‘शिंदे के पास नहीं है बहुमत का जादुई आंकड़ा’, सुप्रिया सुले बोलीं- मुझे CM ठाकरे पर है गर्व, बालासाहेब की गैरमौजूदगी में की संवेदनशील अपील

मुंबई। महाराष्ट्र में सियासी उठापटक जारी है। एक तरफ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बागी विधायकों से वापस लौटने की भावुक अपील कर रहे हैं तो बागी विधायक एकनाथ शिंदे के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट कर रहे हैं और बयान जारी कर रहे हैं कि वो अपनी मर्जी से गुवाहाटी आए हैं। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता सुप्रिया सुले का बयान सामने आया। जिसमें उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे के पास बहुमत का पर्याप्त आंकड़ा नहीं है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनसीपी नेता ने कहा कि मैंने उद्धव जी का ट्वीट देखा है। इस परिवार (ठाकरे) से मेरी भावनाएं जुड़ी हैं। सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन ये रिश्ते लंबे समय तक चलेंगे। सुप्रिया सुले ने कहा कि एकनाथ शिंदे के पास 144 का जादुई आंकड़ा नहीं है। मैंने जो सुना है, उसके मुताबिक उनके पास केवल 50 का आंकड़ा है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि उनके पास बहुमत है।

सुप्रिया सुले ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ बोल रहा है उसे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस मिल रहा है। ऐसी चीजें देश और संविधान के लिए अच्छी नहीं हैं। दरअसल, ईडी ने शिवसेना सांसद एवं नेता संजय राउत को दूसरा समन भेजा है, जिसमें उन्हें पात्रा चावल भूमि घोटाला मामले में 1 जुलाई को पेश होने के लिए कहा गया है।

शिंदे कैंप पर बरसीं सुले

सुप्रिया सुले ने एकनाथ शिंदे कैंप पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि एनसीपी के खिलाफ बोलने वाले कभी एनसीपी में थे। दीपक भाऊ एनसीपी में थे, उदय सामंत पार्टी की यूथ विंग में थे। मुझे दुख इस बात का है कि जब उन्होंने एनसीपी छोड़ा तो हमने उन्हें अपशब्द नहीं कहा, लेकिन अब वे हमें निशाना बना रहे हैं।

इसी बीच उन्होंने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर बहुत गर्व है। आज बालासाहेब की गैरमौजूदगी में उन्होंने (उद्धव) अपने विधायकों से एक संवेदनशील अपील की है… मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं, लेकिन मुझे लगता है कि अगर परिवार से कोई चला गया है तो पूरे परिवार को उन्हें वापस लाने की कोशिश करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनका (एकनाथ शिंदे) प्रस्ताव जो भी हो। उद्धव ठाकरे ने एक बड़े भाई की तरह अपील की है। जो भी समस्या है घर में होनी चाहिए, अगर वो आकर उद्धव जी से बात कर सकें तो समाधान निकल सकता है। बात होना जरूरी है।

 

 

 

Sach ki Dastak

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