योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री का गृह आवास होने के बावजूद सकलडीहा विधानसभा का नहीं हुआ कायाकल्प

(सच की दस्तक नेशनल न्यूज डेस्क)

सपा भाजपा में सीधी टक्कर के आसार लेकिन

बसपा व कांग्रेस  ने लड़ाई को बना दिया चतुष्कोणीय 

सकलडीहा विधानसभा में अभी तक भारतीय जनता पार्टी ने 4 दशक के बाद भी जीत का खाता नहीं खोला है ।वर्तमान में समाजवादी पार्टी की विधायक प्रभु नारायण यादव हैं। जिन पर क्षेत्र में काम ना करने का आरोप लगता रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि योगी मंत्रिमंडल की कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर का गृह निवास भी सकलडीहा में ही है ।उसके बावजूद सघन क्षेत्र के सड़कों का हाल बहुत ही खस्ता  है। सकलडीहा  कस्बा की सड़कें जहां क्षेत्र के 104 गांव को जोड़ती है वही गाजीपुर वह नेपाल तक के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है। बावजूद इसके सड़के अपनी अंतिम सांसे लेती हुई दिखाई पड़ रही है।  विडंबना  कहे या लापरवाही  कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के गृह निवास के चारों तरफ भी बरसात के दिनों में जलजमाव की स्थिति बनी रहती है ।नेता तो बदलते हैं लेकिन सकलडीहा विधानसभा का कायाकल्प नहीं हो पाता ।वर्तमान में सपा के  विधायक प्रभु नारायण यादव अक्सर आरोप लगाते हैं कि क्योंकि उनकी राज्य में सरकार नहीं है अतः जो वे जो कार्य क्षेत्र में करना चाहते हैं ।उनमें राज्य सरकार व्यवधान खड़ा करती है। टूटी फूटी सड़कें योगी सरकार कि विकास के दावे को साफ-सफ बतलाती हैं। यहां पर जल निगम की सप्लाई पूरी तरह से बाधित ही दिखाई पड़ती है। क्षेत्र में पिछले दिनों जिस प्रकार से क्राइम बड़ा है वह भी एक मुद्दा के राजनीतिक पार्टियों के लिए है।

चुनाव में जीत के दावे तो सभी पार्टियों द्वारा किया जा रहा है लेकिन मुख्य मुकाबला सकलडीहा विधानसभा में भाजपा और सपा के बीच ही दिखाई पड़ रहा है।ऐसे बसपा ने भी ब्राह्मण चेहरा दिया है यदि बसपा का कैडर वोट उन्हें मिलता हैं तो निश्चित तौर पर भारतीय जनता पार्टी का बसपा खेल बिगाड़ सकती है। वही कांग्रेस ने भी युवा उम्मीदवार को मौका दिया है। देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना के रूप में कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारा है ।अगड़ी जाति का वोट का बंटवारा होने से भाजपा का खेल बिगड़ सकता है। वही सपा एम वाई समीकरण को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखाई दे रही है ।और एक बार पुनः सकलडीहा विधानसभा से  साइकिल जीतेगी ऐसा दावा करती दिखाई दे रही है।

 

सकलडीहा विधानसभा में मुद्दे

*सड़के  पूरी तरह क्षतिग्रस्त

*जल निगम की सप्लाई ध्वस्त

*व्यापारियों  की जान माल की सुरक्षा नहीं

सकलडीहा विधानसभा के उम्मीदवार

जय श्याम त्रिपाठी बसपा

प्रभु नारायण यादव सपा

सूर्यमुनि तिवारी भाजपा

देवेंद्र प्रताप सिंह मुन्ना कांग्रेस

सकलडीहा विधानसभा में मतदाता

सकलडीहा विधानसभा में कुल मतदाता 3,25,588 है।जिसमें पुरुष मतदाता 176828 है।जबकि महिला मतदाता 148754 है।

