तुर्की ने इस्लामिक देश में बांट दी पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर वाली किताबें, लोगों ने आग-बबूला हो किया आग के हवाले

तुर्की एक मुस्लिम बहुल्य देश हैं जहां करीब 98 फीसदी जनता इस्लाम को मानती है। तुर्की सऊदी से उसकी जगह छीनकर इस्लामिक दुनिया का नेतृत्व करने की भूमिका में आने की चाहत में है। लेकिन इन दिनों तुर्की की किताब ने सीरिया में एक नए फसाद को जन्म दे दिया है। दरअसल, तुर्की के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से उत्तरी सीरिया के क्षेत्र में कुछ किताबें वितरित करवाई गईं। लेकिन इन किताबों में पैगंबर मोहम्मद का चित्रण किए जाने की वजह से काफी बवाल मच गया। किताबों के वितरित किए जाने के बाद सीरिया के क्षेत्र में लोग पैगंबर की फोटो देख आक्रोशित हो उठे और किताबों को आग के हवाले में कर दिया।

समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार इस किताब को तुर्की के शिक्षा मंत्रालय की ओर से तैयार किया गया था। इसे सीरिया के कुछ खास हिस्से में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार की गई थी। लेकिन इसमें प्रकाशित कुछ चित्रों को वहां के लोगों ने ईशा निंदा के रूप में देखा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तुर्की बॉर्डर के पास जाराब्लस में रहने वाले लोगों ने इस किताब की सभी प्रतियों को जला दिया। कहा ये भी जा रहा है कि अगर तुर्की की तरफ से इस पाठ्यपुस्तक को वापस नहीं लिया गया तो विरोध प्रदर्शन तेज होगा।

वैसे तो कुरान में पैगंबर मोहम्मद के चित्र को लेकर परोक्ष रूप से किसी किस्म की रोक या प्रतिबंध नहीं है। लेकिन मुस्लिम समाज ऐसे चित्रण को ईशा-निंदा के रूप में ही देखते हैं। पिछले साल अक्टूबर में फ्रांस में घटी थी। सेमुअल पेटी नामक एक फ्रांसीसी अध्यापक की हत्या अब्दुल्ला अजारोव ने इसलिए कर दी थी कि उसने अपनी कक्षा में पैगंबर मुहम्मद के कार्टून दिखा दिए थे।

Sach ki Dastak

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