दो दिवसीय तटवर्ती रक्षा युद्धाभ्यास ‘सी विजिल’-


नई दिल्ली, 29 जनवरी 2019, सच की दस्तक न्यूज़।


प्रदेश सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से निकटवर्ती समन्वय से भारतीय नौसेना तथा भारतीय तटरक्षक बल द्वारा आयोजित प्रथम तटीय रक्षा युद्धाभ्यास ‘सी विजिल’ दिनांक 23 जनवरी 2019 को समाप्त हुआ। यह हालिया समय में देश द्वारा देखा गया अब तक का अपने प्रकार का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास था एवं इसमें 100 से अधिक पोत, वायुयान एवं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संचालित गश्ती नावों ने भागीदारी की।

यह युद्धाभ्यास में दो स्पष्ट चरण थे। प्रथम चरण में भाग लेने वाले सभी हिस्सेदारों ने अपने संस्थानों की मज़बूती का मूल्यांकन किया। दूसरे चरण के दौरान केरल एवं लक्षद्वीप के माध्यम से समुद्र में घुसपैठ कराकर महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों एवं संसाधनों पर निर्मित हमले किये गए। विरोधी बल द्वारा ज़ब्त की गई मछली पकड़ने वाली आधुनिक नौकाओं के ज़रिये तट पर घुसपैठ रोकने में सुरक्षा एजेंसियां सफल रहीं। सुरक्षा संबंधी अन्य आकस्मिक घटनाओं जैसे पोत के अपहरण एवं कोच्चि बंदरगाह के समुद्रगामी प्रतिष्ठानों पर हमलों पर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया का मूल्यांकन भी किया गया। सभी संबंधित हिस्सेदारों के साथ करीबी समन्वय से समुद्र में, तट के निकट एवं अंदरूनी ज़मीनी क्षेत्रों में सुरक्षा अमले की बहु स्तरीय संरचना में कमियों की पहचान करने के लिए घुसपैठ की सभी कोशिशों का तेज़ी से विश्लेषण किया जाएगा।

लामबंदी चरण समेत दो दिन तक चले ‘सी विजिल’ युद्धाभ्यास में सभी एजेंसियों एवं सुरक्षा बलों की कार्रवाई की उच्च गति एवं बड़े स्तर पर तैनाती देखने को मिली। भारतीय नौसेना एवं भारतीय तटरक्षक बलों के सभी सामरिक केंद्र एवं पुलिस तथा कोच्चि बंदरगाह के नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय कर दिए गए एवं उन्होंने सूचना का परस्पर आदान-प्रदान किया। युद्धाभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों की टीमों ने मछली पकड़ने के लिये निर्धारित तटों, मछली संग्रहण केंद्रों, पुलिस नियंत्रण कक्षों एवं अन्य स्थानों के अलावा बंदरगाहों समेत एजेंसियों द्वारा कार्यान्वित सुरक्षा प्रबंधों का मूल्यांकन भी किया।

भारतीय नौसेना द्वारा संचालित एवं सभी हिस्सेदारों द्वारा सहायता प्राप्त ‘सी विजिल’ युद्धाभ्यास से कमियों की भरपाई में, संसाधनों की वृद्धि हेतु नये तरीक़े ढूंढने में, उच्चतर प्राधिकरणों के समक्ष समाधान प्रस्तुत करने एवं कार्य निष्पादन की सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों को बेहतर बनाने में सहायता प्राप्त होगी। सभी हिस्सेदारों की सक्रिय सहायता से ऐसे युद्धाभ्यास संपूर्ण सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे एवं देश विरोधी तत्वों के दुस्साहसिक कदमों को रोकने में आत्मविश्वास की वृद्धि करेंगे।

वाइस एडमिरल अनिल कुमार चावला, अति विशिष्ट सेवा मेडल, नौसेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, कोस्टल डिफेंस के कमांडर इन चीफ ने कोच्चि के ज्वाइंट ऑपरेशन सेंटर में नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, तटीय पुलिस एवं अन्य एजेंसियों की उपस्थिति में ‘सी विजिल’ युद्धाभ्यास की प्रगति की समीक्षा की।

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