बाल स्वास्थ्य पोषण माह की तैयारियां पूरी,12 सितंबर तक चलेगा अभियान

सच की दस्तक डेस्क चन्दौली

जनपद में 13 अगस्त से 12 सितंबर तक ‘विटामिन ए संपूरण’ कार्यक्रम बाल स्वास्थ्य पोषण माह मनाया जाएगा। अभियान में नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) सत्रों में विटामिन-ए की खुराक दी जाएगी। इस दौरान बच्चों को जीवन रक्षक टीके भी लगाए जाएंगे। इस अभियान में जिले के लगभग 2.47 लाख बच्चों को विटामिन ए पिलाई जाएगी। हालांकि राज्य स्तर से प्रत्येक जनपद के लिए इस अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा 10 अगस्त से जा चुकी है।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ आरबी शरण ने बताया कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए बाल स्वास्थ्य पोषण माह तहत 13 अगस्त से शुरू होने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण माह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं।उन्होंने बताया कि यह अभियान 12 सितंबर तक चलाया जायेगा जिसमें नौ माह से पाँच वर्ष तक के लगभग 2.47 लाख (2,47,092) बच्चों को प्रति सप्ताह दो चरणों में विटामिन-ए की खुराक पिलायी जायेगी। उन्होने बताया कि विटामिन ए की ख़ुराक बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और रतौधी सहित आंखों की अन्य बीमारियों से भी बचाव के लिए लाभदायक है। स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास विभाग द्वारा संयुक्त रूप से मिलकर विटामिन ए की ख़ुराक पिलाने के लिए यह अभियान चलाया जाएगा।

जिला सामुदायिक प्रक्रिया मैनेजर (डीसीपीएम) सुधीर राय ने बताया कि माह भर चलने वाले इस विशेष अभियान में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाने के साथ ही उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए आवश्यक टीके भी लगाए जायेंगे। अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाएगा। ग्रामीण महिलाओं को अभियान से जुड़ी महिला कार्यकर्ता दैनिक जीवन में आयोडीन के प्रयोग की उपयोगिता से परिचित कराएगी। उन्होंने बताया कि देश को कुपोषण मुक्त करने के लिए इस विशेष अभियान के लिए एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रति सप्ताह में दो बार बुधवार और शनिवार को विटामिन-ए की खुराक पिलाने का काम दिया जायेगा। इस अभियान में खुराक पिलाने के साथ ही बच्चों को जीवन रक्षक टीके भी लगाए जायेंगे।
डीसीपीएम ने बताया कि अभियान मे बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर उन्हें स्वस्थ जीवन की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा जिसके लिए लगभग 1900 आशा कार्यकर्ता व 300 एएनएम साथ ही 1800 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है

नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों में विटामिन ए को बढ़ावा देना, सभी कुपोषित बच्चों का पुनः वजन, प्रबंधन व संदर्भन करना, नियमित टीकाकरण के दौरान लक्षित बच्चों के साथ आंशिक रूप से प्रतिरक्षित बच्चों को प्रतिरक्षण करते हुये शत-प्रतिशत टीकाकरण करना, शिशु रोगों की रोकथाम करते हुये स्तनपान, व ऊपरी आहार, को बढ़ावा देते हुये कुपोषण से बचाव करना, आयोडीन युक्त नमक के प्रयोग को बढ़ावा देना।

कोरोना से बचाव एवं नियमों का रखा जाए ध्यान

कोविड-19 संक्रमण से बचाव एवं नियमों को ध्यान में रखते हुये अभियान के तहत सभी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। सत्रों के आयोजन के समय सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क पहनने, साबुन से हाथ धोने एवं संक्रमण रोकथाम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह भी सुनिश्चित करें कि प्रत्येक स्लॉट में बुलाये गए लाभार्थी सोशल डिस्टेन्सिंग (दो लाभार्थियों के मध्य कम से कम 1 मीटर की दूरी) का अनुसरण करें। लाभार्थियों को मोबलाइज़ करने में आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस बात पर अवश्य ज़ोर दें कि प्रत्येक लाभार्थी के साथ एक से अधिक देखभालकर्ता सत्र पर न आएं एवं यदि परिवार में किसी सदस्य को बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ के लक्षण हैं अन्यथा अन्य किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो वह सत्रह पर बिल्कुल ही न आएं और ऐसे परिवार के संबंध में फ्रंट लाइन वर्कर संबन्धित क्षेत्र के अधीक्षक/प्रभारी चिकित्साधिकारी को तत्काल सूचित करें।

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