सकलडीहा विधानसभा का इतिहास

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मोदी लहर में भी सपा ने जीती थी ये सीट,
सकलडीहा विधानसभा सीट पर 2017 में समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण यादव ने भारतीय जनता पार्टी के सूर्यमणि तिवारी को करारी शिकस्त दी थी।
आजादी के बाद जब पहली विधानसभा का चुनाव हुआ तो इस विधानसभा का नाम धानापुर था।बाद में नए परिसीमन के अनुसार इसका नाम धानापुर से बदलकर सकलडीहा विधानसभा रख दिया गया. इस क्षेत्र को शहीदों की धरती भी कहा जाता है क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस इलाके के क्रांतिकारियों ने देश की आजादी में आम भूमिका निभाई थी और स्वतंत्रता के लिए अपनी कुर्बानी भी दी थी. यह विधानसभा क्षेत्र प्रमुख रूप से कृषि प्रधान इलाका है. धार्मिक दृष्टिकोण से बात करें तो सकलडीहा में कालेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर है जो वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट से संचालित होता है. सकलडीहा में डायट कॉलेज भी है. जहां पर जनपद के साथ-साथ अन्य जिलों के अध्यापकों की ट्रेनिंग भी होती है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

चन्दौली जिले की सकलडीहा विधानसभा का नाम पहले धानापुर था.पहली बार इस सीट पर कांग्रेस पार्टी के कामता प्रसाद विद्यार्थी विधायक निर्वाचित हुए दूसरे विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी के कामता प्रसाद विद्यार्थी ने चुनाव जीता. तीसरी विधानसभा में इस सीट से कांग्रेस के राजनरायन ने सोशलिस्ट पार्टी के सदानंद को हराया.1967 में सोशलिस्ट पार्टी के बैजनाथ ने प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के सदानंद को हराकर अपनी जीत दर्ज की. अगले चुनाव में एक बार फिर से बैजनाथ को जीत मिली.अबकी बार वे भारतीय किसान दल के टिकट पर उतरे थे. बैजनाथ ने दूसरी बार कांग्रेस को लोकनाथ को हराया था।

छठवीं विधानसभा चुनाव में भारतीय किसान दल के उम्मीदवार बैजनाथ ने जीत हासिल करके जिले से जीत की हैट्रिक लगाने वाले दूसरे नेता बने और अबकी बार उन्होंने कांग्रेस के हरी को हराया। सातवीं विधानसभा में जनता पार्टी के उम्मीदवार के रुप में कैलाशनाथ सिंह ने कांग्रेस पार्टी के नरेन्द्र शास्त्री को हराया। आठवीं विधानसभा में धानापुर सीट कांग्रेस ने अपनी झोली में डाली,जब इस सीट पर रामजनम ने सीटिंग विधायक कैलाशनाथ सिंह को हराया। नवीं विधानसभा में एक बार फिर कांग्रेस के रामजनम ने जनता पार्टी के कैलाशनाथ सिंह को हराया था ।दसवीं विधानसभा में जनता दल के दयाशंकर ने कांग्रेस के गिरिजापति सिंह यादव को हराकर जीत हासिल की।

अगले विधानसभा चुनाव में जनतादल के टिकट पर कैलाशनाथ सिंह यादव फिर चुनाव जीत गए. कैलाशनाथ सिंह ने भाजपा के सुरेन्द्र सिंह को हराया. बारहवीं विधानसभा बसपा के रामजीत भारद्वाज ने जीत हासिल की और पहली बार बसपा का परचम लहराया. तेरहवीं विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण सिंह यादव ने बसपा के ज्ञानेन्द्र कुमार को हराकर धानापुर सीट पर सपा का खाता खोला था. चौदहवीं विधानसभा में समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण सिंह यादव ने बसपा के सुशील कुमार सिंह को कांटे की टक्कर में मात्र 26 वोटों से हरा दिया था.

