मुख्यमंत्री ने की 400वें प्रकाश पर्व समारोह के संबंध में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता

चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज घोषणा की कि सिखों के नवम् गुरु हिंद की चादर-श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 3 अप्रैल, 2022 को पानीपत में एक राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में पानीपत में ‘दरबार साहिब’ की प्रतिकृति भी स्थापित की जाएगी। इसमें हरियाणा व पंजाब के सिख श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है। समारोह का उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर जी के सामाजिक सद्भाव और भाईचारे के संदेश को प्रचारित करना है।

बैठक के दौरान, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों तथा अन्य सदस्यों ने श्री मनोहर लाल की दोनों राज्यों के पूरे सिख समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक कार्यक्रम में सब की भागीदारी सुनिश्चित करना अपने आप में एक उदाहरण और मिसाल होगी।

इसी भावना के साथ अधिकांश सदस्यों ने कहा कि पंजाब की तुलना में धार्मिक तौर पर हरियाणा सभी दस सिख गुरुओं के साथ एक विशेष संबंध साझा करता है, हरियाणा एक ऐसा स्थान है जहां सभी दस सिख गुरुओं के चरण पड़े, इसलिए पानीपत में इस तरह के धार्मिक समागम का आयोजन न केवल हरियाणा और देश के लिए बड़ी सफलता होगी बल्कि दुनिया भर में भी इसका संदेश जाएगा।

इस अवसर पर एचएसजीएमसी के अध्यक्ष, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, सचिव श्री सरबजीत सिंह, और सदस्य अमरिंदर सिंह अरोड़ा, श्री छानदीप सिंह खुराना और एसजीपीसी के सदस्य जत्थेदार हरपाल सिंह पाली, जत्थेदार अमरीक सिंह, जत्थेदार भूपिंदर सिंह, जत्थेदार जगशीर सिंह, जत्थेदार बलदेव सिंह, बाबा गुरमीत सिंह तिरलोकवाला के अलावा कुरुक्षेत्र के हरपाल सिंह चीका व लखविंदर पाल सिंह गरेवाल और विभिन्न जिलों के अन्य गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे और अपने सुझाव साझा किए।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक पीठ स्थापित करने की भी घोषणा की। इस पीठ के माध्यम से श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर शोध कार्य किए जाएंगे, जिससे उनकी जीवनी को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा और समाज विशेषकर युवाओं के साथ साझा किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं आज यहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व समारोह के संबंध में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक के दौरान, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएजीएमसी) और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने भी इस राज्य स्तरीय समारोह को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि मार्च 2021 से, देश के कुछ हिस्सों में हिंद की चादर-श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 वें प्रकाश पर्व के लिए विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम पहले ही शुरू हो चुके हैं। हालाँकि, कोरोना महामारी के कारण हरियाणा में अधिकांश कार्यक्रम स्थगित हो गए थे, लेकिन अब राज्य सरकार ने 3 अप्रैल, 2022 को राज्य स्तरीय समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में विशेष टीमों के गठन के साथ-साथ इन समारोहों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।

इस बैठक में सदस्यों के तौर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता, बिजली मंत्री श्री रणजीत सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल, राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा, श्री ओ पी यादव और सरदार संदीप सिंह, नेता प्रतिपक्ष, श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पानीपत की मेयर सरदारनी अवनीत कौर, सांसद, विधायक और प्रशासनिक सचिव भी शामिल हुए ।

हरियाणा का सभी दस सिख गुरुओं के साथ एक विशेष नाता- मनोहर लाल

श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा का न केवल श्री गुरु तेग बहादुर जी के साथ बल्कि सभी दस सिख गुरुओं के साथ एक विशेष नाता रहा है, क्योंकि उनमें से अधिकांश ने कुरुक्षेत्र और लोहगढ़ में अपनी यात्रा की है, जो कभी सिख राज्य की राजधानी थी। राज्य के युवाओं को दुनिया के सबसे महान मानवतावादी सिख गुरुओं के जीवन से समर्पण और बलिदान की भावना सीखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर पूरे हरियाणा में सार्वजनिक सभाओं, समारोहों, सेमिनारों का आयोजन करके धार्मिक गुरुओं, संतों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती रही है। इसके अलावा हरियाणा में महापुरुषों की जयंती मनाने के लिए एक विशेष योजना संत महापुरुष विचार प्रसार योजना भी शुरू की गई है।

