदारी बेची जाएगी। यस बैंक का पूंजी आधार 1,100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

ये बैंक करेंगे निवेश

योजना के मुताबिक ICICI bank इसमें 1,000 करोड़ रुपये की लागत से पांच फीसद हिस्सेदारी खरीदेगा। HDFC Bank ने भी पांच फीसद हिस्सेदारी लेने का फैसला किया है। Axis Bank एक्सिस बैंक ने 60 करोड़ शेयर 600 करोड़ रुपये में खरीदने का प्रस्ताव अपने बोर्ड से पारित करवाया है। Kotak Mahindra कोटक महिंद्रा 50 करोड़ शेयर 10 रुपये मूल्य की दर से 500 करोड़ रुपये में खरीद रहा है। इसके अलावा Bandhan Bank बंधन बैंक और फेडरल बैंक Federal bank ने भी यस बैंक Yes Bank में 300-300 करोड़ रुपये के निवेश करने का फैसला किया है

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को यस बैंक के संकट पर मीडिया से बात करते हुए बैंक के निवेशकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बैंक जमाकर्ताओं का धन पूरी तरह सुरक्षित है.

शक्तिकांत दास ने कहा कि वह यस बैंक के जमाकर्ताओं को बताना चाहते हैं कि उनका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यस बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक और भारत सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है. बैंक पर लगाई गई पाबंदी (मोराटोरियम) को बुधवार 18 मार्च शाम 6 बजे हटा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले सात महीने में बैंक को हर दिन मॉनिटर किया गया.

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यस बैंक संकट के समाधान को लेकर सरकार तथा केंद्रीय बैंक ने त्वरित कदम उठाये हैं.

शक्तिकांत दास ने यस बैंक ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि बैंक का पुनर्गठन भरोसेमंद और मजबूत है. बैंक में जमाकर्ताओं का धन पूरी तरह से सुरक्षित है. आरबीआई गवर्नर ने बताया कि बैंक निजी क्षेत्र की इकाई बना रहेगा.

उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के छोटे बैंकों समेत बैंकों की सेहत बेहतर है, यस बैंक मजबूत पुनरूद्धार योजना के अंतर्गत है.

सरकार की अधिसूचना में कहा गया, ‘सरकार द्वारा पुनर्गठित बैंक के लिये पहले जारी किया गया पाबंदी का आदेश … योजना के लागू होने के तीसरे दिन 18:00 बजे से समाप्त हो जायेगा.’

यस बैंक ने चालू वित्त वर्ष की 31 दिसंबर को समाप्त तीसरी तिमाही के दौरान 18,654 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया है. बैंक को दिये गये कर्ज के लिये ऊंचा प्रावधान किये जाने की वजह से उसका घाटा बढ़ा है.
इससे एक साल पहले 2018- 19 में इसी तिमाही में बैंक ने 1,001.8 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था.

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोनावायरस के प्रकोप पर बात करते हुए कहा कि इसके कारण घरेलू और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर असर पड़ेगा. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के प्रभाव से निपटने को लेकर कई नीतिगत उपाय हैं और वह उसके लिये तैयार है.

दास ने कहा कि आरबीआई विदेशी विनिमय बाजार को 23 मार्च को बिक्री/खरीद अदला-बदली पर 2 अरब डॉलर और सुलभ कराएगा.

उन्होंने कहा कि आरबीआई जून में रेपो दर पर एक लाख करोड़ रुपये मूल्य के बांड की खरीद-फरोख्त का एक और दौर शुरू करेगा.

दास ने कहा कि कानून के तहत नीतिगत दर में कटौती मौद्रिक नीति समिति के जरिये किया जाता है लेकिन वह किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे.

पीएमसी और यस बैंक की तुलना नहीं कर सकते- शक्तिकांत दास

शक्तिकांत दास ने कहा-बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एकलाख करोड़ रुपए का एलटीआरओ (लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन) लाया जाएगा। 23 मार्च को डॉलर-रुपया स्वैपिंग के जरिए आरबीआई बाजार में 2 बिलियन डॉलर डालेगी। प्राइवेट सेक्टर के बैंक की सेहत अच्छी है औरयस बैंक के पास पर्याप्त नकदी है।यस बैंक को जरूरत के हिसाब से नकदी उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि पीएमसी और यस बैंक के मामले अलग-अलग हैं। दोनों बैंकों की आपस में तुलना नहीं कर सकते।

ब्याज दरों में कटौती का इशारा

ब्याज दरों में कटौती पर पूछे गए एक सवाल में उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर यह फैसला केवल मौद्रिक समीक्षा कीबैठक में ही लिया जा सकता है।उन्होंने इशारा किया कि एमपीसी की अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है।दास ने कहा किसमय से पहले रेट कटौती पर इनकार नहीं है, लेकिनरेट कटौती का फैसला एमपीसी की बैठक में होगा।

कोरोना के दौरान डिजिटल पेमेंट बेहतर विकल्प

कोरोनावायरस को लेकर आरबीआई गवर्नरने कहा- कोरोनावायरस में आ रही तेजी मानव विपदा बन रही है। अब भारत भी कोरोनावायरस से अछूता नहीं है।इसके चलते भारतकी जीडीपी ग्रोथ पर भी असर होना तय है। एमपीसी में कोरोना के असर का ध्यान रखा जाएगा।कोरोना से बचाव के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। एमपीसीकी बैठक में कोरोना के असर पर भी चर्चा होगी। कोरोना संकट के दौरान डिजिटल पेमेंट सबसे बेहतर विकल्प है।टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और एयरलाइंस समेत कई सेक्टर्स पर कोरोना वायरस काअसर पड़ रहा है।वित्तीय बाजार की सेहत ठीक रखने के लिए आरबीआई ने जरूरी कदम उठाए हैं।

 

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