एएनएम के नेतृत्व में घर-घर हो रहा कोविड-19 लक्षण का सर्वे

सच की दस्तक डेस्क चन्दौली
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के खतरे के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था। लॉकडाउन खत्म होते ही अनलॉक में लोगों की गतिविधियाँ बढ़ती गईं जिससे कोरोना का खतरा भी बढ़ता गया। यह खतरा अब शहर, ग्रामीण तथा हर जगह बढ़ता जा रहा है। इसके फैलाव को रोकने के लिए शासन से मिले निर्देशानुसार के क्रम में स्थानीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ली है। कोरोना संक्रमित एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों की पहचान करने के लिए 5 जुलाई से ‘कोविड-19 विशेष सर्विलान्स अभियान’ चलाया जा रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक प्रत्येक दिवस चलाया जाएगा।
विशेष सर्विलान्स अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकिया के उपकेंद्र सिकन्दरपुर मे एएनएम के नेतृत्व मे आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व शिक्षामित्र घर-घर जाकर परिवार के प्रत्येक सदस्यों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रहे हैं। इस दौरान कोरोना से मिलते जुलते लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर कोविड-19 जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। इसके साथ ही गंभीर बीमारियों जैसे गुर्दे का रोग, हृदय रोग, टीबी, मधुमेह, कैंसर, ब्लड प्रेशर आदि पुरानी बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों की भी जानकारी ली जा रही है। करीब 8,700 आबादी वाले इस गाँव मे अभी तक लगभग 7000 लोगों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वे में किसी भी व्यक्ति में सर्दी, खांसी जुकाम, बुखार और गले में खराश के लक्षण नहीं देखे गए। प्रतिदिन लगभग 200 लोगों का सर्वे किया जा रहा है।
*चकिया पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ सुजीत कुमार* ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की प्रथम प्राथमिकता है कि ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक व्यक्ति स्वस्थ रहे जिसके लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम घर-घर जाकर सर्वे का कार्य रही है और कोविड-19 के लक्षणों की पहचान कर उन्हे स्वास्थ्य केंद्र भेज रही हैं। सर्वे की ज़िम्मेदारी एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सौंपी गयी है।
एएनएम अनुराधा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सर्वे में लगे सभी स्वास्थ्य कर्मियों को थर्मल स्क्रीनिंग मशीन के साथ ही पल्सऑक्सीमीटर दिया गया है जिससे स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के दौरान यह पता किया जा रहा है कि यदि घर का कोई भी सदस्य बाहर से आया है तो उसकी यात्रा संबंधित पूरी जानकारी ली जा रही है। साथ ही घर के सदस्यों की लंम्बी बीमारी का भी विवरण लिया जा रहा है। साथ ही उन्हें दो गज की दूरी, 20 सेकेंड तक बार-बार हाथ धोने, मास्क लगाने और बेवजह घर से बाहर न जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हर घर के बाहर पैंपलेट लगाया जा रहा है। साथ ही कोविड-19 से मिलते जुलते लक्षण हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
सर्वे के दौरान देखे गए ब्लडप्रेशर से ग्रसित समीउल्ला (65) ने बताया कि एएनएम आई थी उन्होने घर के सभी लोगों के स्वास्थ्य के बारे में पूंछा और उनसे स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपनी जांच कराने के लिए कहा है।
वही दूसरी तरफ़ भगवान दास (50) शुगर के मरीज हैं। उन्होने बताया कि आशा-एएनएम बहनें आई थी। शुगर के अलावा और स्वास्थ्य संबंधी परेशान के बारे में पूंछा और साथ में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी भी दी।
जबकी रीता देवी (50) ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उन्होने जांच कराई थी। अभी हम बिल्कुल ठीक है। कभी कभी घुटनों में दर्द होता है जिसकी जानकारी उन्होने आशा बहन को दी है।

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