उन्होंने कहा कि आज हमारा परम कर्तव्य बनता है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी और अन्य धार्मिक गुरुओं और संतों की शिक्षाओं, विचारधाराओं और दर्शन को समाज में, विशेष रूप से युवाओं में प्रचारित करें। सरकार के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक संस्थान भी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रसिद्ध रागी और कथावाचक आमंत्रित किए जाएंगे

मुख्यमंत्री ने समिति के अधिकांश सदस्यों की मांगों को स्वीकार करते हुए कहा कि इस राज्य स्तरीय धार्मिक समारोह में प्रसिद्ध रागी और कथावाचकों को बुलाया जाएगा, जो अपने आप में आकर्षण रहेगा। मुख्यमंत्री ने समिति के सदस्यों, अन्य धार्मिक सिख संगठनों और राज्य भर के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से आग्रह किया कि 400वें प्रकाश पर्व के समारोह के रूप में 3 अप्रैल, 2022 से पहले प्रत्येक जिले में विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। समिति के सदस्यों द्वारा उठाई गई एक अन्य मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाल झील पर भी लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाना चाहिए।

श्री मनोहर लाल ने कहा कि इतिहास में दर्ज श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा यात्रा करने और उनकी शहादत के बाद उनके शीश को ले जाने के रास्ते में पड़ने वाले स्थानों को विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित सभी धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने आग्रह किया कि हरियाणा के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचें और इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

ऐसा विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मनोहर लाल सरकार सराहना की पात्र: हुड्डा

मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रशंसा करते हुए नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह वास्तव में प्रशंसनीय है कि हरियाणा इतने बड़े स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि इसे राजनीति से जोड़ना गलत होगा। मैं इस राज्य स्तरीय समारोह की बड़ी सफलता के लिए अपनी पार्टी की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देता हूं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के साथ एक विशेष बंधन साझा करता है। यह राज्य स्तरीय समारोह दूसरों के लिए एक मिसाल कायम करेगा। समिति के सदस्यों ने सिख समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।

बैठक के दौरान, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों तथा अन्य सदस्यों ने श्री मनोहर लाल की दोनों राज्यों के पूरे सिख समुदाय को एक मंच पर लाने के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक कार्यक्रम में सब की भागीदारी सुनिश्चित करना अपने आप में एक उदाहरण और मिसाल होगी।

इसी भावना के साथ अधिकांश सदस्यों ने कहा कि पंजाब की तुलना में धार्मिक तौर पर हरियाणा सभी दस सिख गुरुओं के साथ एक विशेष संबंध साझा करता है, हरियाणा एक ऐसा स्थान है जहां सभी दस सिख गुरुओं के चरण पड़े, इसलिए पानीपत में इस तरह के धार्मिक समागम का आयोजन न केवल हरियाणा और देश के लिए बड़ी सफलता होगी बल्कि दुनिया भर में भी इसका संदेश जाएगा।

इस अवसर पर एचएसजीएमसी के अध्यक्ष, जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, सचिव श्री सरबजीत सिंह, और सदस्य अमरिंदर सिंह अरोड़ा, श्री छानदीप सिंह खुराना और एसजीपीसी के सदस्य जत्थेदार हरपाल सिंह पाली, जत्थेदार अमरीक सिंह, जत्थेदार भूपिंदर सिंह, जत्थेदार जगशीर सिंह, जत्थेदार बलदेव सिंह, बाबा गुरमीत सिंह तिरलोकवाला के अलावा कुरुक्षेत्र के हरपाल सिंह चीका व लखविंदर पाल सिंह गरेवाल और विभिन्न जिलों के अन्य गैर सरकारी सदस्य भी मौजूद रहे और अपने सुझाव साझा किए।

बैठक में मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनंद मोहन शरण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल सहित अन्य प्रशासनिक सचिव भी मौजूद रहे।

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