गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रूपये घोषित हो: प्रवीन सिंह

  • रालोद मध्यजोन महासचिव प्रवीन सिंह ने ऱखी मांग 
  • राष्ट्रीय लोकदल मध्यजोन महासचिव ने की धान क्रय केन्द्रों की जांच कराये जाने की मांग 

सीतापुर। किसान को उसकी फसल का उचित समर्थन मूल्य न मिल पाने से अपने को ठगा महसूस कर रहा है। किसानों के पिछले वर्ष का गन्ना भुगतना अभी तक नही हो सका है और नई खरीद के लिए मिल चालू कर दिया गया है। सरकार द्वारा गन्ने का समर्थन मूल्य भी घोषित नहीं किया गया है।

यह बात राष्ट्रीय लोकदल मध्यजोन महासचिव प्रवीन कुमार सिंह ने जारी बयान में कही। उन्होंने कहा कि गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रूपया घोषित हो जाता तो किसानों को गन्ने का वास्तविक मुल्य प्रात्त होगा। गन्ना मिल चालू हो गयी है और समर्थन मूल्य हर वर्ष की तरह अभी भी घोषित नहीं हुआ इससे किसान अपने को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ठगा महसूस करने लगा है।

श्री सिंह ने कहा कि भारत वर्ष एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है, लेकिन यहां का किसान हर तरह ठगा जाता है। चाहे उसकी फसल का का उचित समर्थन मूल्य हो या खाद, बीज, डीजल का बढ़ोतरी मूल्य, हर जगह उसे ठगा जाता है। धान खरीद के लिए लगाए गए सेंटर में किसानों का न खरीद कर बिचैलियों द्वारा धान खरीद की जाती है। इसी कारण किसान को उसका समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता है, और किसान परेशान रहता है।

अगर धान खरीद सीधे किसानों से की जाए और समर्थन मूल्य उनको दिया जाए तो किसान खुशहाल हो सकता है, लेकिन खरीद केंद्रों पर दलालों और व्यापारियों का बोलबाला रहता है, इसलिए किसान अपना धान दलालों के हाथ बेचने को विवश हो जाते है।

उन्होंनें खरीद केंद्रों की जांच कराये जाने की मांग प्रशासन से की है। अगर जिला प्रशासन द्वारा किसानों के साथ अनदेखी की जाएगी तो राष्ट्रीय लोकदल विशाल धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा।

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