2007 में बसपा के सुशील कुमार सिंह ने जेल से पर्चा भरकर चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण सिंह यादव को 17,239 वोटों से हराकर जीत का परचम लहराया. 2012 में सोलहवीं विधानसभा के चुनाव के दौरान में इस सीट का नाम बदल कर (381) सकलडीहा हो गया. इस सीट से बसपा से टिकट कटने के बाद एक बार फिर से सुशील सिंह निर्दल प्रत्याशी के रुप में उतरे और समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण सिंह यादव को दोबारा हरा दिया. 2017 में सकलडीहा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण यादव एक बार फिर विधायक चुने गए.
सामाजिक ताना-बाना

वर्तमान समय में चंदौली जिले की सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में कुल 325588 मतदाता हैं. जिसमें 176828 पुरुष मतदाता हैं.वही महिला मतदाताओं की संख्या 148754 है. जातिगत आंकड़ों की बात करें तो सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाता हरिजन हैं, जिनकी तादाद तकरीबन 55000 है. दूसरे नंबर पर यादव मतदाता हैं. जिनकी संख्या करीब-करीब 50 हजार है. इसी तरह 37 हजार क्षत्रिय, 29 हजार ब्राह्मण, लगभग 23 हजार राजभर, करीब 18 हजार मुस्लिम, करीब16 हजार वैश्य, करीब 15 हजार चौहान, करीब 15 हजार मौर्या,करीब 9 हजार केवट-मल्लाह, लगभग10 हजार खरवार, लगभग 10 हजार खटीक-धोबी, करीब 10 हजार कोहार-लोहार,इसके अलावा करीब 7 हजार मुसहर, 5 हजार मेहतर और बाल्मीकि, और तकरीबन 10 हजार के आसपास अन्य जातियों के मतदाता इस विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं।

 

2017 का जनादेश

2014 में लोकसभा चुनाव से ही पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी. 2017 में जब उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव हुआ तो एक बार फिर मोदी लहर ने अपना काम किया और चंदौली जिले की 4 सीटों में से 3 सीटें भाजपा के खाते में गई.लेकिन सकलडीहा विधानसभा ऐसी एकमात्र सीट थी।जहां पर समाजवादी पार्टी ने अपना परचम लहराया. इस विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण यादव ने भारतीय जनता पार्टी के सूर्यमणि तिवारी को करारी शिकस्त दी थी।

2017 में 202392 वोट पड़े थे और मतदान का प्रतिशत 63.69 था. इस चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रभु नारायण यादव को 39.47% यानी 79875 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सूर्यमणि तिवारी को 64906 वोट मिले थे और इनका वोट प्रतिशत 32.07 था। वहीं, दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी के उपेंद्र सिंह को 52175 वोट मिले और उनका वोट प्रतिशत 25.78 था. सपा,भाजपा और बसपा के साथ-साथ इस चुनाव में पांच और प्रत्याशी थे लेकिन इन सभी 5 प्रत्याशियों को एक हजार से भी कम वोट मिले।

मौजूदा विधायक प्रभु नारायण यादव विधायक का रिपोर्ट कार्ड

वर्तमान समय में चंदौली के सकलडीहा विधानसभा से समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभु नारायण यादव मूल रूप से सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र के कैलावर गांव के रहने वाले हैं। प्रभु नारायण यादव पहले दो बार और समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुके हैं.यह इनका तीसरा टर्म है। सकलडीहा पीजी कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल करने वाले प्रभु नारायण यादव शुरू से ही समाजवादी पार्टी में रहे. 1986 में अपने गांव के प्रधान चुने गए बाद में दो बार जिला पंचायत सदस्य भी चुने गए।

विधायक निधि के संदर्भ में बात करें तो समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभु नारायण यादव के अनुसार अब तक मिली विधायक निधि को वह विकास कार्यों में खर्च कर चुके हैं।इनके द्वारा विधायक निधि का पैसा सड़क,शिक्षा, गांव में विद्युतीकरण और सिंचाई के संसाधनों के ऊपर खर्च किया गया है।

 

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