पुरानी पेंशन को लेकर राज्य कर्मियों ने दिया धरना

सच की दस्तक डिजिटल डेस्क चन्दौली
 संयुक्त संघर्ष संचालन समिति ने गुरुवार को बिछियां स्थल पर धरना-प्रदर्शन किया। सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट कूच कर गए। वहां प्रशासनिक अधिकारी को पुरानी पेंशन बहाली समेत 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सरकार ने मांगें नहीं मानी तो शिक्षक पांच दिसंबर को राजधानी लखनऊ में सरकार जगाओ महासम्मेलन में हिस्सा लेकर सरकार को जगाने का काम करेंगे।
इस दौरान रामनगीना सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा समाप्त किए गए विभिन्न भत्तों को पुनः बहाल किया जाय। प्रदेश में निजीकरण व आउटसोर्सिंग पर रोग लगाई जाय। छठे वेतनमान की समस्त वेतन-विसंगतियों को दूर किया जाय। प्रदेश के शिक्षा मित्रों को नियमावली में संशोधन कर सहायक अध्याप पद पर नियमित व समायोजित किया जाय। आईसीडीएस की मुख्य सेविकाओं व लिपिकों आदि संविदा कर्मियों, दैनिक वेतन, नियत वेतन व मानदेय आदि के रूप में विभिन्न विभागों में कार्यरत होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम रोजगार, मनरेगा कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिका, आशा बहुओं, एएनएम, रसोइया, आश्रम पद्धति व कस्तूरबा गांधी विद्यालय के शिक्षकों, कर्मियों व शिेष शिक्षकों व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों को विनियमित किया जाय। पूर्व में नियमित किए गए उक्त श्रेणी के कर्मियों की पिछली सेवाओं को जोड़कर समस्त सेवालाभ, पेंशन, एसीपी आदि का प्रदान किया जाय। एसपी तिवारी ने कहा कि कोरोना काल में मृत शिक्षक, कर्मचारियों व अधिकारियों ड्यूटी के दौरान निधन होने पर 50 लाख की अनुग्रह राशि के साथ ही विकल्प न होने पर भी ग्रेच्युटी की राशि, नौकरी आदि सुविधाएं आश्रित परिवार को दी जाय। पंचायती राज विभाग के सफाई कर्मियों की विभागीय सेवा नियमावली बनाई जाय। प्रोन्नति के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा इनको ग्राम प्रधानों के नियंत्रण से मुक्त रखा जाय। इस दौरान अरविंद यादव, मनोज कुमार तिवारी, सुनीता तिवारी, संजय कुमार सिंह, भूपेंद्र कुमार सिंह, राजकुमार जायसवाल, शशि प्रकाश सिंह, कन्हैया लाल आदि उपस्थित रहे।
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