मोदी जिस दिन संन्यास लेंगे, मैं भी उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगी : स्मृति ईरानी


BY sach ki dastak team on 04/02/2019


पुणे न्यूज :

 केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दिन राजनीति से संन्यास लेंगे, उस दिन वह भी राजनीति को अलविदा कह देंगी.

स्मृति ने रविवार को पुणे में वर्ड्स काउंट महोत्सव के दूसरे संस्करण में परिचर्चा के दौरान यह बयान दिया. हालांकि, उन्होंने इस दौरान अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर किसी तरह का जवाब देने से इनकार किया.

सूत्रों के मुताबिक, स्मृति ने कहा कि हर कोई  जानना चाहता है कि क्या मैं अमेठी से चुनाव लड़ूंगी. हालांकि यह कार्यक्रम वर्ड्स काउंट का है तो इस मामले में अमित शाह फैसला लेंगे.

Smriti Irani on being asked ‘when will one see pradhan sevak Smriti Irani”, at Words Count festival in Pune: Never.I entered politics to work under charismatic leaders.I was very lucky to work under leadership of late Atal Bihari Vajpayee&I’m currently serving under Narendra Modi

स्मृति ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी ने मुझे गुजरात से सांसद बनाया और गुजरात से राज्यसभा के लिए चुनाव के दौरान उन्होंने उम्मीदवार के तौर पर मेरे नाम का प्रस्ताव रखा. जब मुझे मानव संसाधन मंत्री के तौर पर सेवा करने का मौका मिला, तो नेतृत्व के अलावा किसी ने नहीं सोचा था कि मैं इस पर खरी उतरूंगी और जब मुझे कपड़ा मंत्रालय दिया गया तो मैंने महसूस किया कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन में 10-20 फीसदी की कमी है. हमने तुरंत सुनिश्चित किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हो और अहमदाबाद में एक रिसर्च सेंटर की स्थापना हो, जहां हम इसरो को उपग्रहों के निर्माण में सहयोग कर सकें.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘मुझे सेलिब्रिटी पत्रकारों, नेताओं और अन्य ने ट्रोल भी किया. आपको अपमानित करने या सेक्सुअली ऑब्जैक्टिफाई करने के पीछे मंशा यही होती है कि आपके जज्बे को तोड़ा जा सके. मुझे शुरुआत में सिखाया गया कि माफ कर दो लेकिन भूलो मत.’

प्रियंका गांधी के राजनीति में प्रवेश के सवाल पर स्मृति ने उन्हें मिसेज वाड्रा संबोधित कर कहा कि यह एक आजाद मुल्क है, जहां हर कोई खुद अपने फैसले ले सकता है.

स्मृति ने महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के लिए पार्टी के समर्थन की सराहना की लेकिन साथ में यह भी कहा कि टिकटों का वितरण सीट से उम्मीदवार के चुनाव जीतने की संभावना के नजरिए से होता है. संगठन यह फैसला करता है कि किसी निर्वाचन क्षेत्र से किसी उम्मीदवार के जीतने की कितनी गुंजाइश है, फिर चाहे वह उम्मीदवार पुरूष हो या महिला. यहां किसी भी शख्स की प्रतिभा और क्षमता को ध्यान में रखा जाता है.

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