सोनिया गांधी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनीं, राहुल गांधी का इस्तीफा मंजूर

  • कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए CWC की बैठक खत्म
  • 5 समूहों की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद नाम का ऐलान
  • राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बैठक में मौजूद

कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो गया है। यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष चुनी गई हैं। हालांकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी कांग्रेस की नई अध्यक्ष हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शाम 8 बजे कांग्रेस वर्किंग कमेटी Congress Working Committee (CWC) की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया।

बैठक में मौजूद रहे नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग पर सोनिया गांधी ने यह पद स्वीकार किया है। हालांकि सोनिया ने बैठक से पहले इनकार किया था। सोनिया गांधी अध्यक्ष बनने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन कांग्रेस नेताओं की मांग मान ली। बताया जा रहा है कि 5 ग्रुपों की रिपोर्ट सौंपने के बाद अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया गया।

बैठक में अध्यक्ष के नाम पर चर्चा नहीं होकर जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि बैठक में जम्मू कश्मीर के हालात पर चर्चा हुई।

Rahul Gandhi इस्तीफा मंजूर

राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) बैठक में मौजूद रहे। बैठक काफी देर तक चली। बैठक में राहुल गांधी के इस्तीफे को भी मंजूर किया गया। राहुल गांधी ने खुद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में आने से इनकार कर दिया था। लेकिन राहुल गांधी कमेटी की बैठक में मौजूद रहे। 

 

 

सीडब्ल्यूसी ने सर्वसम्मति से 3 प्रस्ताव पारित किए

– रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्ल्यूसी ने राहुल गांधी की अध्य्क्षता और नेतृत्व का आभार जताया। राहुल ने बेहतर तरीके से पार्टी संभाली। उन्होंने पार्टी का नेतृत्व निरतंर लड़ाई कर के किया। राहुल ने पार्टी को नई ऊर्जा दी और समाज के हर तबके के लिए उम्मीद की किरण बन कर उभरे। उन्होने 2019 की हार की खुद जिम्मेदारी ली।

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सीडब्लूसी ने प्रदेश अध्यक्ष महासचिव सांसदों के विचार जाने। सभी ने एकमत से राहुल को पड़ जारी रहने की अपील की। सीडब्ल्यूसी ने राहुल को इस्तीफा वापस करने को कहा। लेकिन राहुल ने इसे ठुकराते हुए कहा कि वह उनका सम्मान करते है और जवाबदेही उनसे तय होनी चाहिए। इसके बाद तय हुआ कि सोनिया गांधी नए अध्य्क्ष बनने तक अंतरिम अध्य्क्ष का कार्यभार संभाले। जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार किया।

– सीडब्ल्यूसी का गठन वे चुनी हुई बॉडी की तरह काम कर रही है। उसके भंग का प्रश्न नहीं उठता। टेस्टेड नेतृव सोनिया गांधी का है। विपक्ष की सबसे दमदार आवाज सोनिय गांधी की है। इसलिए उन पर विश्वास जताया है।

– कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित किया कि राहुल गांधी ने गरीबों किसानों मजदूरों युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पक्ष को निडरता से रखा। राहुल गांधी देश की एक बड़ी आबादी के लिए उम्मीद की किरण के तौर पर उभरे हैं। सिर्फ उसी ने दूसरा प्रस्ताव जो पारित किया था सीएलपी नेता पीसीसी चीफ कांग्रेस के सभी सचिवों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया था

अध्यक्ष चुनने के लिए 5 समूह – 

बता दें कि देश के अलग अलग क्षेत्रो से नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए 5 समूह बनाए गए। यह ग्रुप कांग्रेस के सदस्यों, प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, सांसदों से राय ली। इसके बाद इस समूह ने सीडब्ल्यूसी के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

इससे पहले सुबह 11 बजे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव priyanka gandhi एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, पी चिदंबरम और अहमद पटेल जैसे नेताओं की बैठक कांग्रेस मुख्यालय में हुई। सीडब्ल्यूसी ने तय किया कि वो पूरे देश के कांग्रेस नेताओं के साथ चर्चा करेगी, जिन्हें 5 ग्रुप्स में बांटा गया है।

नॉर्थ ईस्ट के ग्रुप में अहमद पटेल, अंबिका सोनी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शामिल रहे। वहीं ईस्टर्न ग्रुप में केसी वेणुगोपाल, तरुण गोगोई और कुमार शैलजा शामिल रहे।

नॉर्थ ग्रुप में प्रियंका गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और पी चिदंबरम शामिल रहे, वहीं पश्चिमी समूह में गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे, एके एंटनी और मोतीलाल वोहरा शामिल रहे। दक्षिण के समहू में मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा और मुकुल वासनिक का नाम शामिल रहा।

बैठक  ?

दरअसल आज सुबह से ही कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक चल रही है। बैठक जैसे ही शुरू हुई कि सोनिया और राहुल गांधी ने कहा कि नए अध्यक्ष चुनने को लेकर जो राय शुमारी चलेगी वो प्रजातांत्रिक प्रकिया में होनी चाहिए, वे अगले अध्यक्ष तय करने की प्रक्रिया में अपनी राय रखना नहीं चाहते, ताकि दूसरों की राय प्रभावित न हो। इसलिए हम 5 उप समूहों से अलग होना चाहते हैं।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में सभी सदस्यों ने राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर बने रहने की मांग की थी। सदस्यों ने कहा कि राहुल गांधी की अध्य्क्षता में ही भाजपा के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से लड़ेंगी। लेकिन राहुल ने कहा कि उन्होंने जो फैसला किया है, उस पर कायम है। इसके बाद CWC ने राहुल के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया।

 

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