जीवन निर्वाह भत्ता शुरू नही हुआ तो धरना होगा शुरू

सच की दस्तक न्यूज़ डेस्क चन्दौली
दीनदयाल नगर। नगर स्थित मनोकामना रेस्तरां में मंगलवार को श्रीमती गीता देवी एवं श्रीमती रीता ने आयोजित आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस कहा कि लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रबंध समिति की प्रबंधक, प्राचार्य एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी, वाराणसी विगत साढ़े तीन वर्षों से महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य एवं वरिष्ठतम् शिक्षक डॉ अनिल कुमार को कथित जांच के नाम पर उत्पीड़ित कर रहे हैं एवं मानसिक तथा सामाजिक तौर पर हत्या करने की साजिश रच रहे हैं। उक्त दोनों महिलाओं ने आरोप लगाया कि यह महाविद्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। इसी क्रम में महाविद्यालय प्रबंध समिति ने पिछले 23 फरवरी को एकतरफा कार्रवाई करते हुए डॉ अनिल कुमार को सेवा समाप्ति का प्रस्ताव कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पास भेज दिया। यह विश्वविद्यालय परिनियमावली के खिलाफ था डॉ कुमार का निर्वाह भत्ता भी रोक दिया गया जबकि सेवा समाप्ति का अनुमोदन विश्वविद्यालय ने नहीं दिया था। यह मानवाधिकारों के हनन का मामला है। उक्त मामले का संज्ञान लेते हुए कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने विगत 21 नवंबर को डॉ अनिल कुमार के निलंबन एवं सेवा समिति की प्रक्रिया को रोक दिया और मामले की सुनवाई के लिए 5 दिसंबर का दिन तय कर दिया।
आर्थिक परिस्थिति चरमरा जाने की वजह से पत्नी गीता देवी एवं बहू रीता ने आजिज आकर मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के जन शिकायत पोर्टल पर अंतिम गुहार लगाई कि 22 नवंबर को महाविद्यालय पर पहुंचकर दरना व अनशन करते हुए जान दे देंगी। लेकिन कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आदेश के बाद उक्त कदम को स्थगित कर दिया।
इस संबंध में श्रीमती रीता ने बताया कि आज 24 नवंबर तक वेतन देने की कोई प्रक्रिया चालू नहीं हुई है। अलबत्ता डॉ अनिल कुमार का नाम महाविद्यालय में शिक्षकों के हाजिरी रजिस्टर से गायब कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई अवश्य करनी चाहिए। यदि वेतन जल्द नहीं मिलता है तो हम महाविद्यालय गेट पर धरना देते हुए अनशन करके अपनी जान दे देंगे।

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