कोरोना के इलाज में आयुर्वेदिक दवाएं कारगर : डॉ. भावना

सच की दस्तक न्यूज डेस्क चन्दौली
राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ आयुष मंत्रालय नई दिल्ली के अंतर्गत जिले में 29 व 30 जनवरी को आयुष चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया । यह प्रशिक्षण “कोविड-19 एन्ड इट्स आयुर्वेदिक मैनेजमेंट” विषय पर आधारित था। विश्व आयुर्वेद परिषद द्वारा जीवक आयुर्वेद मेडिकल कालेज में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई |
दो दिवसीय चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी प्रो. भावना द्विवेदी ने दीप प्रज्वलन, धन्वंतरि पूजन तथा वंदना के साथ किया। डॉ भावना ने बताया कि यह पहल विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से की गई है । जनपद के आयुर्वेद चिकित्सकों को कोविड के बारे में और अधिक जानकारी देकर इस योग्य बनाया जाए कि वह समाज में बिना भय के कोविड मरीजों की सेवा कर सकें तथा सफलतापूर्वक जनता को लाभ पहुंचा सकें।
डॉ भावना ने बताया कि अभी तक सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सेवा करने वालों को प्रशिक्षित करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। परिषद ने पहल करते हुए आयुष मंत्रालय को एक प्रोजेक्ट भेजा है जिस पर सरकार द्वारा स्वीकृति के बाद इस कार्यक्रम में कुल 50 आयुर्वेद चिकित्सकों को “कोविड-19 एन्ड इट्स आयुर्वेदिक मैनेजमेंट” विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। डॉ भावना ने कहा कि कोविड के दौरान तथा उसके बाद भी मरीज की रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उन्हें गिलोय, आयुष काढ़ा, कंचमनी बटी, आयु-64, नाक में डाला जाने वाला अणु तेल और वाषावलेह का उपयोग कर उनके शरीर को रोगों से लड़ने में सक्षम बनाना होगा। जिन मरीजों का आक्सीजन सैचुरेशन लेवल कम है, उनके लिए अजवायन की भाप, अनुलोम-विलोम और प्राणायाम ज्यादा मददगार होंगे। कई लोग ठीक हो जाने के बाद भी खुद को बीमार समझते हैं। यह मानसिक बीमारी की स्थिति है। ऐसी स्थिति में अश्वगंधा का चूर्ण, ब्राह्मी लेना प्रभावी होगा। आसानी से होने वाले आसन सूर्य नमस्कार, पद्मासन, बज्रासन, योग, प्राणायाम उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाएंगे। ऐसी स्थितियों में की जाने वाली काउंसलिंग उन्हें बीमारी से मानसिक तौर पर बाहर लाने में मदद करेगी। कोरोना का इलाज आयुर्वेदिक दवाओं से किया जा रहा है, कोरोना वायरस के इलाज में आयुर्वेदिक दवाएं कारगर सिद्ध हो रही हैं |
सचिव डा. केके द्विवेदी तथा सहसचिव डा. मनीष मिश्र ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा सेवा करने वालों के प्रशिक्षण की कोई व्यवस्था नहीं थी। परिषद ने इस उद्देश्य से आयुष मंत्रालय को एक प्रोजेक्ट भेजा। वहां से स्वीकृति मिलने पर कुल 50 आयुर्वेद चिकित्सकों को ‘कोविड-19 एंड इट्स आयुर्वेदिक मैनेजमेंट’ विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। कोरोना का इलाज आयुर्वेदिक दवाओं के माध्यम से किया जा रहा है जो बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही हैं। कार्यक्रम में प्रो. नीलम गुप्ता, डा. केके द्विवेदी, सचिव डा. मनीष मिश्र, डा. विजय राय, डॉ दिलीप उपाध्याय, डा. शुभम माहेश्वरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रो. पीएस ब्याडगी, डा. सुनील कुमार, प्रो. जेएस त्रिपाठी, डा. सुधीर मिश्र, डा. अजय कुमार पांडेय, डा. अजय कुमार गुप्ता, डा. एके सिंह, डा. आरके यादव, डॉ एसके शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के बाद सभी को प्रमाण पत्र बांटा गया ।

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