दो विश्वविद्यालयों की वैकेंसी में एक भी आरक्षित पद नहीं,बीजेपी के दो मंत्रियों में तनातनी-

नई दिल्ली।

दो केंद्रीय विश्वविद्यालयों की ओर से हाल ही में निकाली गई रिक्तियों में एक भी पद आरक्षित नहीं है। इसको लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से नाखुशी जाहिर की है।

इसको लेकर गहलोत ने कहा है कि इस तरह को पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व ही नहीं मिल पाएगा। इसको लेकर दोनों मंत्रियों के बीच अनबन की भी खबरें हैं।

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय और राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में 85 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ है। इसमें विभागवार 13 रोस्टर प्वाइंट लागू होने के चलते कोई सीट आरक्षित नहीं है। यूजीसी के सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं की भर्तियां अगले आदेश तक के लिए स्थगित रखने के बावजूद हरियाणा और राजस्थान विवि ने भर्तियों का ये विज्ञापन निकाला है।

गहलोत ने कहा है कि यूजीसी ने विभागवार भर्ती को लेकर मार्च 2018 में गाइडलाइन जारी की थी तब मैंने मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को आशंका जाहिर की थी कि इससे आरक्षित सीटें प्रभावित होंगी। लेकिन जावड़ेकर ने भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। अब विवि में निकलने वाली प्राध्यापक स्तर की भर्ती में आरक्षित वर्ग को काफी नुकसान हुआ है।

गहलोत का कहना है कि जावड़ेकर के आश्वासन के बावजूद ये हुआ है। उन्होंने कहा कि जावड़ेकर ने मुझसे सुप्रीम कोर्ट में जल्द रिव्यू पिटीशन लगाएंगे।

19 जुलाई 2018 के यूजीसी के सर्कुलर के अनुसार सभी उच्च शिक्षण संस्थाओं की भर्तियां अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी गई थीं।

वहीं सुप्रीमकोर्ट ने 22 जनवरी को उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में विभागवार रोस्टर लागू करने के संबंध में आदेश दिया है।

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