एस-400 मिसाइल सौदा: सरकार की दो टूक, अपनी रक्षा जरूरतों के हिसाब से लेंगे फैसला-

रूस के साथ एस-400 मिसाइल सौदे को रद्द करने के लिए अमेरिका की ओर से डाले जा रहे दबाव के बीच बुधवार को भारत मे कहा कि ऐसे फैसले उन सुरक्षा चुनौतियों के आधार पर लिए जाते हैं जिनका सामना देश कर रहा है। यह टिप्पणी राज्य रक्षा मंत्री श्रीपद नायक ने एस-400 सौदे पर एक सवाल के जवाब में की। उन्होंने एक लिखित उत्तर में कहा, ‘सरकार ऐसे फैसले अपनी रक्षा जरूरतों के देखते हुए करती है।’

बता दें कि कुछ दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि वह भारत की हर प्रकार की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है लेकिन, इसमें रूसी एस-400 मिसाइल डील बाधा बन रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी एलिस वेल्स ने विदेश मामले की संसदीय कमेटी के सामने यह बात कही।  

एस-400 को रूस की सबसे उन्नत और लंबी दूरी तक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली के रूप में जाना जाता है। इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को साल 2014 में चीन ने भी खरीदा था। जिसे लेकर अमेरिका ने चीन पर किसी भी सैन्य सामान को बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच व्यापक वार्ता के बाद भारत और रूस ने पिछले साल अक्टूबर में 5 बिलियन डॉलर में एस -400 वायु रक्षा प्रणाली समझौते पर हस्ताक्षर किया था।

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