Sick Mona Ambegaonkar ने किया पीएम मोदी का अपमान विरोध में उतरे अमित श्रीवास्तव

यह दौर सोसलमीडिया का है और यहां मान अपमान की एक पल की गारंटी वारंटी नहीं है पर जब मान विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र महान भारतवर्ष के महान प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का हो जोकि अब ग्लोबल लीडर हैं, तो यह असहनीय साबित होता है। बता दें कि मौका था राजीव गांधी जी की death Anniversary का, जब हमारे प्रधानमंत्री जी ट्वीटर पर अपनी संवेदनाएं ज्ञापित प्रकट रहे थे कि तभी एक बीमार मानसिकताग्रस्त एक पाकिस्तानी औरत ने Mona Ambegaonkar ने हमारे पीएम को लिखा कि Tu renhe de, teri aukaat nhi hai. ये इतने घृणित शब्द हैं कि इस औरत पर भारत-पाकिस्तान एम्बेसी के अधिकारियों को संज्ञान लेकर इस बीमार औरत पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए कि किसी देश के प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने पर कौन से कानून की धारा की तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह देश या विदेश कहीं के भी नागरिक के लिए दण्डनीय अपराध है।

 

 

हमें इसे गम्भीरता से लेना चाहिए। क्योंकि पाकिस्तान हमारा पड़ोसी जरूर है पर वफादार मित्र नहीं। इस संवेदनशील प्रकरण पर सोसलमीडिया के लोगों का गुस्सा चरम पर है जिसमें अमित श्रीवास्तव जी ने जब अपने पीएम के सम्मान में इस औरत को सुनाया कि ये कहां पैदा हुई थी, कैसे मां बाप थे इसके तो यह उन्मादी औरत जेहादी मानसिकता पर उतर आयी और यह अमित श्रीवास्तव जी को धमकी देते हुए ट्वीट पर बोली कि

Tu waapas #India aajaa, phir baat karenge. Aur doosron ke maa baap ko gaali dene se teri upbringing ka pataa chalta hai. Tu NaMoron ki aulaad hai kya jo tujhe itni jalan ho rahi hai? Aaja, tera baap bulaa rahaa hai, Arsewipe @AmiSri & don’t forget to collect ur ₹2/- 4m Tadipaar.

यह अमित श्रीवास्तव जी को तड़ीपार बोली और अभी भी यह रूक नहीं रही है। इसकी अभद्रता जारी है। जिस पर अमित श्रीवास्तव जी भी चुप नहीं है और अमित श्रीवास्तव जी के अलावा बहुत से लोगों ने इस औरत को करारा जवाब दिया है। सोसलमीडिया पर एक प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने पर दण्ड़नात्मक कार्रवाई जरूर होनी चाहिए चाहे वो सायबर सैल ही क्यों न करे। जिससे इन बीमारों को सबक मिल सके।

 

प्रधानमंत्री जी के अपमान पर यह केस लगेगा

Section 66A (IT act 2008) : सोशल मीडिया के लिए

पीएम मोदी, कानून या संसद के डीफेमेशन के नाम पर जो सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं वो इसी सेक्शन के अंतरगत हुई हैं. कारण? ये सोशल मीडिया के लिए बनाया गया एक्ट है जिसके कारण लिखी गई बात बहुत से लोगों तक पहुंच जाती है. इसे असीम त्रिवेदी की गिरफ्तारी से बहुत ज्यादा लोकप्रियता मिली थी. संसद के विवादित कार्टून फेसबुक और अपनी वेबसाइट पर शेयर करने के मामले में असीम त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया था. मेरठ के एक जर्नलिस्ट को वॉट्सएप पर पीएम मोदी का अपमानजनक वीडियो शेयर करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.वकील अपार गुप्ता का कहना है कि ये सेक्शन 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने स्क्रैप कर दिया था, लेकिन अभी भी कई जगह इसका इस्तेमाल होता है. इसे पुलिस की लापरवाही कहें या फिर जानकारी की कमी पर ऐसा होता जरूर है.इस सेक्शन के तहत अनेक केस ऐसे हुए हैं जिसमें पीएम मोदी से जुड़े किसी कमेंट पर किसी पोस्ट पर लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है या फिर समाज का विरोध झेलना पड़ा है.इन सभी धाराओं में से किसी के तहत भी चार्ज लगाया जा सकता है उन लोगों पर जो पीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करेगें, ट्वीट करेगें या बेमतलब बोलेगें।

Sach ki Dastak

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